इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक और सांस्कृतिक राजधानी इंदौर के सबसे प्राचीन धार्मिक स्थलों में से एक, 'जूनी इंदौर शनि मंदिर' में इस वर्ष श्री शनैश्चर जयंती महोत्सव और 83वाँ अखिल भारतीय संगीत समारोह बेहद भव्य स्तर पर आयोजित किया जा रहा है। आचार्य पं. सचिन ॐ प्रकाश तिवारी ने बताया कि इस वर्ष शनि जयंती शनिवार के दुर्लभ और अत्यंत शुभ संयोग में आ रही है, जो भक्तों के लिए विशेष आध्यात्मिक महत्व रखती है।
महा रुद्राभिषेक और दिव्य प्रकटोत्सव
महोत्सव का मुख्य आकर्षण 16 मई 2026, शनिवार को होने वाला शनि देव का जन्मोत्सव होगा। कार्यक्रम की शुरुआत तड़के 5:30 बजे 'नमक-चमक' विधि के साथ होने वाले महा रुद्राभिषेक से होगी। इसके पश्चात सुबह 8:00 बजे मंगला आरती और ठीक दोपहर 12:00 बजे शनिदेव का भव्य प्रकटोत्सव व महाआरती आयोजित की जाएगी। मंदिर प्रशासन ने बताया कि मुंबई की श्रीमती नमृता अतुल जोशी बाबा का विशेष दिव्य श्रृंगार करेंगी, जो विगत कई वर्षों की पावन परंपरा का हिस्सा है।
गुरु पुष्य नक्षत्र में विशाल भंडारा
धार्मिक अनुष्ठानों की इसी कड़ी में, 21 मई को गुरु पुष्य अमृत नक्षत्र के अवसर पर एक विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जो शाम 6:00 बजे से प्रभु इच्छा तक अनवरत चलेगा। इसके साथ ही 23 मई, शनिवार को सुबह 6:30 बजे से महाप्रसादी का वितरण भी किया जाएगा। मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इस आयोजन में तन-मन-धन से सहयोग कर पुण्य लाभ अर्जित करें। यह पूरा आयोजन स्व. पं. ॐ प्रकाश जी तिवारी की स्मृति और प्रेरणा को समर्पित है।
मुख्य आयोजन विवरण
अवसर: श्री शनैश्चर जयंती महोत्सव 2026 एवं 83वाँ अखिल भारतीय संगीत समारोह।
स्थान: इंदौर का सबसे पुराना शनि मंदिर, जूनी इंदौर।
प्रेरणास्रोत: स्व. श्री पं. ॐ प्रकाश जी तिवारी।
आयोजक/निवेदक: आचार्य पं. सचिन ॐ प्रकाश तिवारी एवं शाश्वत तिवारी।
संपर्क: +91 93007 99111
धार्मिक अनुष्ठान एवं महोत्सव (शनि जयंती)
मुख्य तिथि: 16 मई 2026, शनिवार (वैशाख/ज्येष्ठ अमावस्या)।
प्रातः 5:30 बजे: महा रुद्राभिषेक (नमक चमक सहित)।
प्रातः 8:00 बजे: मंगला आरती।
दोपहर 12:00 बजे: श्री शनिदेवजी प्रकटोत्सव एवं महाआरती।
विशेष सेवा: श्रीमती नमृता अतुल जोशी (मुंबई) द्वारा दिव्य श्रृंगार समर्पण।
भंडारा एवं महाप्रसाद वितरण
21 मई 2026 (गुरु पुष्य नक्षत्र): विशाल भण्डारा, सायं 6:00 बजे से प्रभु इच्छा तक।
23 मई 2026 (शनिवार): महाप्रसादी वितरण, प्रातः 6:30 बजे से।
83वाँ अखिल भारतीय संगीत समारोह (9 मई से 23 मई तक)
9 मई, शनिवार (शुभारंभ)
प्रातः 11:45 (अभिजीत मुहूर्त): पं. पीयुष तिवारी (सुन्दर काण्ड)।
सायं 8:45: श्री नीलाद्री कुमार (एकल सितार), श्री सत्यजीत तलवलकर (एकल तबला)।
10 मई, रविवार (सायं 8:45)
पद्मश्री उस्ताद अहमद हुसैन - मोहम्मद हुसैन (ग़ज़ल एवं भजन)।
संगीत गुरुकुल के विद्यार्थी समूह द्वारा गायन।
11 मई, सोमवार (रात 8:45)
श्रीमती कल्पना झोकरकर (शास्त्रीय गायन)।
श्री स्वर शर्मा (शास्त्रीय गायन)।
12 मई, मंगलवार (रात 8:45)
पद्मश्री विजय घाटे एवं त्रिधा समूह।
कु. शुभ्रा अग्निहोत्री (सुगम संगीत)।
13 मई, बुधवार (सायं 8:45)
जुगलबंदी: श्री नवीन शर्मा (तबला) एवं श्री सतीश खानवलकर (मोहन वीणा)।
श्री कृष्ण सालुंके (एकल पखावज वादन)।
14 मई, गुरुवार (रात 8:45)
पं. दिनेश शुक्ल (एकल तबला)।
श्रीमती वैशाली बकोरे (सुगम संगीत)।
17 मई, रविवार (सायं 8:45)
पद्मश्री मालिनी अवस्थी (शास्त्रीय गायन)।
श्री आलोक बाजपेई (एकल बांसुरी वादन)।
18 मई, सोमवार (रात 8:45) - कवि सम्मेलन
सहभागी कवि: राष्ट्रकवि सत्यनारायण सत्तन, पं. हरेराम बाजपेई, नरेंद्र सिंह 'अकेला', राजीव शर्मा, प्रदीप नवीन और वंदना शर्मा।
19 मई, मंगलवार (रात 8:45)
श्री कमल कामले (वायलिन वादन)।
श्री सार्थक संगमनेरकर एवं श्री यश फपुणकर (शास्त्रीय गायन)।
23 मई, शनिवार (समापन सायं 8:45)
पं. मनीष तिवारी एवं साथी कलाकार (भजन संध्या)।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष सूचना
शनि जयंती और शनिवार का यह दुर्लभ संयोग अत्यंत पुण्यदायी है।
भक्तगण विशाल भंडारे हेतु नगद या सामग्री दान देकर पुण्य लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
कार्यक्रम में पुण्य लाभ हेतु समय से पूर्व पधारने का आग्रह किया गया है।