1. धर्म-संसार
  2. प्रयागराज कुंभ मेला 2019
  3. कुंभ आलेख
  4. ganga snan in kumbha

प्रयागराज कुंभ मेले में गंगा स्नान से क्या होगा फायदा? | ganga snan in kumbha

Kumbh Ganga bathing festival
प्रयागराज में गंगा के किनारे कुंभ के दिनों में स्नान करना बहुत ही महत्वपूर्ण है। प्रयागराज में कुंभ स्नान 15 जनवरी से 4 मार्च तक चलेगा। इसमें 15, 21 और 31 जनवरी, 4, 10, 16 और 19 फरवरी एवं 4 मार्च को मुख्य स्नान होगें। लेकिन देखा जाए तो 15 जनवरी से 4 मार्च तक कभी भी स्नान करें सभी स्नान महत्वपूर्ण है क्योंकि इस वक्त गंगा सबसे ज्यादा पुण्यदायी और पवित्र होती है।
 
 
कुंभ में गंगा स्नान, पूजन का महत्व : हिंदुओं के सभी तीर्थ नदियों पर बसे हैं। गंगा नदी हिंदुओं के लिए देवी और माता समान है। इसीलिए हिंदुओं के लिए गंगा स्नान का बहुत महत्व है। गंगा जीवन और मृत्यु दोनों से जुडी़ हुई है इसके बिना हिंदू संस्कार अधूरे हैं। गंगाजल अमृत समान है।
 
 
अनेक पर्वों और उत्सवों का गंगा से सीधा संबंध है कुंभ में मकर संक्राति, मौनी अमावस्या, वसंत पंचमी, पूर्णिमा, अमावस्या, महाशिवरात्रि और गंगा दशहरा के समय गंगा में स्नान, पूजन, दान एवं दर्शन करना महत्वपूर्ण माना गया है। गंगाजी के अनेक भक्ति ग्रंथ लिखे गए हैं जिनमें श्रीगंगासहस्रनामस्तोत्रम एवं गंगा आरती बहुत लोकप्रिय हैं।
 
 
गंगा पूजन एवं स्नान से रिद्धि-सिद्धि, यश-सम्मान की प्राप्ति होती है तथा समस्त पापों का क्षय होता है। मान्यता है कि गंगा पूजन से मांगलिक दोष से ग्रसित जातकों को विशेष लाभ प्राप्त होता है। गंगा स्नान करने से अशुभ ग्रहों का प्रभाव समाप्त होता है। अमावस्या दिन गंगा स्नान और पितरों के निमित्त तर्पण व पिंडदान करने से सद्गती प्राप्त होती है और यही शास्त्रीय विधान भी है।
 
 
हिंदू धर्म में ऐसी मान्यता है कि कुंभ स्थल के पवित्र जल में स्नान करने से मनुष्य के सारे पाप-कष्ट धुल जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है। गंगाजी में स्नान करने से सात्विकता और पुण्यलाभ प्राप्त होता है।
 
लेखक के बारे में
अनिरुद्ध जोशी
पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों से साहित्य, धर्म, योग, ज्योतिष, करंट अफेयर्स और अन्य विषयों पर लिख रहे हैं। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सह-संपादक के पद पर कार्यरत हैं। दर्शनशास्त्र एवं ज्योतिष: मास्टर डिग्री (Gold Medalist), पत्रकारिता: डिप्लोमा। योग, धर्म और ज्योतिष में विशेषज्ञता।.... और पढ़ें
अगला लेख
चंद्र ग्रह को कैसे बनाएं बलशाली, जानिए लाल किताब से...