1. समाचार
  2. मुख्य ख़बरें
  3. प्रादेशिक
  4. Special Session of Uttarakhand Assembly Begins Today

उत्तराखंड विधानसभा का विशेष सत्र आज से शुरू, महिला आरक्षण मुद्दे पर होगी चर्चा

Special Session of Uttarakhand Assembly Begins Today
Special Session of Uttarakhand Legislative Assembly : उत्तराखंड विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र आज से शुरू हो गया है। सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम और महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण के मुद्दे पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इस विशेष सत्र में सत्ताधारी और विपक्ष दोनों अपने-अपने विचार रखेंगे। उत्तराखंड विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र मंगलवार को सुबह 11 बजे शुरू हुआ। विधानसभा में संसद में रखे गए नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन बिल के प्रति सत्तापक्ष व्यक्त करेगा समर्थन।
 
उत्तराखंड विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र आज से शुरू हो गया है। सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम और महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण के मुद्दे पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इस विशेष सत्र में सत्ताधारी और विपक्ष दोनों अपने-अपने विचार रखेंगे। उत्तराखंड विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र मंगलवार को सुबह 11 बजे शुरू हुआ। विधानसभा में संसद में रखे गए नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन बिल के प्रति सत्तापक्ष व्यक्त करेगा समर्थन।
सत्र हंगामेदार रहने के आसार हैं। कांग्रेस विधायकों ने सत्र प्रारंभ होने से पहले ही वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से ही महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग को लेकर विधानसभा परिसर में धरना दिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सदन में हैं उपस्थित। सत्र को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। विधानसभा परिसर और उसके आसपास कड़ी निगरानी रखी जा रही है।\

संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने साफ कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा लाया गया ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ देश की आधी आबादी को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि उन्होंने इस महत्वपूर्ण विधेयक के खिलाफ मतदान कर अपनी महिला विरोधी मानसिकता को उजागर किया है।
संसद में महिलाओं के आरक्षण से संबंधित ‘नारी शक्ति वंदन’ संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं होने के बाद भारतीय जनता पार्टी विपक्ष पर हमलावर है। ऐसे में राज्य सरकार इस सत्र के दौरान विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव ला सकती है। भाजपा का आरोप है कि विपक्ष के गैरजिम्मेदाराना रवैए  के कारण लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का रास्ता साफ नहीं हो सका।
Edited By : Chetan Gour
लेखक के बारे में
वेबदुनिया न्यूज़ टीम
वेबदुनिया न्यूज़ डेस्क पर हमारे स्ट्रिंगर्स, विश्वसनीय स्रोतों और अनुभवी पत्रकारों द्वारा तैयार की गई ग्राउंड रिपोर्ट्स, स्पेशल रिपोर्ट्स, साक्षात्कार तथा रीयल-टाइम अपडेट्स को वरिष्ठ संपादकों द्वारा सावधानीपूर्वक जांच-परख कर प्रकाशित किया जाता है।.... और पढ़ें
अगला लेख
योगी सरकार में ओबीसी छात्रों को बड़ी मदद, 36 लाख से अधिक को मिली छात्रवृत्ति