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Last Updated :ढाका , शनिवार, 20 दिसंबर 2025 (11:36 IST)

हिंसा की आग में सुलगा बांग्लादेश, उस्मान हादी का अंतिम संस्कार आज

bangladesh violence
Bangladesh Violence : इंकलाब मंच के नेता उस्मान हादी की हत्या के बाद बांग्लादेश एक बार फिर हिंसा की आग में सुलग रहा है। प्रदर्शनकारियों ने ढाका से लेकर चटगांव तक सड़कों पर जमकर हिंसक प्रदर्शन किया। हादी के शव को सिंगापुर से बांग्लादेश लाया गया। आज उसे अंतिम विदाई दी जाएगी। ALSO READ: बांग्लादेश में हिंदू युवक की पीट पीटकर हत्या, शव को पेड़ से बांधकर जलाया
 
गौरतलब है कि 12 दिसंबर को ढाका के विजय नगर इलाके में एक मस्जिद से बाहर निकलते समय उस्मान हादी को हमलावरों ने गोली मार दी। 18 दिसंबर को सिंगापुर के एक अस्पताल में हादी ने दम तोड़ दिया।
 
 दावा किया जा रहा है कि हादी के कथित शूटर फैसल करीम ने अपनी गर्लफ्रेंड मारिया को हादी पर हमले से पहले ही कह दिया था कि वह देश को जलाने जा रहा है। ALSO READ: कौन था उस्मान हादी, जिसकी मौत से बांग्लादेश में मचा बवाल
 
हादी शेख हसीना की सरकार गिराने वाले 'विद्रोह' के बड़े नेताओं में से एक थे। वे 'इंकलाब मंच' के प्रवक्ता थे और ढाका-8 सीट से स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने वाले थे। हादी भारत-विरोधी रुख के लिए भी जाने जाते थे। मौत की खबर फैलते ही ढाका के शाहबाग में हजारों प्रदर्शनकारी उमड़ पड़े।
 
गुस्सा इतना ज्यादा था कि भीड़ ने बांग्लादेश के सबसे बड़े अखबारों- 'प्रथम आलो' और 'डेली स्टार' के दफ्तरों में आग लगा दी। इस दौरान 25 पत्रकारों को बड़ी मुश्किल से बचाया गया। इन अखबारों पर भारत समर्थक होने का आरोप लगाया गया। भारतीय मिशन पर हमला किया गया। एक हिंदू युवक की पीट पीटकर हत्या कर दी गई। उपद्रवियों ने राजशाही में शेख मुजीबुर रहमान के घर को फिर से निशाना बनाया और अवामी लीग के दफ्तरों को जला दिया गया।
 
शेख हसीना सरकार में शिक्षा मंत्री रहे मोहिबुल हसन चौधरी ने पूरी हिंसा को 'सुनियोजित' करार दिया है। चौधरी ने आरोप लगाया कि मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार जानबूझकर हिंसा भड़का रही है। उन्होंने कहा कि हमले 'स्टेट-स्पॉन्सर्ड' और पहले से तय थे ताकि भारत को उकसाया जा सके। उन्होंने इसे चुनाव टालने की साजिश भी करार दिया है।
 
वहीं, भारतीय विदेश मंत्रालय ने मीडिया घरानों पर हमलों और ढाका में भारतीय उप-उच्चायुक्त के आवास के पास हुई पत्थरबाजी पर गहरी चिंता व्यक्त की है। भारत ने स्पष्ट किया है कि किसी भी लोकतांत्रिक देश में हिंसा और भीड़ तंत्र के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। हादी की हत्या में हाथ होने के आरोपों को भारत ने पूरी तरह निराधार बताया है।
 
इस घटना ने भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में कड़वाहट और बढ़ा दी है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हमलावर भारत भाग गए हैं। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने हादी को 'शहीद' बताया और देश में एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की। उन्होंने हत्यारों को पकड़ने के लिए 50 लाख टका के इनाम का ऐलान किया। उस्मान हादी की मौत ने बांग्लादेश की लोकतांत्रिक यात्रा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या यह हत्या चुनाव को टालने की साजिश है? या फिर ये नई सरकार के भीतर चल रहे संघर्ष का नतीजा है? फिलहाल बांग्लादेश का माहौल गरमाया हुआ है।
edited by : Nrapendra Gupta
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