गुजरात में बड़ा बदलाव: PNG है तो LPG नहीं, होटल-रेस्टोरेंट के गैस कोटे में भारी कटौती
गुजरात सरकार ने राज्य में गैस और केरोसिन की आपूर्ति को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। आम जनता के लिए राहत की खबर यह है कि घरेलू उपयोग के LPG सिलेंडर का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, जिससे इसकी कोई कमी नहीं होगी। हालांकि, सरकार ने कमर्शियल गैस के उपयोग पर अंकुश लगाया है और वितरण व्यवस्था में बड़े बदलाव किए हैं। इसके साथ ही केंद्र सरकार द्वारा राज्य को केरोसिन का नया जत्था भी आवंटित किया गया है।
कमर्शियल गैस वितरण के लिए नई श्रेणी
सरकार के नए आदेश के अनुसार, अब केवल उन्हीं क्षेत्रों में कमर्शियल सिलेंडर दिए जाएंगे जहां अभी तक पाइपलाइन (PNG) की सुविधा नहीं पहुंची है। इस वितरण व्यवस्था में प्राथमिकता के आधार पर आवंटन तय किया गया है, जिसके तहत अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को उनकी पूरी जरूरत के मुताबिक 100% कोटा प्रदान किया जाएगा। वहीं फार्मा कंपनियों, डेयरी उद्योग, बीज प्रसंस्करण इकाइयों (Seed Processing Units) और रेलवे या एयरलाइन कैंटीन को उनकी जरूरत का 70% गैस आवंटित किया जाएगा। हालांकि, होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, कॉर्पोरेट कैंटीन और फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स के लिए कटौती की गई है; उन्हें पिछले 6 महीनों की औसत खपत के आधार पर केवल 10% कोटा ही मिल सकेगा।
PNG कनेक्शन होने पर LPG सिलेंडर जमा करना अनिवार्य
नई गाइडलाइन का सबसे महत्वपूर्ण नियम यह है कि जिन उपभोक्ताओं के घर पर पाइपलाइन वाला PNG कनेक्शन चालू है, उन्हें अपना पुराना LPG सिलेंडर कनेक्शन अनिवार्य रूप से एजेंसी में जमा (Surrender) करना होगा। अब से कोई भी उपभोक्ता PNG और LPG दोनों कनेक्शन एक साथ नहीं रख सकेगा। इस नियम को लागू करने के लिए प्रशासन द्वारा सख्त निर्देश दिए गए हैं।
केरोसिन वितरण और कड़ी निगरानी
केंद्र सरकार ने गुजरात के लिए 1452 किलो लीटर केरोसिन आवंटित किया है, जो जरूरतमंद परिवारों को 5 लीटर की सीमा में दिया जाएगा। वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए राजस्व और पुलिस विभाग की टीमें लगातार 'सरप्राइज चेकिंग' कर रही हैं। अब तक राज्य और जिला स्तर पर सैकड़ों स्थानों पर जांच की जा चुकी है। यदि किसी उपभोक्ता को कोई शिकायत है, तो वे सरकार के टोल-फ्री नंबर 1800-233-0222 पर संपर्क कर सकते हैं।
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