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  4. 25th Bharat Rang Mahotsav will feature 277 plays and will launch a radio and OTT channel
Last Updated : शुक्रवार, 23 जनवरी 2026 (16:56 IST)

25वें 'भारत रंग महोत्सव' का होने जा रहा शुभारंभ, होंगे 277 नाटक, शुरू होगा एनएसडी का रेडियो-ओटीटी चैनल

Bharat Rang Mahotsav
'भारत रंग महोत्सव' (भारंगम/BRM) 27 जनवरी से शुरू होकर 22 फरवरी 2026 तक चलेगा। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, दिल्ली (NSD) के इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में कुल 277 नाटकों का मंचन होगा। इनमें 136 चयनित और 12 विदेशी नाटक शामिल हैं। नाटकों का प्रदर्शन देश के 40 केंद्रों पर किया जाएगा। साथ ही सातों महाद्वीपों के कम से कम एक देश में भी ड्रामा शोज़ होंगे। शुभारंभ के दिन से एनएसडी का अपना रेडियो, पॉडकास्ट और ओटीटी चैनल भी शुरू होगा।
 

थिएटर का महाकुंभ जनता का महोत्सव

एनएसडी के निदेशक चित्तरंजन त्रिपाठी ने यह बात एनएसडी के सम्मुख सभागार में आयोजित प्रेस मीट में कहीं। उन्होंने मीडिया कर्मियों के कुछ अहम सवालों के जवाब भी दिए। त्रिपाठी ने कहा, 'थियेटर का ये महाकुंभ- जनता का, जनता के द्वारा और जनता के लिए एक अंतरराष्ट्रीय महोत्सव है। यहां पर कई संस्कृतियों और विचारधाराओं का संगम देखने को मिलता है। ज्ञान का आदान-प्रदान होता है।
 

विश्व का सबसे बड़ा नाट्य महोत्सव 

प्रारंभ में उपाध्यक्ष प्रो. भरत गुप्त ने कहा, भारंगम, विश्व का सबसे बड़ा नाट्य महोत्सव है, जो भारत की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाता है। यह हमारे लोकतंत्र का प्रतीक है। यही महोत्सव की बड़ी विशेषता है, जिस पर ज़ोर दिया जाना चाहिए। इस अवसर पर नाट्य विद्यालय के रजिस्ट्रार प्रदीप के. मोहंती, प्रो. शांतनु बोस और फेस्टिवल कंट्रोलर सुमन वैद्य भी मौजूद थे। सभी ने भारंगम के 25वें महोत्सव का पोस्टर भी जारी किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रकाश झा ने किया।
 

एनएसडी का रेडियो, पॉडकास्ट और ओटीटी 

त्रिपाठी ने बताया कि 'एनएसडी के अपने रेडियो-पॉडकास्ट की औपचारिक घोषणा महोत्सव के शुभारंभ के अवसर पर होना थी, लेकिन इसपर पूछे गए सवाल की वजह से वे यह जानकारी साझा कर रहे हैं। उन्होंने कहा, रेडियो, पॉडकास्ट और ओटीटी चैनल के लिए राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के पास नाटकों का विशाल ख़ज़ाना है, जिसका लाभ इन प्रसार माध्यमों से दुनिया भर के नाट्य प्रेमियों को मिल सकेगा।
 

जश्न-ए-बचपन और बाल संगम की वापसी

त्रिपाठी ने कहा कि इस बार के महोत्सव में जश्ने बचपन और बाल संगम की प्रस्तुतियां भी होंगी। बाल रंगमंच की गतिविधियां 2019 के बाद से थमी हुई थीं, लेकिन 25 वें संस्करण से इनकी वापसी हो रही है। इनमें आदिवासियों की कला और शिल्प का ‘आदि रंग महोत्सव’ भी शामिल है। उन्होंने बताया, 2026 के इस संस्करण में कई देशी और विदेशी सांस्कृतिक और शैक्षणिक संस्थानों का सहयोग मिला है। इनमें विभिन्न अकादमियां भी शामिल हैं। संस्कृति मंत्रालय के अधीन सभी अकादमियों-विभागों में बेहतर समन्वयन है’।
 

बुक माय शो पर उपलब्ध होंगे टिकट 

त्रिपाठी ने बताया कि महोत्सव के टिकट ‘बुक माय शो’ से ही उपलब्ध होंगे। यह एक बेहतर और सर्वसुलभ डिजिटल व्यवस्था है। टिकट दरों में मामूली वृद्धि की गई है, जो केवल मंच के सामने की पंक्तियों पर लागू होगी। इससे विद्यालय को कुछ अतिरिक्त आय होगी, जो वर्तमान टिकट दरों की तुलना में बहुत कम है। उन्होंने कहा, हम भी चाहेंगे कि हमारे टिकट भी ‘ब्रॉडवे थियेटर’ की तरह ऊंचे दामों के हों, कला को उचित मान और दर्जा मिले।
 

चयन प्रक्रिया और भाषाई विविधता 

इस बार देश भर से 817 और विदेशों से 34 आवेदन प्राप्त हुए थे। दो राउंड की स्क्रीनिंग के बाद चयन समितियों के 90 सदस्यों ने 136 नाटकों का चयन किया। सभी के लिए एक सी प्रक्रिया अपनाई गई। चाहे वह भारत के किसी सुदूर अंचल से आया नाटक हो या फिर रूस, अमेरिका से। सभी में परफॉरमेंस या प्रस्तुति के स्तर को ही देखा गया। उसके बाद ही उन्हें चयनित किया गया।
 
त्रिपाठी ने कहा, विदेशी नाट्य संस्थाओं और थिएटर एजुकेशन से जुड़े संस्थानों ने भी नाट्य विद्यालय के इस महोत्सव में अपने स्तर पर जुड़ने में ख़ासी रुचि दिखाई है। वे परफॉर्म करने के साथ ही खर्च भी वहन कर रहे हैं। पोलेंड से लेकर, मैड्रिट और मास्को तक परफॉरमेंस होंगे। हर महाद्वीप के कम से कम एक देश में नाट्य प्रस्तुति 25 वें भारंगम का हिस्सा बनेंगी। इसमें इंडियन डायस्पोरा का महत्वपूर्ण योगदान है।  
 

महोत्सव में महिला निर्देशकों की भागीदारी

नाट्य विद्यालय के निदेशक ने कहा, महोत्सव में भगवान बिरसा मुंडा, लोकमाता अहिल्या बाई, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसी ऐतिहासिक हस्तियों और रतन थियम, दया प्रकाश सिन्हा, बंसी कौल तथा आलोक चटर्जी जैसी थिएटर हस्तियों को याद किया जाएगा। इब्राहिम अलकाजी की जन्मशती पर उनके योगदान को लेकर एक विशेष सेमिनार आयोजित होगा। विविध संस्कृतियों के इस समागम में कई विशेष हस्तियां भी शामिल होंगी जो संवाद और संगीत कार्यक्रमों में भाग लेंगी।
 
त्रिपाठी ने कहा, इस महोत्सव में हर तरह के रंगमंच को देखने का अवसर मिलेगा। इस बार आयोजन में वरिष्ठ नागरिकों, सेक्स वर्करों, ट्रांसजेंडर और विशेष बच्चों की भागीदारी भी हो रही है। संयोग से इस बार 33 महिला निर्देशकों,19 विश्वविद्यालयों और 14 स्थानीय समूह भी अपनी प्रस्तुतियां देंगे। कुल 277 प्रस्तुतियों में 228 भाषाओं और बोलियों का समावेश भारंगम में होगा। श्रुति के तहत कोई 17 नई पुस्तकों का विमोचन भी किया जाएगा।