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योगी सरकार में जल जीवन मिशन को मिल रहा भरपूर बजट, जल्द पूरा होगा लक्ष्य

Under Yogi government Jal Jeevan Mission is receiving substantial budgetary allocation
- केंद्र और प्रदेश सरकार के लगभग 28 हजार करोड़ रुपए से पूरे होंगे अधूरे काम
- जल जीवन मिशन 2.0 के विस्तार से ग्रामीण जनता को राहत देगी योगी सरकार
- प्रदेश के लिए 13,425 करोड़ रुपए से अधिक का बजट आवंटित
Chief Minister Yogi Adityanath : उत्तर प्रदेश में जल जीवन मिशन (हर घर नल योजना) न केवल एक सरकारी योजना है, बल्कि यह ग्रामीण जीवनशैली में एक बड़े बदलाव का प्रतीक बन गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में इस मिशन को युद्धस्तर पर लागू किया जा रहा है। इसी क्रम में केंद्र से उत्तर प्रदेश के लिए 13,425 करोड़ रुपए से अधिक का बजट आवंटित हो चुका है। वहीं उत्तर प्रदेश सरकार भी ग्रामीण जलापूर्ति विभाग को करीब 15 हजार करोड़ रुपए वर्ष 2026-27 में योजनाओं को पूरा करने के लिए देगी।

इस 28 हजार करोड़ रुपए से अधिक के बजट से स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति को सुनिश्चित करने में कोई बाधा नहीं आएगी। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश में 2.62 करोड़ ग्रामीण परिवारों तक नल से स्वच्छ पेयजल पहुंचाया जाए। इस लक्ष्य को अब जल जीवन मिशन 2.0 के जरिए हासिल किया जाएगा।

दरअसल उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्रीय पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के बीच जल जीवन मिशन 2.0 के अंतर्गत समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हो चुका है। इसमें जल जीवन मिशन की डेड लाइन जल जीवन मिशन 2.0 के रूप में दिसंबर 2028 तक बढ़ा दी गई है। साथ ही जारी वित्तीय वर्ष के लिए उत्तर प्रदेश को 13,425 करोड़ रुपए भी आवंटित किए गए हैं।
एसडब्ल्यूएसएम, नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के विशेष सचिव व एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर प्रभास कुमार ने बताया कि मिशन के नए स्वरूप और बजट के साथ नई जिम्मेदारियों को भी जोड़ा गया है। जल जीवन मिशन 2.0 के तहत प्रदेश में जल गुणवत्ता परीक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। विंध्य और बुंदेलखंड समेत प्रदेश के कई इलाकों में पानी में रासायनिक तत्वों की जांच कर उन्हें पीने योग्य बनाना सबसे जरूरी है। इसके लिए पानी की गुणवत्ता की जांच कराई जा रही है।

जनभागीदारी भी इसका दूसरा सबसे अहम बिंदु है। प्रदेश में जलापूर्ति के लिए जितने भी पंप हाउस, पानी की टंकी समेत अन्य निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद ग्राम एवं पेयजल स्वच्छता समिति (वीडब्ल्यूएससी) को सौंपा जाएगा। 10 वर्षों तक जल निगम, (वीडब्ल्यूएससी), निर्माण एजेंसियां व ठेकेदार मिलकर इनके सुचारु संचालन को सुनिश्चित करेंगे। पानी के स्रोत के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि एक बार निर्माण हो जाने के बाद कोई भी बोरवेल, पंप या पानी का स्रोत सूखे नहीं। इससे सभी ग्रामीण इलाकों में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित हो पाएगी।
प्रभास कुमार ने बताया कि वर्ष 2027 में सभी कार्यों की प्रगति की समीक्षा केंद्र सरकार द्वारा की जाएगी, ताकि लक्ष्य पूरा किया जा सके। जल जीवन मिशन 2.0 के तहत सभी नई प्राथमिकताओं को प्रदेश में लागू कराया जाएगा।
 

तेजी से पूरा किया जा रहा लक्ष्य

विभाग के मुताबिक जल जीवन मिशन के तहत अभी तक 2.43 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन पहुंचाया जा चुका है। वहीं वर्ष 2026-27 में 2.62 करोड़ कनेक्शन का लक्ष्य पूरा करने की योजना पर काम किया जा रहा है।
Edited By : Chetan Gour
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