दतिया उपचुनाव में हार पर बोले कैलाश विजयवर्गीय, हार तो हार है, हल्के में नहीं ले सकते, लेकिन...
दतिया उपचुनाव हार पर अब भाजपा बैकफुट पर है। हार का चिंतन शुरू हो गया है। जो किसी ने सोचा नहीं था, वो दतिया में हो गया है। इस बीच भाजपा नेताओं के बयान भी सामने आ रहे हैं। हाल ही में इंदौर में भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय का बयान सामने आया है।
मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दतिया विधानसभा उपचुनाव के परिणाम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उपचुनाव का महत्व आम चुनाव जितना नहीं होता, लेकिन हार को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि भाजपा इस हार की समीक्षा करेगी। विजयवर्गीय ने सोमवार देर रात इंदौर में मीडिया से बात की थी।
उन्होंने कहा कि उपचुनाव का बहुत ज्यादा महत्व नहीं होता, फिर भी हार, हार होती है और जीत, जीत होती है। प्रदेश अध्यक्ष ने भी कहा है कि पार्टी इस परिणाम पर चिंतन करेगी।
उन्होंने कहा कि भाजपा यह पता लगाएगी कि किन कारणों से पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। साथ ही भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए आवश्यक कदम भी उठाए जाएंगे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के प्रभाव वाले क्षेत्र की सीट पर आए परिणाम को लेकर पूछे गए सवाल पर विजयवर्गीय ने कहा कि वे स्वयं वहां चुनाव प्रचार के लिए गए थे।
भाजपा को 6056 वोटों से हराया : बता दें कि दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस ने भाजपा को 6056 वोटों से हरा दिया। चुनाव में पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के बूथ पर भी भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। नतीजे आने के बाद भाजपा और कांग्रेस नेताओं ने एक-दूसरे को मेलोडी टॉफी खिलाकर बधाई दी और गले मिले। इस जीत के साथ कांग्रेस ने सीट अपने नाम कर ली, जबकि भाजपा को बड़ा राजनीतिक झटका लगा।
उन्होंने कहा कि उपचुनाव का बहुत ज्यादा महत्व नहीं होता, फिर भी हार, हार होती है और जीत, जीत होती है। प्रदेश अध्यक्ष ने भी कहा है कि पार्टी इस परिणाम पर चिंतन करेगी।
उन्होंने कहा कि भाजपा यह पता लगाएगी कि किन कारणों से पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। साथ ही भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए आवश्यक कदम भी उठाए जाएंगे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के प्रभाव वाले क्षेत्र की सीट पर आए परिणाम को लेकर पूछे गए सवाल पर विजयवर्गीय ने कहा कि वे स्वयं वहां चुनाव प्रचार के लिए गए थे।

