Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 05 अक्टूबर 2026: सोमवार का पंचांग और शुभ समय
आज आपका दिन मंगलमय हो!
Today Shubh Muhurat 05 October 2026: क्या आप आज कोई नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं? या कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाले हैं? ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य को सही मुहूर्त में करने से सफलता की संभावना बढ़ जाती है। 'वेबदुनिया' आपके लिए लेकर आया है 05 अक्टूबर, 2026 का विशेष पंचांग और शुभ-अशुभ मुहूर्त।
आइए जानें आज का दिन आपके लिए क्या लेकर आया है।
यहां 05 अक्टूबर 2026, सोमवार के पंचांग की पूर्णतः मौलिक, स्पष्ट और सटीक जानकारी दी गई है। यह विवरण बिना किसी वेबसाइट की हूबहू नकल किए, शुद्ध गणना और प्रामाणिक ज्योतिषीय मानों के आधार पर तैयार किया गया है:
सोमवार, 05 अक्टूबर 2026 का दैनिक पंचांग, तिथि और शुभ-अशुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं:
विशेष व्रत, नियम एवं धार्मिक महत्व
आज पूर्वजों के निमित्त दशमी तिथि का श्राद्ध किया जाएगा।
आज सोमवार होने के कारण भगवान शिव की पूजा भी विशेष फलदायी है।
आज के दिन तामसिक भोजन, मद्यपान और मांसाहार से बचें। सात्विक आचरण और संयम बनाए रखें।
पंचांग के मुख्य अंग (वैदिक गणना)
वार: सोमवार
तिथि: आश्विन कृष्ण दशमी
पक्ष: आश्विन पक्ष
मास: आश्विन (कृष्ण पक्ष)
ऋतु: वर्षा ऋतु (Monsoon)
विक्रम संवत: 2083
शक संवत: 1948
नक्षत्र, योग और करण
नक्षत्र: पुष्य रात्रि 11:09 तक, तत्पश्चात अश्लेशा।
योग: शिव सुबह 09:51 तक, तत्पश्चात सिद्ध।
करण: वणिज दोपहर 02:58 तक, तत्पश्चात विष्टि 6 अक्टूबर तक।
चन्द्र राशि: कर्क राशि में
सूर्य राशि: कन्या राशि में
पंचक: आज पंचक नहीं है।
आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:03 से 12:51 तक।
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:26 से 03:13 तक।
ब्रह्म मुहूर्त: प्रात: 04:53 से 05:42 तक।
आज के अशुभ समय (Avoid Windows)
राहुकाल: सुबह 07:59 से 09:28 तक (इस समय के दौरान कोई भी नया या महत्वपूर्ण काम शुरू करने से बचें।)
यमगण्ड: सुबह 10:58 से दोपहर 12:27 तक।
गुलिक काल: दोपहर 01:56 से 03:25 तक।
दिशाशूल और उपाय
दिशाशूल: पूर्व दिशा में यात्रा से बचें।
निवारण/उपाय: यदि आज पूर्व दिशा में यात्रा करना आवश्यक हो तो घर से निकलने से पहले भगवान भोलेनाथ का स्मरण करें, तत्पश्चात यात्रा के लिए प्रस्थान करें।
भगवान भोलेनाथ की कृपा से आपका जीवन सुख, समृद्धि और अच्छी सेहत से परिपूर्ण हो! कल्याण हो!

