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LNCT पैरामेडिकल कॉलेज के सैकड़ों छात्रों का छलका दर्द, 3 साल से नहीं दी स्कॉलरशिप, कलेक्ट्रेट पहुंचकर लगाई न्याय की गुहार

LNCT
इंदौर। कॉलेज प्रशासन की बहानेबाजी और 3 सालों से स्कॉलरशिप न मिलने से परेशान इंदौर के LNCT पैरामेडिकल कॉलेज के सैकड़ों छात्र-छात्राओं के सब्र का बांध आखिरकार टूट गया। पिछले तीन साल से स्‍कॉलरशिप न मिलने से परेशान बार-बार गुहार लगाने के बावजूद जब कॉलेज प्रबंधन बहानेबाजी करता रहा, तो थक-हारकर भारी संख्या में विद्यार्थी न्याय की आस में कलेक्ट्रेट दफ्तर पहुंच गए। स्कॉलरशिप न मिलने के कारण बाहरी जिलों और राज्यों से आकर पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों के सामने अब अपना दैनिक खर्च और पढ़ाई जारी रखने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

बता दें कि LNCT पैरामेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने स्‍कॉलरशिप के लिए आवेदन किया था, लेकिन आवेदन के समय पोर्टल की लिंक एक्‍सेसिबल नहीं थी। ऐसे में कई छात्र-छात्राएं आवेदन नहीं कर सके, ऐसे में पोर्टल की तकनीकी खामी का नुकसान छात्रों को उठाना पड़ रहा है। कॉलेज प्रशासन इसे लेकर भी चुप है।

LNCT पैरामेडिकल कॉलेज की प्रिंसीपल निकिता अहिरवार ने बताया कि बच्‍चों को पहले साल से ही स्‍कॉलरशिप नहीं मिली है, वे मेरे पास आए थे। मैंने इस बारे में स्‍कॉरलरशिप डिपार्टमेंट को बताया था, जरूरी डॉक्‍यूमेंटेशन कर के भी उन्‍हें भेज दिया था। लेकिन पोर्टल की लिंक ओपन होने में कोई दिक्‍कत है शायद। लिंक री-ओपन हो जाएगी तो समस्‍या हल हो जाएगी। मैं भी इस बारे में एक बार स्‍कॉरलरशिप डिपार्टमेंट से बात करती हूं।

कॉलेज प्रशासन हर बार बनाता है बहाना : साक्षी, रिया, यामिनी, दक्ष, प्रमिला, रोशनी आदि बीपीटी और बीएमएलटी के छात्र-छात्राओं ने वेबदुनिया को बताया कि वे पिछले तीन सालों से कॉलेज प्रशासन से स्‍कॉलरशिप के बारे में पूछ रहे हैं, लेकिन कोई उन्‍हें ठीक से जवाब तक नहीं दे रहा है। हर बार कॉलेज प्रशासन कोई न कोई बहाना बनाकर टाल देता है। विद्यार्थियों ने बताया कि स्‍कॉलरशिप नहीं मिलने से उनकी पढ़ाई पर असर हो रहा है। दैनिक खर्च निकालना भी मुश्‍किल हो गया है।

बाहरी छात्रों के सामने खड़ा हुआ गंभीर संकट : बता दें कि विद्यार्थियों में बड़ी संख्या ऐसे छात्र-छात्राओं की है जो प्रदेश के अन्य जिलों और दूसरे राज्यों से इंदौर में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि स्कॉलरशिप न मिलने के कारण वे अपने दैनिक खर्च, कमरे का किराया और मेस का बिल चुकाने में असमर्थ हैं।

कॉलेज प्रशासन पर टालमटोल का आरोप : छात्रों ने बताया कि उन्होंने कई बार कॉलेज प्रबंधन से इस विषय में बात की और अपनी समस्याएं रखीं, लेकिन हर बार उन्हें कोई न कोई आश्वासन देकर टाल दिया गया। लगातार तीन साल से स्कॉलरशिप रोके जाने के कारण कई विद्यार्थियों की पढ़ाई पर संकट मंडराने लगा है। कलेक्ट्रेट पहुंचे विद्यार्थियों ने ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि कॉलेज प्रशासन और स्‍कॉलरशिप के इस मामले की जांच की जाए। इस पर प्रशासन ने उन्‍हें आश्‍वासन दिया है।

स्‍कॉलरशिप न मिले तो क्‍या करें : बता दें कि प्रशासनिक या तकनीकी विसंगतियां: कई बार कॉलेज स्तर से डेटा फॉरवर्ड न होने या राज्य के छात्रवृत्ति पोर्टल (जैसे एमपी का MP Online पोर्टल) पर तकनीकी खराबी के कारण फंड रुक जाता है।

कई बार सरकारी नियमों के अनुसार, यदि छात्र का बैंक खाता NPCI (National Payments Corporation of India) से एक्टिव नहीं है या आधार कार्ड से लिंक नहीं है, तो स्कॉलरशिप का भुगतान रोक दिया जाता है।

कॉलेज के स्कॉलरशिप विभाग से मिलें: सबसे पहले LNCT University Scholarship Department के नोडल ऑफिसर या इनचार्ज से संपर्क करें और अपने फॉर्म का स्टेटस जानें।

सीएम हेल्पलाइन या जनसुनवाई में शिकायत: यदि कॉलेज प्रशासन या स्थानीय विभाग से कोई मदद नहीं मिल रही है, तो मध्य प्रदेश सरकार की CM Helpline (181) पर शिकायत दर्ज कराएं या जिला कलेक्टर की जनसुनवाई में आवेदन दें।
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