फोन पर रथ कराह रहे थे, उधर से गोलियों की आवाजें आ रहीं थी, भाजपा विधायक घोष ने बयां किया खौफनाक मंजर
भाजपा नेता चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या से राजनीतिक हलचल मच गई है। इस घटना को लेकर भाजपा विधायक शंकर घोष ने चौंकाने वाला दावा किया है कि उन्होंने रथ से फोन पर बात करते समय पहले कराहने की आवाज सुनी और फिर गोली चलने की आवाज भी सुनी।
उन्होंने मीडिया को बताया कि हम फोन पर चर्चा कर रहे थे, अचानक आवाज़ बदल गई। पहले कुछ लोगों के चिल्लाने का शोर आया और फिर गोलियों की तड़तड़ाहट... उसके बाद सिर्फ सन्नाटा था।" रोंगटे खड़े कर देने वाली यह आपबीती सिलीगुड़ी के भाजपा विधायक शंकर घोष ने बताई है, उन्होंने दावा किया कि उस वक्त वे फोन पर थे जब शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या की गई।
क्या है पूरा मामला : बुधवार रात करीब 10 बजे, पश्चिम बंगाल की राजनीति उस समय दहल गई जब विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के बेहद करीबी और उनके निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की उत्तर 24 परगना के मध्यमग्राम में गोली मारकर हत्या कर दी गई। विधायक शंकर घोष ने मीडिया से बात करते हुए उस डरावने अनुभव को साझा किया जो उन्होंने फोन कॉल के दौरान महसूस किया।
फोन कॉल पर मौत की गूंज : शंकर घोष के अनुसार, घटना के समय वे उल्टाडांगा से लौट रहे थे और चंद्रनाथ से फोन पर संपर्क में थे। उन्होंने बताया कि हम आगामी शनिवार को ब्रिगेड परेड ग्राउंड में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह और गृह मंत्री अमित शाह के दौरे को लेकर चर्चा कर रहे थे। घोष बताते हैं, "बातचीत के बीच में ही मुझे 2-3 लोगों की आवाज़ें सुनाई दीं। मुझे लगा शायद कोई क्रॉस-कनेक्शन है, लेकिन तभी गोलियां चलने की आवाज़ आई और चंद्रनाथ के कराहने का शोर सुनाई दिया।" फोन कटने के बाद घोष ने कई बार वापस कॉल किया और मैसेज भेजकर हालचाल जानना चाहा, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। अंततः, एक अनजान व्यक्ति ने फोन उठाया और बताया कि चंद्रनाथ को गोली लग गई है।
साबित हो सकता है अहम सबूत : राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि शपथ ग्रहण समारोह से ठीक पहले इस तरह की घटना राज्य में कानून-व्यवस्था की गंभीर विफलता को दर्शाती है। शंकर घोष जैसे प्रत्यक्षदर्शी (ऑडियो के माध्यम से) का बयान इस मामले में सबसे अहम कड़ी साबित हो सकता है।
शुभेंदु अधिकारी ने इस घटना को पूर्व नियोजित हत्या बताया है और इसके पीछे किसी बड़ी साजिश की आशंका जताई है। जहां एक ओर भाजपा इस मुद्दे पर ममता सरकार को घेर रही है, वहीं दूसरी ओर पुलिस हमलावरों की तलाश में जुटी है। शंकर घोष का यह बयान कि "मैंने उनकी अंतिम सांसें फोन पर सुनीं", इस मामले को और भी संवेदनशील बना देता है।
Edited By: Naveen R Rangiyal
उन्होंने मीडिया को बताया कि हम फोन पर चर्चा कर रहे थे, अचानक आवाज़ बदल गई। पहले कुछ लोगों के चिल्लाने का शोर आया और फिर गोलियों की तड़तड़ाहट... उसके बाद सिर्फ सन्नाटा था।" रोंगटे खड़े कर देने वाली यह आपबीती सिलीगुड़ी के भाजपा विधायक शंकर घोष ने बताई है, उन्होंने दावा किया कि उस वक्त वे फोन पर थे जब शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या की गई।
क्या है पूरा मामला : बुधवार रात करीब 10 बजे, पश्चिम बंगाल की राजनीति उस समय दहल गई जब विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के बेहद करीबी और उनके निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की उत्तर 24 परगना के मध्यमग्राम में गोली मारकर हत्या कर दी गई। विधायक शंकर घोष ने मीडिया से बात करते हुए उस डरावने अनुभव को साझा किया जो उन्होंने फोन कॉल के दौरान महसूस किया।
साबित हो सकता है अहम सबूत : राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि शपथ ग्रहण समारोह से ठीक पहले इस तरह की घटना राज्य में कानून-व्यवस्था की गंभीर विफलता को दर्शाती है। शंकर घोष जैसे प्रत्यक्षदर्शी (ऑडियो के माध्यम से) का बयान इस मामले में सबसे अहम कड़ी साबित हो सकता है।
शुभेंदु अधिकारी ने इस घटना को पूर्व नियोजित हत्या बताया है और इसके पीछे किसी बड़ी साजिश की आशंका जताई है। जहां एक ओर भाजपा इस मुद्दे पर ममता सरकार को घेर रही है, वहीं दूसरी ओर पुलिस हमलावरों की तलाश में जुटी है। शंकर घोष का यह बयान कि "मैंने उनकी अंतिम सांसें फोन पर सुनीं", इस मामले को और भी संवेदनशील बना देता है।
Edited By: Naveen R Rangiyal
