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बैंक की तिजोरी में जाली नोटों का खेल! मेरठ के एक्सिस बैंक में मिले लाखों के नकली नोट, उड़े बैंक अधिकारियों के होश

axis bank
मेरठ में मंगल पांडेय नगर स्थित एक्सिस बैंक के करेंसी चेस्ट में करीब 13 महीने के दौरान जमा हुई रकम की जांच में 4 लाख 63 हजार 650 रुपये मूल्य के 1323 जाली नोट मिलने से हड़कंप मच गया है। बैंक प्रबंधन ने पुलिस से शिकायत की है, पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए तीन टीमें जांच में लगा दी है। ALSO READ: ऑस्ट्रेलिया के सरकारी सिस्टम में AI एजेंट की सेंध, Medicare पोर्टल में पहुंचा OpenAI एजेंट, जानिए क्या बोले PM
 
बैंक से बरामद नकली नोटों में 500, 200, 100 और 50 रुपये के नोट शामिल हैं। कुछ पुराने नोटों को दो हिस्सों में काटकर दोबारा चिपकाए जाने की बात भी सामने आई है। हाल ही में ऐसा ही मामला सहारनपुर जिले के पंजाब नेशनल बैंक का सामने आया है, जहां 17 करोड़ से अधिक की जाली करेंसी चेस्ट से बरामद हुई है।
 
एक्सिस बैंक के करेंसी चेस्ट प्रबंधक सरताज सिंह ने इस संबंध में 16 सितंबर को एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति को शिकायत दी थी। शिकायत के आधार पर सिविल लाइन थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तीन विशेष जांच टीमें गठित की हैं।
 

चेस्ट सेंटर सेे जुड़ी 186 बैंक शाखाएं

पुलिस के मुताबिक मंगलपांडेय नगर स्थित करेंसी चेस्ट से करीब 186 बैंक शाखाएं जुड़ी हुई हैं। इन शाखाओं से जमा होने वाली रकम जांच और सत्यापन के लिए करेंसी चेस्ट भेजी जाती है। बैंक अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान एक दिसंबर 2024 से 31 दिसंबर 2025 के बीच यान 13 महीनों में प्राप्त धनराशि की जांच में बड़ी संख्या में जाली नोट सामने आए।
 
बरामद नोटों में 500 रुपये के 805, 200 रुपये के 142, 100 रुपये के 279 और 50 रुपये के 97 नोट बताए गए हैं। बैंक प्रबंधन के अनुसार कुछ अन्य छोटे मूल्यवर्ग के पुराने नोट भी जांच में मिले हैं। हालांकि, उपलब्ध आंकड़ों में नोटों की संख्या और मूल्यवर्ग को लेकर स्पष्टता के लिए पुलिस व बैंक स्तर पर सत्यापन कराया जा रहा है।
 
अब जांच का मुख्य बिंदु यह है कि ये जाली नोट किन-किन बैंक शाखाओं से होते हुए करेंसी चेस्ट तक पहुंचे। पुलिस संबंधित शाखाओं के रिकॉर्ड, नकदी के आवागमन, जमा करने वाले स्रोतों और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है। इसके अलावा नकली नोटों के किसी बड़े नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका को भी जांच में शामिल किया गया है।
 

सहारनपुर मामले से लिंक की भी जांच

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाल में सामने आए सहारनपुर के जाली नोटों के मामले को देखते हुए मेरठ प्रकरण में भी किसी संभावित कनेक्शन की जांच की जा रही है। हालांकि, दोनों मामलों के बीच सीधा संबंध होने की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
 
एसपी सिटी विनायक गोपाल भोंसले ने बताया कि जाली करेंसी बरामद होना गंभीर मामला है। तीन विशेष टीमें बनाई गई हैं, जो नकदी के आने-जाने के रास्ते, संबंधित बैंक शाखाओं और संदिग्ध लेन-देन की पड़ताल कर रही हैं। सहारनपुर से किसी प्रकार के लिंक और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाली नोटों के नेटवर्क की संभावित भूमिका की भी जांच की जा रही है। बैंक कर्मचारियों की भूमिका को लेकर भी जांच जारी है।
 
जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जाली नोट किस स्रोत से करेंसी चेस्ट तक पहुंचे और इस मामले में कौन-कौन लोग शामिल हैं। हालांकि जिस वैन में करेंसी चेस्ट तक पहुंचती है वह सीसीटीवी कैमरों से लैस होती है, ऐसे में बैंक के बाहर मार्ग पर नकली करेंसी बदली जाती है तो सीसीटीवी फुटेज इसकी पोल खोल देगा, वही बैंक के अंदर के कर्मचारी जाली करेंसी सौदागर से मिले है तो पुलिस के लिए यह खुलासा करना बड़ी चुनौती होगा।
 
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हिमा अग्रवाल
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