दिवाली के पहले खरीदारी का पुष्य नक्षत्र कब से कब तक रहेगा, करें 4 उपाय- माता लक्ष्मी की मिलेगी कृपा
Pushya Nakshatra 2026: वर्ष 2026 में 06 नवंबर को त्रयोदशी तिथि, प्रदोष काल और स्थिर वृषभ लग्न का अद्भुत संयोग बनने से धनतेरस का पर्व मनाया जाएगा। हालांकि, धनतेरस और दिवाली से ठीक पहले पुष्य नक्षत्र का अत्यंत शुभ संयोग बन रहा है। इस बार 01 नवंबर 2026 (रविवार) को पुष्य नक्षत्र पड़ने के कारण अति दुर्लभ और महाफलदायी 'रवि पुष्य योग' का निर्माण हो रहा है। इस दिन खरीदारी और नए कार्यों की शुरुआत करना अक्षय फल प्रदान करता है। 4 उपाय करके माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करें।
पुष्य नक्षत्र कब से कब तक रहेगा:
आरंभ: 01 नवंबर 2026, रविवार (सुबह 05:39 बजे से)
समाप्त: 02 नवंबर 2026, सोमवार (सुबह 04:30 बजे तक)
नोट: 01 नवंबर 2026 को पुष्य नक्षत्र पूरे दिन रहेगा, इसलिए इसी दिन करें खरीदारी।
रवि पुष्य योग:
रविवार के दिन यह योग रहने से रवि पुष्य योग रहेगा। रवि पुष्य नक्षत्र को सोना-चांदी, वाहन, संपत्ति और नए कारोबार की खरीदारी के लिए बेहद शुभ माना जाता है। विवाह को छोड़कर अन्य सभी मांगलिक कार्य इस योग में किए जा सकते हैं।
सर्वार्थ सिद्धि योग: 01 नवंबर, सुबह 06:33 बजे से 02 नवंबर, सुबह 04:30 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त (दोपहर की खरीदारी के लिए): दोपहर 11:42 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त (शाम की खरीदारी के लिए): शाम 05:36 बजे से शाम 06:02 बजे तक
रवि पुष्य योग में करें 3 अचूक उपाय:
1. बांदा का उपाय:
सामान्यत: जब किसी पेड़ पर किसी दूसरी प्रजाति का कोई पौधा उग जाता है, उसे वनस्पति-तंत्र की भाषा में 'बांदा' कहा जाता है। तंत्राचार्यों के अनुसार 'बांदा' अपना एक विशिष्ट प्रभाव रखता है।
गुंजा का 'बांदा' रवि-पुष्य योग में प्राप्त करने से सुरक्षा व वाक्-स्तंभन होता है।
अनार और आम का 'बांदा' रविपुष्य नक्षत्र में प्राप्त करने से सर्वत्र विजय प्राप्त होती है। यह विशेषकर चुनाव, मुकदमा, खेलकूद आदि में लाभदायक होता है।
2. नारियल का अचूक उपाय:
सबसे पहले स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें। रविपुष्य नक्षत्र के दिन शुभ मुहूर्त में अपने सामने थाली में चंदन या कुंकुम से अष्ट दल बनाकर उस पर इस नारियल को रख दें और अगरबत्ती व दीपक लगा दें। शुद्ध जल से स्नान कराकर इस नारियल पर पुष्प, चावल, फल, प्रसाद आदि रखें।
लाल रेशमी वस्त्र ओढ़ाएं। इसके बाद आधा मीटर लंबा रेशमी वस्त्र बिछाकर उस पर केसर से यह मंत्र लिखें- ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं महालक्ष्मीं स्वरूपाय एकाक्षिनालिकेराय नम: सर्वसिद्धि कुरु कुरु स्वाहा।
इस रेशमी वस्त्र पर नारियल को रख दें और यह मंत्र पढ़ते हुए उस पर 108 गुलाब की पंखुडियां चढ़ाएं। हर पखुंड़ी चढ़ाते समय इस मंत्र का उच्चारण करते रहें- मंत्र- ॐ ऐं ह्रीं श्रीं एकाक्षिनालिकेराय नम:।
इसके बाद गुलाब की पंखुडियां हटाकर उस रेशमी वस्त्र में नारियल को लपेटकर थाली में चावलों की ढेरी पर रख दें और इस मंत्र की 1 माला जपें- ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं ऐं एकाक्षाय श्रीफलाय भगवते विश्वरूपाय सर्वयोगेश्वराय त्रैलोक्यनाथाय सर्वकार्य प्रदाय नम:।
अगले दिन से दीपावली आने तक रोज 21 गुलाब से पूजा करें और उस रेशमी वस्त्र में लिपटे हुए नारियल को पूजा स्थान पर रख दें। इस प्रकार एकाक्षी नारियल को घर में स्थापित करने से घर में कभी पैसों की कमी नहीं रहती है। इस उपाय को करने वालों को अपार लक्ष्मी प्राप्ति और स्थिर धन लाभ होता है।
3. पारद की लक्ष्मी मूर्ति:
रवि पुष्य के दिन पारद लक्ष्मी की प्रतिमा (पारे से बनी मूर्ति) खरीदने से पहले इच्छुक व्यक्ति को सबसे पहले स्नान कर खुद को पवित्र बनाना चाहिए। रवि पुष्य योग वाले दिन शुभ चौघडिया में पारद लक्ष्मी की प्रतिमा घर लाकर पूजा करनी चाहिए।
उपासना के दौरान एक विशेष मंत्र का जप करने से हर तरह का आर्थिक संकट दूर होता है- ॐ श्री विघ्नहराय पारदेश्वरी महालक्ष्यै नम: ।।
उपासना के दौरान एक विशेष मंत्र का जप करने से हर तरह का आर्थिक संकट दूर होता है- ॐ श्री विघ्नहराय पारदेश्वरी महालक्ष्यै नम: ।।
मां लक्ष्मी को लाल चंदन, अक्षत, लाल वस्त्र और दूध से बने पकवान चढ़ाने चाहिए।
इसके बाद माता को 108 लाल रंग के फूल अर्पित करें। फूल चढ़ाने के बाद माता लक्ष्मी की आरती पांच बत्तियों वाले दीप से कर अपने आर्थिक संकट दूर करने की प्रार्थना करनी चाहिए। इस मूर्ति का दीपावली के दिन तक रोज पूजन करना चाहिए। फिर इसे तिजोरी में स्थापित करना चाहिए।
4. मोती शंख का उपाय:-
रवि पुष्य योग में एक सफेद मोती शंख लेकर उसे घर या कारखाने के धन स्थान पर स्थापित करें, इससे आर्थिक स्थिति में सुधार होता है। मोती शंख में जल भरकर माता लक्ष्मी के चित्र के पास रखने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। रवि पुष्य नक्षत्र से शुरू करके लगातार 11 दिनों तक रोज "ॐ श्री महालक्ष्मै नम:" बोलकर शंख में 1-1 चावल का दाना डालें, आर्थिक तंगी दूर होती है।

