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lunar eclipse 2020 : चंद्र ग्रहण मंत्रों की सिद्धि के लिए सबसे अच्छा समय,5 खास मंत्र

शुक्रवार,जून 5, 2020
lunar eclipse 2020
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गायत्री मंत्र एक ऐसा मंत्र है जो न सिर्फ हिंदू धर्म में आस्था रखने वालों की जुबान रहता है बल्कि अन्य धर्म के लोग भी इस मंत्र के बारे में
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गायत्री मंत्र के चौबीस अक्षरों के चौबीस देवता हैं। उनकी चौबीस चैतन्य शक्तियां हैं। गायत्री मंत्र के चौबीस अक्षर 24 शक्ति बीज हैं। गायत्री मंत्र की उपासना करने से उन मंत्र शक्तियों का लाभ और सिद्धियां मिलती हैं।
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शास्त्रों में मंत्रों को बहुत शक्तिशाली और चमत्कारी बताया गया है। सबसे ज्यादा प्रभावी मंत्रों में से एक मंत्र है गायत्री मंत्र।
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गायत्री देवी की स्तुति में लिखी गई चालीस चौपाइयों की एक रचना है 'गायत्री चालीसा' । यह चालीसा पढ़ने से जहां जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं
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धूमावती देवी की कृपा से साधक धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष प्राप्त कर लेता है। देवी साधक के पास बड़ी से बड़ी बाधाओं से लड़ने और उनको जीत लेने की क्षमता आ जाती है।
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ग्रहों में प्रथम परिगणित, अदिति के पुत्र तथा विश्व की रक्षा करने वाले भगवान सूर्य विषम स्थानजनित मेरी पीड़ा का हरण करें ।।
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आज शनि जयंती है,आप लॉक डाउन में फंसे असहायों की सहायता करेंगे, भिखारी एवं कौड़ियों को कंबल देंगे एवं भोजन कराएंगे, तो शनिदेव सदा प्रसन्न रहेंगे....इसके अलावा ये 4उपाय भी आजमा सकते हैं...
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22 मई को अमावस्या है। इस दिन वट सावित्री अमावस्या तथा शनि जयंती मनाई जाएगी। इस दिन शनि दोषों से मुक्ति के लिए शनिदेव की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।
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नृसिंह मंत्र से तंत्र मंत्र बाधा, भूत पिशाच भय, अकाल मृत्यु का डर, असाध्य रोग आदि से छुटकारा मिलता है तथा जीवन में शांति की प्राप्ति हो जाती है।
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मां बगलामुखी यंत्र चमत्कारी सफलता तथा सभी प्रकार की उन्नति के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है। कहते हैं इस यंत्र में इतनी क्षमता है कि यह भयंकर तूफान से भी टक्कर लेने में समर्थ है।
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मां बगलामुखी यंत्र मुकदमों में सफलता तथा सभी प्रकार की उन्नति के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है। कहते हैं इस यंत्र में इतनी क्षमता है कि यह भयंकर तूफान से भी टक्कर लेने में समर्थ है।
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पीले वस्त्रों में मां बगलामुखी के ये 4 मंत्र पढ़ेंगे तो दुनिया की कोई शक्ति पराजित नहीं कर सकेगी आइए डालें एक नजर मंत्रों पर....
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छोटे बच्चे नाजुक होते हैं। उन्हें बाहरी नजर और बाधा के अलावा दुर्घटना तथा रोगों का खतरा भी बना रहता है। ग्रहों की विपरीत दशा और गलत संगत से बचाना भी जरूरी होता है।
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गंगा सप्तमी के पावन अवसर पर अगर आप नदी में स्नान करने का पुण्य लाभ नहीं ले पा रहे हैं तो इस स्तोत्र का घर में स्नान करते समय...
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हिन्दू धर्म में गंगा सप्तमी का दिन बेहद ही खास माना गया है। इस दिन पवित्र नदी गंगा में स्नान करने का विशेष महत्व होता है। वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को गंगा सप्तमी मनाई जाती है।
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जिन जातकों की जन्मपत्रिका में 'पितृ-दोष' है वे 'अक्षय-तृतीया' के दिन प्रात:काल किसी स्वच्छ स्थान या मन्दिर में लगे पीपल के ऊपर अपने पितृगणों के निमित्त घर का बना मिष्ठान व एक मटकी में शुद्ध जल रखें।
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मां लक्ष्मीजी की उपासना अक्षय तृतीया को शाम के समय उत्तरमुखी होकर लाल आसान पर बैठकर की जाती है। पूजन शुरू करने से पहले एक लाल कपड़े पर लक्ष्मीजी का चित्र स्थापित करके उसके सम्मुख 10 लक्ष्मीकारक कौड़ियां रखें एवं शुद्ध घी का दीपक जला लें।
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अक्षय तृतीया के दिन सर्वकामना की सिद्धि हेतु यह स्तुति पढ़ने से भूमि, धन, ज्ञान, अभीष्ट सिद्धि, दारिद्रय से मुक्ति, शत्रु नाश, संतान प्राप्ति, विवाह, वर्षा, वाक् सिद्धि आदि की प्राप्ति होती है।
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अक्षय तृतीया को 'आखातीज' के नाम से भी जाना जाता है। 'अक्षय' का अर्थ है कभी क्षय न होने वाला। इस दिन कोई भी शुभ कार्य, साधना, हवन, जप, तप आदि किया जाए तो उसका फल जप-तप करने वालों को अवश्य मिलता है। यह स्वयंसिद्ध मुहूर्त होने के नाते भले ही इस दिन कोई ...
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