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Navratri 2025: इस अनोखे मंदिर में माता को चढ़ता है मोमोज और नूडल्स का प्रसाद, जानिए चीन से क्या है संबंध
Monday,September 22, 2025
Navratri 2025: मां वैष्णो देवी गुफा में आदि कुंवारी से लेकर भैरव शरीर तक छुपे हैं कई चमत्कारी रहस्य, जानकर हैरान रह जाएंगे आप
Navratri 2025: माता के इस मंदिर में चढ़ता है 12 दिन के नवजात से लेकर 100 साल के बुजुर्ग तक का रक्त, जानिए कौन सा है मंदिर
Navratri 2025: इस मंदिर में युगों से देवी कर रही अपने भक्त की प्रतीक्षा, मूर्ति नहीं जीवंत अग्नि के रूप में विराजमान हैं माता
Shardiya navratri 2025: मालवा के 9 खास दुर्गा मंदिर, जहां जाकर होगी मन्नत पूरी
माता के इस मंदिर में बिना मुहूर्त के होती हैं शादियां, विदेशों से शादी के लिए आते हैं भक्त
Saturday, April 5, 2025
हिमाचल के इस मंदिर में खुले प्रांगण में विराजी हैं माता, फिर भी मूर्तियों पर नहीं जमती बर्फ, जानिए रहस्य
Friday, April 4, 2025
देश के इन पांच दुर्गा मंदिरों में दर्शन का है विशेष महत्व, आप भी लीजिए दर्शन का लाभ
Friday, March 28, 2025
नवरात्र में कर रहे हैं वैष्णो देवी जाने की प्लानिंग, जान लें व्यवस्था से जुड़ी यह जरूरी खबर
Friday, March 28, 2025
उज्जैन के इस शक्तिपीठ पर राजा विक्रमादित्य ने 11 बार देवी को अर्पित किया था अपना शीश, जानिए मंदिर से जुड़े रहस्य
Wednesday, March 26, 2025
इस शक्तिपीठ में अनुष्ठान के बाद भारत से भाग खड़ी हुई थी चीन की सेना, सत्ता प्राप्ति के लिए आते हैं देश के बड़े नेता
Wednesday, March 26, 2025
ये हैं मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध देवी माता मंदिर, दर्शन करने से मिलती है देवी मां की विशेष कृपा
Tuesday, March 25, 2025
ये है चाइनीज काली मंदिर, मिठाइयों की जगह चढ़ाया जाता है नूडल्स और मोमोज का प्रसाद
Monday, March 24, 2025
Navratri 2024: माता को क्यों कहा जाता है पहाड़ों वाली, जानिए इस नाम के पीछे का अर्थ
Saturday, October 5, 2024
Navratri 2024: देवी का एक ऐसा रहस्यमयी मंदिर जहां बदलती रहती है माता की छवि, भक्तों का लगता है तांता
Saturday, October 5, 2024
सिर्फ नवरात्रि के 9 दिनों में खुलता है देवी का ये प्राचीन मंदिर, जानिए क्या है खासियत
Saturday, October 5, 2024
Navratri Special : उत्तराखंड के इस मंदिर में छिपे हैं अनोखे चुम्बकीय रहस्य, वैज्ञानिक भी नहीं खोज पाए हैं कारण
Friday, October 4, 2024
Lalita panchami date time: उपांग ललिता व्रत कब रखा जाएगा, जानिए महत्व, पूजा का मुहूर्त और विधि
Friday, October 4, 2024
Navratri 2024: माता के इस मंदिर में खून चढ़ाकर मां को प्रसन्न करते हैं भक्त, सदियों से चली आ रही है यह विचित्र परंपरा
Friday, October 4, 2024
आंध्र प्रदेश का एक ऐसा रहस्यमयी मंदिर जहां हवा में तैरता है स्तंभ
Thursday, September 26, 2024
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मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान
वृषभ राशि के मंगल का 24 जुलाई 2026 को रोहिणी नक्षत्र से मृगशिरा नक्षत्र में गोचर होगा, जहां वे 12 अगस्त तक रहेंगे। मंगल के इस नक्षत्र परिवर्तन के चलते 3 राशि के लोगों को 12 अगस्त तक रहना होगा सावधान। चलिए जानते हैं कि किन राशि 3 राशियों को रहना होगा सावधान।
Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म
देकार्त के जीवन का सबसे बड़ा ध्येय यह था कि दर्शनशास्त्र को भी गणित (Mathematics) की तरह सटीक, अकाट्य और संदेह से परे बनाया जाए। वे एक ऐसा सार्वभौमिक सत्य खोजना चाहते थे, जिस पर कोई भी प्रश्नचिह्न न लगा सके। इसी विचार ने बुद्धिवाद (Rationalism) की नींव रखी। आइए, देकार्त के इस अद्भुत दार्शनिक चिंतन के 4 प्रमुख स्तंभों को गहराई से समझते हैं।
मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव
वृषभ राशि के मंगल का 24 जुलाई 2026 को रोहिणी नक्षत्र से मृगशिरा नक्षत्र में गोचर होगा, जहां वे 12 अगस्त तक रहेंगे। ज्योतिष की दुनिया में एक बड़ा हलचल भरा मोड़ आ चुका है- बुध ग्रह अपनी ही प्रिय राशि मिथुन में सीधे (मार्गी) चलने लगे हैं। अब जब बुद्धि और संवाद का कारक ग्रह सीधी चाल चलेगा, तो जाहिर है आपकी सोच, बातचीत और फैसलों की रफ्तार भी बदल जाएगी।
Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?
Raksha Bandhan 2026: हिन्दू पंचांग के अनुसार, रक्षा बंधन का पर्व प्रतिवर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। भारतीय संस्कृति में इसे मिठास और खुशियों का उत्सव माना गया है। यह भाई-बहन के प्रेम का पावन पर्व है। यहां जानें रक्षा बंधन 2026 कब है? जानें रक्षा बंधन 2026 की तारीख...
चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय
Chaturmas Astrology Remedies: हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार चातुर्मास यह चार महीनों का पवित्र काल भगवान विष्णु के योगनिद्रा में जाने से प्रारंभ होकर देवउठनी एकादशी पर समाप्त होता है। यदि आप अपनी राशि के अनुसार चातुर्मास में कुछ विशेष उपाय करते हैं, तो जीवन में आ रही और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। यहां जानें 12 राशियों के लिए चातुर्मास के अचूक उपाय...
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Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 17 सितंबर 2026: गुरुवार का पंचांग और शुभ समय
17 September 2026 Today Shubh Muhurat: क्या आप आज कोई नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं? या कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाले हैं? ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य को सही मुहूर्त में करने से सफलता की संभावना बढ़ जाती है। 'वेबदुनिया' आपके लिए लेकर आया है 17 सितंबर, 2026 का विशेष पंचांग और शुभ-अशुभ मुहूर्त।
शनि और शुक्र का षडाष्टक योग, 5 राशियों के लिए अटके कार्य होंगे पूर्ण, मिलेगा भाग्य का साथ
ज्योतिष शास्त्र में शनि और शुक्र का संबंध अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। वर्तमान में शनि ग्रह मीन राशि में और शुक्र ग्रह तुला राशि में विराजमान हैं। एक-दूसरे से छठे और आठवें भाव में स्थित होने के कारण शनि और शुक्र के मध्य षडाष्टक योग का निर्माण हुआ है।
Mahalakshmi Vrat 2026: कब से कब तक रहेगा महालक्ष्मी व्रत? जानें तिथि, महत्व और पूजा के खास नियम
भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से धन, ऐश्वर्य और समृद्धि की अधिष्ठात्री देवी माँ महालक्ष्मी का पावन व्रत आरंभ होता है। यह प्रसिद्ध व्रत गणेश चतुर्थी के ठीक चार दिन बाद शुरू होता है और निरंतर 16 दिनों तक रखा जाता है। उत्तर भारतीय पूर्णिमान्त कैलेंडर के अनुसार, इस 16 दिवसीय महालक्ष्मी व्रत का समापन आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को होता है।
Vishwakarma Jayanti : क्यों की जाती है भगवान विश्वकर्मा की पूजा, मशीन और औजारों का जयंती से क्या है संबंध?
Vishwakarma Jayanti 2026: विश्वकर्मा जयंती (विश्वकर्मा पूजा) हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो देवशिल्पी और ब्रह्मांड के पहले वास्तुकार भगवान विश्वकर्मा के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। विश्वकर्मा जयंती सूर्य कैलेंडर (कन्या संक्रांति) के अनुसार मनाई जाती है। जब सूर्य सिंह राशि से निकलकर कन्या राशि में प्रवेश करता है, उसी दिन यह पर्व मनाया जाता है। इस बार यह पर्व 17 सितंबर, गुरुवार 2026 को मनाया जा रहा है। आइए जानते हैं इस दिन क्यों होती है भगवान विश्वकर्मा की पूजा? मशीन और औजारों का भगवान विश्वकर्मा जयंती से क्या है संबंध?
Kanya Sankranti 2026: कन्या संक्रांति कब है? जानें महत्व, पूजा विधि और इस दिन दान करने से मिलने वाले पुण्य
सूर्य के एक राशि से दूसरे राशि में गोचर करने को संक्रांति कहते हैं। संक्रांति एक सौर घटना है। हिन्दू कैलेंडर के अनुसार पूरे वर्ष में प्रायः कुल 12 संक्रान्तियाँ होती हैं और प्रत्येक संक्रांति का अपना अलग महत्व होता है। शास्त्रों में संक्रांति की तिथि एवं समय को बहुत महत्व दिया गया है 17 सितंबर 2026 को सूर्य सिंह से निकलकर कन्या राशि में गोचर करेगा। इस गोचर को कन्या संक्रांति कहते हैं।
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