ट्रोल्स और आलोचनाओं के बीच 'टॉक्सिक' के बचाव में उतरे ऋषभ शेट्टी, यश के लिए लिखा भावुक नोट
रॉकिंग स्टार यश की बहुचर्चित फिल्म 'टॉक्सिक' का जब ऐलान हुआ, तो उम्मीदें आसमान छू रही थीं। फिल्म में पैन-इंडिया स्टारकास्ट और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता डायरेक्टर गीतू मोहनदास का नाम जुड़ने से इसे सिनेमा का अगला बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा था। हालांकि, थिएटर्स में रिलीज होते ही यह फिल्म दर्शकों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी और फैंस के बीच भारी निराशा का कारण बन गई।
बंपर ओपनिंग के बावजूद, फिल्म को मिल रहे खराब 'वर्ड ऑफ माउथ' और इंटरनेट पर हो रही ट्रोलिंग के कारण बॉक्स ऑफिस पर इसकी कमाई लगातार गिरती जा रही है। ऐसे मुश्किल समय में कन्नड़ सिनेमा के एक और बड़े स्टार 'कांतारा' फेम ऋषभ शेट्टी यश के सपोर्ट में आगे आए हैं।
बॉक्स ऑफिस पर क्यों फीकी पड़ी 'टॉक्सिक'?
'KGF Chapter 2' जैसी ऐतिहासिक सफलता के बाद, फैंस को उम्मीद थी कि यश का अगला कदम भारतीय सिनेमा में एक नया मानदंड स्थापित करेगा। लेकिन 'टॉक्सिक' का कलेवर और कहानी का अंदाज व्यावसायिक सिनेमा की तयशुदा लीक से काफी अलग निकला।
फिल्म विश्लेषकों का मानना है कि पहले दिन फैंस की भारी भीड़ के कारण ओपनिंग तो धमाकेदार रही, लेकिन धीरे-धीरे नेगेटिव रिव्यू और आम दर्शकों से कनेक्ट न कर पाने की वजह से फिल्म का बिजनेस कमजोर पड़ने लगा। सोशल मीडिया पर भी यश के लुक और फिल्म के ट्रीटमेंट को लेकर तीखी आलोचनाएं शुरू हो गईं।
As an artist, when you play a character, you try to bring it to life from the bottom of your heart. And here, I am truly impressed by the conviction with which the struggle of a powerful man has been portrayed.
— Rishab Shetty (@shetty_rishab) August 29, 2026
Maybe the plot and driving characters are not on the usual track on…
ऋषभ शेट्टी का यश के लिए दिल छू लेने वाला सपोर्ट
जब चारों तरफ से फिल्म 'टॉक्सिक' को निशाना बनाया जा रहा था, तब 'कांतारा' जैसी ग्लोबल ब्लॉकबस्टर देने वाले ऋषभ शेट्टी ने सोशल मीडिया पर एक खास नोट लिखकर यश की हिम्मत और उनके प्रयोग की खुलकर सराहना की।
ऋषभ शेट्टी ने लिखा, एक कलाकार के तौर पर जब आप किसी किरदार को निभाते हैं, तो उसे पूरे दिल से जीवंत करने की कोशिश करते हैं। 'टॉक्सिक' में एक ताकतवर इंसान के अंदरूनी संघर्ष और उसके आत्मविश्वास को जिस तरह पर्दे पर लाया गया है, मैं उससे गहराई से प्रभावित हूं।
फिल्म के अलग और जटिल मिजाज पर बात करते हुए ऋषभ ने साफ किया कि अगर कोई फिल्म लीक से हटकर बनती है, तो उसे गलत नहीं ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक विचार को पर्दे तक लाने में पूरी टीम का खून-पसीना लगता है।
ऋषभ ने आगे लिखा, हो सकता है कि इस फिल्म की कहानी और इसके किरदार उस बने-बनाए रास्ते पर न चलते हों, जिस पर ज़्यादातर व्यावसायिक फिल्में चलती हैं। लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि वह रास्ता गलत है। दर्शकों को यह महसूस कराना बिल्कुल आसान नहीं होता कि कैसे एक अपराधबोध इंसान के अंदर धीरे-धीरे बढ़कर उसकी ज़िंदगी में ज़हर घोल देता है। आपने ऐसा साहसी प्रयोग किया, और इस कोशिश में मैं पूरी तरह आपके साथ हूँ, सर।
कन्नड़ सिनेमा को ग्लोबल पहचान दिलाने का जुनून
ऋषभ शेट्टी ने यश के उस दृष्टिकोण की भी तारीफ की, जिसने कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री को दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाया है। ऋषभ ने अपने नोट का अंत यश को सलाम करते हुए किया और कहा कि कन्नड़ सिनेमा को ग्लोबल स्टेज पर ले जाने के लिए पूरा सिनेमा जगत उनके इस जुनून और मेहनत का सम्मान करता है।
क्या बॉक्स ऑफिस पर वापसी कर पाएगी 'टॉक्सिक'?
फिल्म को भले ही क्रिटिक्स और एक वर्ग की आलोचना झेलनी पड़ रही हो, लेकिन सिनेमा जगत से मिल रहे इस तरह के सम्मान ने यह साबित कर दिया है कि यश ने कुछ अलग करने का जोखिम उठाया है। भले ही 'टॉक्सिक' की कमर्शियल राह अभी कठिन दिख रही हो, लेकिन ऋषभ शेट्टी जैसे सितारों का सपोर्ट यह दर्शाता है कि भारतीय सिनेमा में प्रयोगधर्मी कहानियों की कद्र करने वाले लोग आज भी मौजूद हैं।

