इंदौर में 'ओपन बार' ने निकाला कानून-व्यवस्था का जनाज़ा, कागजों में बंद सड़कछाप अवैध अहातों में हो रहे विवाद
- ड्रिंक एंड ड्राइव वालों के खिलाफ अभियान, अवैध अहातों पर कोई कार्रवाई नहीं
- आए दिन इन अहातों में होते हैं विवाद, लोग भी परेशान
- रात होते ही शहर में कई जगह खुले में लोग छलका रहे जाम
- सिर्फ कागजों में सिमटा इंदौर का नशामुक्त अभियान
आबकारी के सहायक आयुक्त देवेश चतुर्वेदी ने वेबदुनिया को बताया कि जहां भी शराब दुकानों के पास अवैध गतिविधि हो रही है, वहां हम लगातार कार्रवाई करते हैं, अहाते तो बंद हैं, कहीं इस तरह की कोई गतिविधि न हो इसके लिए हम निगरानी करते हैं। आपने ध्यान में दिलाया है तो हम एक बार फिर से इसे लेकर अभियान चलाएंगे और अवैध गतिविधियों को कंट्रोल करेंगे।
कानून-व्यवस्था का जनाज़ा : स्वच्छता में देश भर में परचम लहराने वाले इंदौर शहर की सड़कों पर रात ढलते ही कानून-व्यवस्था का जनाज़ा निकलता दिखाई देता है। शहर की विभिन्न देसी और अंग्रेजी शराब दुकानों के आसपास और मुख्य सड़कों पर खुलेआम 'अवैध अहाते' संचालित हो रहे हैं। शराब दुकान से बोतल खरीदी और दुकान के ठीक बाहर, फुटपाथ या गाड़ियों के बोनट पर बैठकर पीना शुरू कर दिया।
राहगीरों और महिलाओं का निकलना दुश्वार : शहर के कई प्रमुख चौराहों और कॉलोनियों के मुख्य रास्तों के पास शराब दुकानों के बाहर शाम होते ही अवैध अहाते में तब्दील माहौल देखा जा सकता है। लोग सड़क पर खुलेआम शराब पीते हैं, जिससे वहां से गुजरने वाली महिलाओं, परिवारों और आम राहगीरों का निकलना दूभर हो जाता है। अवैध रूप से ठेले और स्टॉल लगाने वाले पानी और डिस्पोजल मनमाने दामों पर बेचते हैं। जब शराब के नशे में धुत लोग इन विक्रेताओं या आपस में उलझते हैं, तो मामला अक्सर खूनी संघर्ष तक पहुंच जाता है।
'ड्रिंक एंड ड्राइव' पर चालान, अवैध अहातों पर चुप्पी क्यों?
एक तरफ इंदौर पुलिस देर रात चेकिंग पॉइंट लगाकर 'ड्रिंक एंड ड्राइव' के तहत वाहन चालकों पर कार्रवाई करने और चालान काटने का ढिंढोरा पीटती है, वहीं दूसरी तरफ शराब दुकानों के ठीक बाहर संचालित हो रहे इन अवैध अहातों पर कोई बुलडोजर या कानूनी कार्रवाई नहीं की जाती। जनता सवाल उठा रही है कि जब व्यक्ति को दुकान के बाहर ही सड़क पर शराब पीने की छूट दी जा रही है, तो बाद में उसे गाड़ी चलाते वक्त पकड़ना पुलिस के नशामुक्ति अभियान और कार्रवाई की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस का नशामुक्ति अभियान केवल खानापूर्ति और चालानी कार्रवाई कर लक्ष्य पूरा करने तक सीमित रह गया है।
पुलिस प्रशासन (Police): शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है। सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीना और उपद्रव करना कानूनी अपराध है। इसके बावजूद पुलिस पेट्रोलिंग गाड़ियां इन स्थानों के पास से गुजर जाती हैं, लेकिन अवैध रूप से लग रहे चकना-पानी के ठेलों और पियक्कड़ों को हटाने की जहमत नहीं उठातीं।
मध्य प्रदेश में 'अहातों' पर प्रतिबंध : मध्य प्रदेश में शराब दुकानों से लगे आधिकारिक 'अहातों' (Drinking Area/Shop Bars) पर फरवरी 2023 में शिवराज सिंह चौहान सरकार ने पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया था। आबकारी नीति 2023-24: राज्य मंत्रिमंडल ने 19 फरवरी 2023 को नई आबकारी नीति को मंजूरी दी थी, जो 1 अप्रैल 2023 से लागू हुई।
होटल ढाबों पर शिकंजा : राऊ थाना पुलिस ने हाल ही में कैट रोड स्थित राजा भोज ढाबे पर बड़ी कार्रवाई की है। यहाँ बिना वैध लाइसेंस के ग्राहकों को अवैध रूप से शराब परोसी जा रही थी। पुलिस ने संचालकों सहित कुल 6 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
थोक मात्रा में अवैध शराब की जब्ती : कनाड़िया थाना पुलिस और राऊ बायपास रोड पर की गई नाकेबंदी के दौरान पुलिस ने एक ट्रक और कार को रोककर 11,000 लीटर से अधिक अवैध शराब व बीयर ज़ब्त की है, जिसकी कीमत लगभग 55 लाख रुपये आंकी गई है। इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
मालवा मिल में किया था विरोध : हाल ही में मालवा मिल इलाके में शराब की एक दुकान खोले जाने पर रहवासियों ने विरोध किया था। इसे लेकर करीब दो दिनों तक लोगों ने विरोध किया। लेकिन अंतत: वहां दुकान खोली गई और अब वहां पीने वालों का जमावडा लगा रहता है।

