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PM E-DRIVE Scheme : इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स पर बढ़ी सब्सिडी की अवधि, जानें किसे मिलेगा कितना फायदा

electric scooter
केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने वाली PM E-DRIVE Scheme की अवधि दो साल के लिए बढ़ा दी है। सरकार ने योजना को अब 31 मार्च 2028 तक जारी रखने का फैसला किया है। साथ ही योजना का कुल बजट भी 1,000 करोड़ रुपये बढ़ाकर 11,900 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
सरकार ने इस योजना को सितंबर 2024 में 10,900 करोड़ रुपये के बजट के साथ अधिसूचित किया था। उस समय योजना की अवधि 31 मार्च 2026 तक तय की गई थी। अब इसे दो साल और बढ़ाने से इलेक्ट्रिक वाहनों को मिलने वाला सरकारी प्रोत्साहन जारी रहेगा।
 

इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स पर खास फोकस

 
नई अधिसूचना में Electric Two-Wheelers (e-2Ws) के लिए प्रोत्साहन की अवधि को विशेष रूप से स्पष्ट किया गया है। पंजीकृत इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स के लिए यह सहायता 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2028 तक जारी रहेगी। हालांकि, सब्सिडी पाने के लिए इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की कीमत और प्रोत्साहन की अधिकतम सीमा तय की गई है।

1.5 लाख रुपये तक की एक्स-फैक्ट्री कीमत जरूरी

 
संशोधित PM E-DRIVE योजना के तहत केवल वे पंजीकृत इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स प्रोत्साहन के लिए पात्र होंगे, जिनकी अधिकतम एक्स-फैक्ट्री कीमत 1.5 लाख रुपये है। यानी इससे अधिक एक्स-फैक्ट्री कीमत वाले इलेक्ट्रिक दोपहिया इस प्रोत्साहन के दायरे में नहीं आएंगे। सरकार ने इस योजना के तहत अधिकतम 45,79,120 पंजीकृत इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स को सहायता देने का लक्ष्य रखा है।
 

प्रति kWh 2,500 रुपये का इंसेंटिव

 
योजना के तहत इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के लिए 2,500 रुपये प्रति kWh की दर से इंसेंटिव दिया जाएगा। हालांकि, प्रति वाहन अधिकतम प्रोत्साहन राशि 5,000 रुपये निर्धारित की गई है। लेकिन यहां एक और महत्वपूर्ण सीमा लागू होगी। मिलने वाला इंसेंटिव वाहन की एक्स-फैक्ट्री कीमत के 15 फीसदी से अधिक नहीं हो सकता। उदाहरण के तौर पर, अगर बैटरी क्षमता के हिसाब से किसी वाहन का इंसेंटिव 5,000 रुपये बनता है, लेकिन वाहन की एक्स-फैक्ट्री कीमत का 15 फीसदी इससे कम है, तो कम राशि ही इंसेंटिव के रूप में मिलेगी।

हर इलेक्ट्रिक स्कूटर को 5,000 रुपये की सब्सिडी नहीं

 
इसका मतलब यह है कि पात्र इलेक्ट्रिक स्कूटर या इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल खरीदने पर हर ग्राहक को अपने आप 5,000 रुपये का इंसेंटिव नहीं मिलेगा। वास्तविक प्रोत्साहन राशि बैटरी की क्षमता और वाहन की एक्स-फैक्ट्री कीमत, दोनों के आधार पर तय होगी। इस तरह PM E-DRIVE योजना के संशोधित नियमों के तहत इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदारों को राहत मिलती रहेगी, लेकिन इंसेंटिव पाने के लिए वाहन को तय कीमत सीमा और अन्य पात्रता शर्तों को पूरा करना जरूरी होगा।
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