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CMO के स्टेनो पर FIR, जमुई मामले में पोस्ट की थी पीड़िता की तस्वीर

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बिहार के जमुई में नाबालिग पीड़िता और उसके परिजनों की तस्वीर सोशल मीडिया पर सार्वजनिक करने के मामले में पटना के सचिवालय थाना में सीएमओ के आशुलिपिक सागर प्रसाद समेत अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में बीएनएस, पॉस्को एक्ट और आईटी एक्ट की धाराएं लगाई गई हैं। ALSO READ: 'अमेरिका-लंदन में भी होती हैं घटनाएं...' जमुई-समस्तीपुर की वारदातों पर बोले बिहार के मंत्री अशोक चौधरी
 
पाटलिपुत्र सांसद मीसा भारती शुक्रवार की देर शाम सचिवालय थाने में पहुंचीं और इस फोटो को लेकर केस दर्ज कराया। इस आवेदन में कहा गया था कि छेड़खानी पीड़ित नाबालिग लड़की की पहचान उजागर करना पॉक्सो एक्ट का सीधा उल्लंघन है। लेकिन पुलिस इससे पहले ही FIR दर्ज कर चुकी थी।
 

क्यों दर्ज हुई सागर प्रसाद पर FIR

सीएम सम्राट चौधरी के सोशल मीडिया हैंडल से एक पोस्ट किया गया था। इस पोस्ट में वो जमुई की पीड़िता छात्रा और उसके परिवार के साथ थे। इस पोस्ट को थोड़ी देर बाद ही डिलीट कर दिया गया था। इस पोस्ट के बाद से ही मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी विपक्ष के निशाने पर हैं। दावा किया जा रहा है कि सागर प्रसाद ने ही सोशल मीडिया पर यह पोस्ट की थी। तेजस्वी इस मामले में मुख्‍यमंत्री के खिलाफ FIR की मांग कर रहे हैं।
 
पुलिस ने सागर प्रसाद पर पॉक्सो एक्ट की धारा 23 के अलावा भारतीय न्याय संहिता की धारा 73, और आईटी एक्ट की धारा 66(e) और धारा 67 के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। ALSO READ: समस्तीपुर में भी जमुई जैसा हादसा, फोटो लेने रुकी लड़की के साथ मनचलों ने की बदसलूकी
 

क्या है पूरा मामला?

यह पूरी घटना 19 सितंबर की शाम की है। जमुई में एक नाबालिग छात्रा अपने एक साथी छात्र के साथ स्कूटी से कहीं जा रही थी। उसी दौरान सड़क पर कुछ मनचलों ने उनकी स्कूटी को जबरन रोक लिया। युवकों ने दोनों को चारों तरफ से घेर लिया और उनके साथ धक्का-मुक्की, मारपीट व अभद्र भाषा का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। वायरल वीडियो में पीड़ित लड़का और लड़की रोते हुए हाथ जोड़कर आरोपियों से उन्हें छोड़ देने की गुहार लगाते दिखाई दे रहे हैं।
 
आरोप है कि इस दौरान मनचलों ने लड़की के साथ अनुचित तरीके से शारीरिक स्पर्श करने और छेड़खानी करने की कोशिश भी की। इतना ही नहीं, आरोपियों ने इस पूरी करतूत का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। वीडियो सामने आते ही लोगों में भारी आक्रोश फैल गया, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए आरोपियों की पहचान की और उन्हें सलाखों के पीछे भेज दिया।
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