Drishyam 3 Cast Fees: 2 अक्टूबर के आखिरी खेल के लिए अजय देवगन ने ली भारी रकम, जानें तब्बू और श्रिया सरन को मिले कितने करोड़?
पहले दो भागों की बेमिसाल कामयाबी के बाद अब निर्देशक अभिषेक पाठक इस रोमांचक कहानी का आखिरी अध्याय 'दृश्यम: द कन्क्लूजन' (दृश्यम 3) लेकर आ रहे हैं। जैसे-जैसे फिल्म की रिलीज करीब आ रही है, वैसे-वैसे कहानी के सस्पेंस के साथ-साथ यह सवाल भी गलियारों में गूंज रहा है कि अपने किरदारों में जान फूंकने के लिए कलाकारों ने आखिर कितनी जेबें भरी हैं।
इंडस्ट्री के अंदरूनी सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फ्रेंचाइजी के इस ग्रैंड फिनाले के लिए सितारों ने तगड़ी फीस ली है:
- अजय देवगन (विजय सलगांवकर): फिल्म की रीढ़ और अपने परिवार को हर हाल में बचाने वाले विजय का किरदार निभाने के लिए अजय देवगन को सबसे तगड़ा मेहनताना मिला है। खबरों के अनुसार, उन्होंने इस आखिरी पार्ट के लिए करीब 18 करोड़ रुपये की मोटी रकम चार्ज की है।
- तब्बू (मीरा देशमुख): पूर्व आईजी मीरा देशमुख के किरदार में तब्बू की धारदार अदायगी इस सीरीज की सबसे बड़ी ताकत रही है। अपने बेटे के इंसाफ और विजय के झूठ की परतें खोलने की इस लड़ाई के लिए तब्बू को कथित तौर पर 2.5 करोड़ से 3.5 करोड़ रुपये के बीच फीस मिली है।
- श्रिया सरन (नंदिनी सलगांवकर): खौफ और ममता के बीच जूझती नंदिनी के किरदार में श्रिया सरन एक बार फिर वापसी कर रही हैं। इस फिल्म के लिए उनकी फीस लगभग 1 करोड़ रुपये से 1.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
- इशिता दत्ता (अंजू सलगांवकर): सलगांवकर परिवार की बड़ी बेटी, जिसके इर्द-गिर्द पूरी घटना की शुरुआत हुई थी, का किरदार निभाने वाली इशिता दत्ता को इस भाग के लिए करीब 50 लाख रुपये का भुगतान किया गया है।
- रजत कपूर (महेश देशमुख): मीरा के पति महेश देशमुख के संजीदा रोल में नजर आने वाले अनुभवी अभिनेता रजत कपूर को कथित तौर पर 40 लाख से 70 लाख रुपये मिले हैं।
- प्रकाश राज: फिल्म में एक बेहद अहम भूमिका में नजर आ रहे प्रकाश राज की मौजूदगी ने तीसरे भाग के रोमांच को दोगुना कर दिया है, हालांकि उनकी फीस का आंकड़ा अभी आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आया है। लेकिन बताया जा रहा है कि उन्होंने करीब 2 करोड़ रुपये फीस ली है।
बजट और फीस के इन आंकड़ों से साफ है कि मेकर्स ने इस फाइनल थ्रिलर को बड़े पैमाने पर तैयार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। अब देखना यह होगा कि 2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में विजय सलगांवकर अपने परिवार को कानूनी शिकंजे से हमेशा के लिए बचा पाता है या सच आखिरकार सामने आ जाता है।

