भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) को अंतिम रूप देने की दिशा में तेजी से प्रगति हो रही है, लेकिन इसी बीच अमेरिका की एक नई व्यापारिक पहल ने बातचीत में नई चुनौती खड़ी कर दी है। अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) ने भारत सहित कई देशों को उन अर्थव्यवस्थाओं की सूची में शामिल किया है, जिन पर जबरन मजदूरी (Forced Labour) से जुड़े उत्पादों को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में प्रवेश देने के आरोपों के कारण अतिरिक्त टैरिफ लगाया जा सकता है।
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) ने भारत सहित 60 देशों की एक ऐसी बदनाम लिस्ट जारी की है, जिन्हें 'जबरन श्रम' (Forced Labour) से जुड़ी चिंताओं के कारण अतिरिक्त टैरिफ का सामना करना पड़ सकता है। यह एक व्यापारिक और मानवाधिकार संबंधी मामला है। USTR का आरोप है कि भारत समेत 60 देशों ने जबरन मजदूरी से बने उत्पादों के आयात को रोकने के लिए अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए हैं। इस कारण अमेरिका ने भारतीय सामानों के निर्यात पर 12.5 % का अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव दिया है।
लिस्ट में क्यों हैं भारत का नाम
USTR की रिपोर्ट के मुताबिक भारत उन 54 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है जिन्होंने जबरन मजदूरी से निर्मित वस्तुओं के आयात पर प्रभावी प्रतिबंध लागू नहीं किया है या उसका प्रभावी ढंग से पालन नहीं कराया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की नीतियां और प्रक्रियाएं अमेरिकी व्यापार के लिए बाधा उत्पन्न करती हैं और अमेरिकी वाणिज्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं। मार्च 2026 में शुरू की गई इस जांच में उन देशों का अध्ययन किया गया जो अमेरिका के कुल आयात का लगभग 99.4% हिस्सा हैं। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना था कि क्या विभिन्न देश जबरन मजदूरी से तैयार उत्पादों को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में प्रवेश दे रहे हैं।
कौन-कौन है इस लिस्ट में
इस लिस्ट में भारत के अलावा चीन, रूस, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन,नॉर्वे, कनाडा, मैक्सिको, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सऊदी अरब, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, स्विटजरलैंड, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंडत कजाकिस्तान, इजरायल, जॉर्डन, तुर्की, बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, इराक आदि देश शामिल हैं। इनमें कनाडा, यूरोपीय संघ, मैक्सिको, पाकिस्तान, ब्रिटेन और इंडोनेशिया (कुल छह) जैसे देशों जिन्होंने आंशिक रूप से कानून बनाए हैं, उन पर 10% अतिरिक्त शुल्क का प्रस्ताव है और शेष भारत, चीन, रूस, जापान और ब्राजील सहित बाकी बचे 54 देशों पर 12.5 फीसदी अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव है।
भारत ने क्या कहा
भारत में जबरन मजदूरी पर पहले से ही प्रतिबंध है। देश में Bonded Labour System (Abolition) Act, 1976 के तहत बंधुआ मजदूरी को गैरकानूनी घोषित किया गया है। हालांकि ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के का कहना है कि भारतीय निर्यात उद्योगों में चीन से आयातित मध्यवर्ती उत्पादों (Intermediate Inputs) पर निर्भरता के कारण भारतीय निर्यातक अमेरिकी जांच के दायरे में आ सकते हैं। एक्सपर्ट्स का यदि अमेरिका इस प्रस्ताव को लागू करता है तो भारतीय सोलर, इलेक्ट्रॉनिक्स और वस्त्र उद्योग के निर्यातकों को अतिरिक्त जांच और संभावित टैरिफ का सामना करना पड़ सकता है। Edited by: Sudhir Sharma