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डॉ. पार्थ ने स्वीडन में बाइपोलर डिसऑर्डर और हड्डियों के स्वास्थ्य पर पेश किया शोध

Dr Parth Kanchkar
विश्व मनश्चिकित्सा कांग्रेस (World Congress of Psychiatry 2026) का आयोजन 23 से 26 सितंबर 2026 तक स्टॉकहोम, स्वीडन में किया गया है। इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में इंदौर स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (ESIC MCH Indore) के मनोरोग विभाग में सीनियर रेजिडेंट डॉ. पार्थ कांचकर ने अपना शोध पत्र (पोस्टर) सफलतापूर्वक प्रस्तुत किया। डॉ. कांचकर ने यह प्रस्तुति 24 सितंबर 2026 को दी।
 
डॉ. पार्थ कांचकर के शोध का विषय "बाइपोलर डिसऑर्डर के मरीजों में क्लिनिकल मापदंडों के साथ बोन मिनरल डेंसिटी का संबंध" (Association of bone mineral density with clinical parameters in bipolar disorder patients) था।

शोध का महत्व एवं मुख्य बिंदु

  • फ्रैक्चर से बचाव और समय पर पहचान : यह शोध मानसिक बीमारियों (विशेष रूप से बाइपोलर डिसऑर्डर) से पीड़ित मरीजों, विशेषकर बुजुर्गों में हड्डियों की कमजोरी (ऑस्टियोपोरोसिस) और फ्रैक्चर जैसी गंभीर समस्याओं को समय रहते पहचानने और उनसे बचाव में अत्यंत मददगार साबित होगा।
  • जीवन की गुणवत्ता में सुधार : मानसिक रूप से अस्वस्थ और बुजुर्ग मरीजों के शारीरिक स्वास्थ्य की समय पर देखभाल से उनके जीवन की समग्र गुणवत्ता (Quality of Life) में बड़ा सुधार लाया जा सकता है।
  • आर्थिक बचत : मरीजों को गंभीर विकलांगता और लंबे इलाज से बचाकर, यह शोध आश्रितों की देखभाल में लगने वाले सरकारी और व्यक्तिगत खर्च को कम करने में भी सहायक होगा।
अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस बड़े मंच पर इंदौर के एक युवा चिकित्सक द्वारा शोध की प्रस्तुति न केवल इंदौर शहर बल्कि संपूर्ण मध्य प्रदेश और देश के चिकित्सा एवं मनोरोग क्षेत्र के लिए अत्यंत गर्व का विषय है। इंदौर के मनोरोग विशेषज्ञ समुदाय और ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज परिवार ने डॉ. पार्थ कांचकर को इस उपलब्धि पर बधाई व शुभकामनाएं दी हैं।
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