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ललिता गौतम हत्याकांड : मेरठ में न्याय की मांग को लेकर उग्र प्रदर्शन, पुलिस का हल्का बल प्रयोग, 5 लोग हिरासत में

protests in Meerut over Lalita Gautam murder case
Lalita Gautam murder case : 21 वर्षीय छात्रा ललिता गौतम के अपहरण और निर्मम हत्या के मामले में एक बार फिर ग्रामीणों और पीड़ित परिवार का आक्रोश सड़कों पर दिखाई दिया। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण और समाज के लोग कमिश्नरी पार्क पहुंचे और प्रदर्शन किया। बाद में प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट गेट पर धरने पर बैठ गए, जिसके चलते पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया और पांच लोगों को हिरासत में ले लिया।
 
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस इस जघन्य हत्याकांड में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं कर रही है। उनका कहना है कि मामले में कई अन्य आरोपी अब भी खुलेआम घूम रहे हैं, जबकि पीड़ित परिवार पर दबाव और धमकियां दी जा रही हैं। ग्रामीणों ने सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
 
गौरतलब है कि थाना रोहटा क्षेत्र की रहने वाली ललिता गौतम का विगत 15 मई को कथित रूप से अपहरण कर लिया गया था। इसके बाद उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई और शव पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर उसे जलाने का प्रयास किया गया। छात्रा का अधजला शव उकसिया के जंगल से बरामद हुआ था। इस घटना के बाद से क्षेत्र में लगातार आक्रोश बना हुआ है।
प्रदर्शन के दौरान पहले लोग कमिश्नरी चौराहे पर धरने पर बैठे, जिससे यातायात प्रभावित होने लगा। इसके बाद प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट गेट पहुंच गए। हालात को संभालने के लिए एसपी देहात, एसपी ट्रैफिक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। बाद में एसएसपी ने स्वयं मोर्चा संभाला। बातचीत विफल होने के बाद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर धरना समाप्त कराया।
 
एसएसपी अविनाश पांडे ने कहा कि पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। मुख्य आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अन्य संदिग्धों और सह-आरोपियों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी।
 
एसएसपी ने यह भी आरोप लगाया कि महापंचायत के नाम पर कुछ बाहरी लोग माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे थे। पुलिस के अनुसार ऐसे लोगों की पहचान कर ली गई है और उनके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। फिलहाल पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है।
उधर, पीड़ित परिवार और ग्रामीणों का कहना है कि जब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती और उन्हें न्याय नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
Edited By : Chetan Gour 
लेखक के बारे में
हिमा अग्रवाल