'मुसाफिर कैफे' की एक्ट्रेस वेदिका पिंटो ने बताया क्यों लव स्टोरी देखना करती हैं पसंद
'मुसाफिर कैफे' इस सीरीज के बारे में मैं इतना बताती हूं कि यह एक किताब पर आधारित है, लेकिन यह किताब मैंने पढ़ी नहीं है। लेखक जो दिव्य प्रकाश द्विवेदी जी हैं वह जाने-माने लेखक है। मेरे जिंदगी में कि यह किताब जो है, मेरी कुक सोनी पढ़ रही थी। एक दिन मैंने अपने किचन में देखा कि यह किताब पडी हुई है और तब तक सोनी को यह नहीं पता था कि मैं ऐसे किसी सीरीज पर काम भी कर रही हूं और फिर जाकर मैंने इस किताब को पहली बार अपनी आंखों से देखा।
यह किताब देखने के बाद मेरी नानी जी को मालूम पड़ा कि सोनी के पास मेरी यह किताब है। उन्होंने वह किताब सोनी से ली खुद पढ़ी और वह पढ़ने के बाद उन्होंने मुझे दी। शूट करते समय ये किताब पढ़ी नहीं है। यह कहना है एक्ट्रेस वेदिका पिंटो का जो कि 'मुसाफिर कैफे' में सुधा का रोल में निभा रही हैं और वह एक वकील की भूमिका में नजर आने वाली हैं।
मीडिया से बातचीत करते हुए हल्के-फुल्के क्षणों को जीते हुए वेदिका ने अपनी निजी जिंदगी और अपने व्यावसायिक जिंदगी की कई बातें साझा की। वेदिका ने बताया कि कई बार मुझसे पूछा गया कि इसे सीरीज में क्यों बनाया फिल्म क्यों नहीं बनाया। मुझे हमेशा लगता है कि सीरीज में आप अपने कैरेक्टर से ज्यादा जुड़ पाते हैं और लोग भी जुड़ाव महसूस करते हैं। बहुत गहराई के साथ कैरेक्टर को लिखा जा सकता है।
लगभग यही सवाल मुझे निशाननची के शूट के समय पूछा गया था। और मुझे तब भी यह लगा था कि अगर निशानची सीरीज बनती तो शायद वह न्याय नहीं हो पाता। अगर अनुराग सर ने ऐसे 2 पार्ट में बनाने का सोचा है तो वह सही निर्णय ही रहा होगा तभी उन्होंने यह निर्णय लिया और वैसे भी मैं हमेशा अपने लेखक पर पूरा भरोसा रखती हूं।
आप जेन-जी हैं। आज के समय में प्यार को आप की जनरेशन कैसे दिखती है?
मैं खूब सारा प्यार करना चाहती हूं। खूब सारा प्यार पाना भी चाहती हूं। लेकिन यह भी जानती हूं कि जब होना है, तब हो जाएगा। मैं उन लोगों में से नहीं हूं जो इस बात पर विश्वास करें कि जो बचपन से आप को सिखाया जाता है कि इस उम्र तक आपकी पढ़ाई हो जानी चाहिए। फिर शादी हो जानी चाहिए। फिर बच्चे हो जाना चाहिए।
मुझे ऐसा लगता है और विश्वास है कि जब आपको दिल से लगे कि अब आपको गृहस्थी की शुरुआत करनी है, तब आप शादी कीजिए। यह नहीं कि किसी की सुनकर और मानकर और किसी को देखकर आपने भी शादी कर ली। मुझे वह सब, ठीक नहीं लगता है। जब जो होना है तब हो जाएगा और जो लोग एक हैं ना कि मुझे प्यार में विश्वास नहीं है। शादी और रिश्ते में विश्वास नहीं। वह सब झूठ बोल रहे होते हैं।
यह एक लव स्टोरी है जो सीरीज में दिखाई गई है। आप किस तरीके की सीरीज देखना पसंद करती हैं।
मैं हमेशा से एक लव स्टोरी करना ही चाहती थी और फिर यह सीरीज मिल गई। असल में तो होता यह है कि रात को जब मैं सो रही होती हूं तो मुझे ऐसी एक आदत सी है कि एक कोई सीरीज लो उसका एक का एपिसोड देखो फिर सो जाओ। लेकिन जब आप क्राइम या थ्रिलर सीरीज देखते हो तो आपकी नींद डिस्टर्ब हो जाती हैं। नींद टूटती है। ऐसा सब कुछ हो जाता है लेकिन लव स्टोरी में कैसा होता है कि आप एक एपिसोड देखो और फिर आप शांति से सो जाओ। बड़े अच्छे मूड में आप सोते हो और मुसाफिर ऐसी ही सीरीज है?
आपका बहुत पहले वीडियो आया था लिग्गी, आपका वहां से लेकर अभी तक के सफर को आप कैसे देखती है खुश है?
अरे लिग्गी तो बहुत दिल के करीब है। मेरे इस के बीच भी मैंने बहुत सारे काम किए और इतना खुशी होती है। सोच ले कि मैं वह पागल सी लड़की जो शादी के माहौल में झूम रही है, नाच रही है ऐसे किसी से कोई मतलब नहीं है। वहीं पर ऑपरेशन रोमियो का लास्ट सीन। और उसके बाद निशानची में पागलों जैसे नाचने वाली दूसरी तरह की लड़की और फिर अब मेरा यह रोल जहां पर मैं एक वकील का किरदार निभा रही हूं। कितने अलग अलग तरीके के हैं, मुझे बहुत अच्छा लगता है अपना सफ़र देखते हुए।
और सबसे अच्छी बात यह है कि क्योंकि हम महिलाएं हैं तो हमें सजने सवरने को भी खूब मिलता है। मुझे तो वह भी बड़ा अच्छा लगता है कि हम सज संवर के अलग अलग तरीके के रूप लेकर लोगों के सामने कैमरा पर आ सकते हैं।
विक्रांत जैसे कलाकार के साथ काम करना कैसा अनुभव रहा?
मैं सच कहूं तो मैं थोड़ी सी डरी हुई थी। मैंने अपने दोस्तों को भी कहा कि कहा वह राष्ट्रीय पुरस्कार जीता हुआ एक अभिनेता और कहां मैं बिल्कुल नई नवेली कैसे काम करूंगी? लेकिन जब सेट पर आई और विक्रांत इतने अच्छे कलाकार हैं वह इतना सारा। आपको कंफर्ट देते हैं और वह एक्टिंग में अपने आप को झोंक देते हैं। पहले तो मैं उनसे डरी हुई थी पर बाद में। उनके साथ कितना अच्छा बॉन्ड बन गया था। मेरा हमारी केमिस्ट्री बहुत अच्छी निकल कर आई।

