1. धर्म-संसार
  2. व्रत-त्योहार
  3. हनुमान जयंती
  4. hanuman-jayanti-2026-4-mistakes-to-avoid-puja-shubh-muhurat-vidhi

हनुमान जयंती 2026: भूलकर भी न करें ये 4 गलतियां, जानें पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त और सटीक विधि

Devotees worshipping the idol of Hanuman in the picture
Hanuman Jayanti 2026: साल 2026 में 1 अप्रैल, बुधवार को संकटमोचन हनुमान जी का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। चैत्र पूर्णिमा के दिन आने वाला यह पर्व भक्तों के लिए सुख, शक्ति और समृद्धि का द्वार खोलता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन बजरंगबली की पूजा का फल कई गुना बढ़कर मिलता है, लेकिन अनजाने में की गई छोटी सी गलती आपकी पूजा को निष्फल कर सकती है। आइए जानते हैं इस पावन दिन के शुभ मुहूर्त, सही विधि और उन गलतियों के बारे में जिनसे आपको बचना चाहिए।

पूर्णिमा तिथि:

पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ- 01 अप्रैल 2026 को सुबह 07:06 बजे से।
पूर्णिमा तिथि समाप्त- 02 अप्रैल 2026 को सुबह 07:41 बजे तक।
उदयातिथि के अनुसार 02 अप्रैल को हनुमान जयंती मनाएंगे।
 

हनुमान जयंती 02 अप्रैल 2026 गुरुवार: पूजा का शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त: सुबह 12:00 से दोपहर 12:50 के बीच।
अमृत काल: सुबह 11:18 से दोपहर 12:59 के बीच।
गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:38 से 07:01 के बीच।
सन्ध्या पूजा मुहूर्त: शाम 06:49 से रात्रि 07:48 के बीच।
निशीथ काल मुहूर्त: मध्यरात्रि 12:01 से 12:47 के बीच।

भूलकर भी न करें ये 4 गलतियां

हनुमान जी 'रुद्र' के अवतार हैं और उनकी पूजा में नियमों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है। इस दिन ये 4 काम वर्जित माने गए हैं:
 
1. सफेद या काले वस्त्र धारण करना: हनुमान जी को लाल और पीला रंग प्रिय है। उनकी पूजा में कभी भी काले या सफेद कपड़े पहनकर न बैठें, यह अशुभ माना जाता है।
 
2. तामसिक भोजन का सेवन: हनुमान जयंती के दिन मांस, मदिरा, प्याज और लहसुन का भूलकर भी सेवन न करें। ऐसा करने से बजरंगबली क्रोधित हो सकते हैं।
 
3. सूखे या बासी पुष्प चढ़ाना: बजरंगबली की पूजा में हमेशा ताजे और सुगंधित फूल (विशेषकर लाल गुलाब या गेंदा) ही अर्पित करें। सूखे फूल चढ़ाने से नकारात्मकता बढ़ती है।
 
4. खंडित मूर्ति की पूजा: पूजा घर में यदि हनुमान जी की मूर्ति खंडित (टूटी हुई) है, तो उसकी पूजा न करें। साथ ही, पूजा के समय मन में किसी के प्रति क्रोध या द्वेष न लाएं।

पूजा की सबसे सटीक और सरल विधि

हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए इस विधि से पूजा संपन्न करें:
संकल्प: सुबह स्नान के बाद हाथ में जल लेकर व्रत या विशेष पूजा का संकल्प लें।
चोला अर्पण: यदि संभव हो, तो पास के मंदिर में जाकर हनुमान जी को चमेली का तेल और सिंदूर (चोला) चढ़ाएं। यह मंगल दोष दूर करने का सबसे उत्तम उपाय है।
भोग: उन्हें बूंदी के लड्डू या शुद्ध घी से बने चूरमे का भोग लगाएं। याद रखें, भोग में तुलसी का पत्ता जरूर रखें।
पाठ: आसन पर बैठकर 'हनुमान चालीसा' का 7 बार पाठ करें या 'सुंदरकांड' का पाठ करें।
आरती: अंत में धूप-दीप जलाकर हनुमान जी की आरती करें और अनजाने में हुई गलतियों के लिए क्षमा मांगें।
लेखक के बारे में
WD Feature Desk
अनुभवी लेखक, पत्रकार, संपादक और विषय-विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए गहन और विचारोत्तेजक आलेखों का प्रकाशन किया जाता है।.... और पढ़ें
अगला लेख
कष्टों से मुक्ति चाहिए? हनुमान जयंती के दिन कर लें ये 3 गुप्त उपाय, बजरंगबली तुरंत सुनेंगे पुकार