तेल में 'आग' से बिगड़ा निवेशकों का केलकुलेशन, शेयर बाजार में 4 दिन की तेजी पर भारी पड़ी 1 दिन की मुनाफा वसूली
सेंसेक्स 4 दिन में 2466 अंक बढ़ा तो एक ही दिन में 2497 अंक गिर गया। इसी तरह निफ्टी में भी 4 दिन में 739 अंकों की बढ़त हुई वहीं गुरुवार को यह 776 अंक गिर गया
Share Market Review Market ki Baat : अमेरिका इजराइल और ईरान के बीच चल रही भीषण जंग की वजह से इस हफ्ते भारतीय शेयर बाजार में भारी उतार चढ़ाव दिखाई दिया। कारोबारी हफ्ते में सेंसेक्स 2466 अंक बढ़ा तो एक ही दिन में 2497 अंक गिर गया। इस तरह इसमें 31 अंकों की गिरावट आई। इसी तरह निफ्टी में भी 4 दिन में 739 अंकों की बढ़त हुई वहीं गुरुवार को यह 776 अंक गिर गया। साप्ताहिक आधार पर निफ्टी में 37 अंक की गिरावट दर्ज की गई। जानिए मार्केट ट्रेड और निवेशकों के लिए कैसा रहेगा आने वाला सप्ताह।
कैसी रही सेंसेक्स और निफ्टी की चाल
हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को 939 अंक बढ़कर 75503 के स्तर पर आ गया था, जबकि निफ्टी 258 अंक बढ़कर 23,409 पर बंद हुआ था। सेंसेंक्स करीब 568 अंक की तेजी के साथ 76,070 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी भी करीब 172 अंक की तेजी के साथ 23,581 के स्तर पर बंद हुआ। सेंसेक्स बुधवार को 633 अंक बढ़कर 76704 के स्तर पर आ गया था, जबकि निफ्टी 197 अंक बढ़कर 23,778 पर बंद हुआ।
हालांकि 3 कारोबारी दिनों की सकारात्मकता गुरुवार को भारी निराशा में बदल गई। भारतीय शेयर बाजार में हाहाकार मच गया। सेंसेक्स 2497 अंक गिरकर 74207 के स्तर पर आ गया था, जबकि निफ्टी 776 अंकों की गिरावट के साथ 23,002 पर बंद हुआ। यह शेयर बाजार में एक दिन में तीसरी सबसे बड़ी गिरावट थी। सेंसेक्स शुक्रवार को 326 अंक बढ़कर 74533 के स्तर पर आ गया था, जबकि निफ्टी 112 अंक बढ़कर 23,115 पर बंद हुआ।
इन फैक्टर्स से तय हुई बाजार की चाल
शेयर बाजार में पहले दिन कारोबारी दिनों में बाजार में शार्ट रिकवरी हुई। इस दौरान निवेशकों ने निचले स्तर पर ब्लू चिप शेयरों में जमकर खरिदारी की। हालांकि अनिश्चितता भरे बाजार को गुरुवार को उस समय बड़ा झटका लगा जब अमेरिका और इजराइल ने साउथ पार्स और ईरान ने इजराइल के तेल और गैस ठिकानों पर मिसाइल अटैक कर दिया। इस वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड महंगा हो गया और रुपए कमजोर होकर ऑल टाइम
लो पर पहुंच गया।
फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बदलाव नहीं करने और अमेरिकी सेना द्वारा कांग्रेस से युद्ध के लिए 200 अरब डॉलर की मांग ने भी बाजार में निवेशकों की मुनाफा वसूली को बढ़ाया। एचडीएफसी के चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे की खबर से बैंक के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। आखिरी कारोबारी दिन भी मुनाफा वसूली की वजह से शेयर बाजार में बड़ी बढ़त नहीं दिखाई दी।
कैसा रहेगा अगला हफ्ता
दुनिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से रुपया दबाव में है। इंडियन बास्केट में क्रूड के दाम 156 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने के बाद सरकारी तेल कंपनियों ने भी प्रीमियम पेट्रोल के दाम बढ़ा दिए हैं। घाटे में चल रही तेल कंपनियां पेट्रोल और डीजल के दाम भी बढ़ाना चाहती है। अगर सामान्य पेट्रोल डीजल भी महंगा होता है तो इससे देश में महंगाई बढ़ने का भी खतरा है। बैंक लोन पर भी दबाव बढ़ सकता है। इससे बैंक निफ्टी और निफ्टी भी गिर सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में भी शेयर बाजार में बिकवाली की धारणा हावी रह सकती है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
शेयर बाजार विशेषज्ञ मनीष उपाध्याय ने कहा कि शेयर बाजार में इन दिनों भारी उठापटक की स्थिति बनी हुई है। निफ्टी में 22800 पर मजबूत सपोर्ट बना हुआ है। अगर यह टूटता है तो बाजार में और ज्यादा गिरावट की स्थिति बन सकती है। 23500 से 23800 के बीच मुनाफावसूली की भी संभावना है। उन्होंने कहा कि रुपए की मजबूती और ब्रेंट डॉलर के 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आने पर ही बाजार में सुधार की संभावना है। इस स्थिति निवेशकों को पोजिशन हल्की रखनी चाहिए और बाजार की स्थिति के अनुसार ही फैसला करना चाहिए।
अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।
लेखक के बारे में
नृपेंद्र गुप्ता
नृपेंद्र गुप्ता पिछले 21 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में सक्रिय हैं। प्रिंट एवं डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य का अनुभव। वर्तमान में वेबदुनिया की न्यूज टीम में सहायक संपादक के रूप में कार्यरत हैं।
अनुभव : नृपेंद्र गुप्ता 2 दशक से ज्यादा समय से प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया में कार्य....
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