किसानों के लिए खुशखबरी: पानम बांध का पानी अब 206 किमी लंबी पाइपलाइन से पहुंचेगा खेतों तक
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुजरात के पूर्वी क्षेत्र में स्थित आदिवासी इलाकों के सर्वांगीण विकास के लिए पंचमहाल और दाहोद जिलों को 1100 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'वंचितों को वरीयता' के मंत्र को सार्थक करते हुए, मुख्यमंत्री ने पंचमहाल में 732 करोड़ रुपए के 112 कार्यों और दाहोद में 367 करोड़ रुपए के 1200 से अधिक छोटे-बड़े विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन विकास कार्यों में मुख्य रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़कों और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं पर जोर दिया गया है।
पानम सिंचाई योजना: किसानों के लिए आशीर्वाद
इस दौरे का मुख्य आकर्षण पानम जलाशय पर आधारित नई उद्वहन (लिफ्ट) सिंचाई योजना रही। लगभग 406 करोड़ रुपए की लागत से तैयार इस योजना के तहत 236 फीट की ऊंचाई से पानी लिफ्ट करके 206 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई है। इस योजना के माध्यम से पंचमहाल जिले के शेहरा, गोधरा, कलोल और घोघंबा तालुकों के 79 गांवों के करीब 130 तालाबों को पानी से भर दिया जाएगा, जिससे सीधे तौर पर 86,000 एकड़ भूमि को सिंचाई का लाभ मिलेगा।
बजट में आदिवासी कल्याण और सिंचाई पर जोर
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान बताया कि अंबाजी से उमरगाम तक के पूरे आदिवासी बेल्ट में अब तक 3160 करोड़ रुपए की लागत से 11 सिंचाई योजनाएं पूरी की जा चुकी हैं। इस वर्ष के 4 लाख करोड़ रुपए के ऐतिहासिक बजट में भी लिफ्ट इरिगेशन के लिए 485 करोड़ रुपए का विशेष प्रावधान किया गया है। नर्मदा आधारित योजनाओं के जरिए छोटा उदेपुर, दाहोद और पंचमहाल जिलों के 18 तालुकों की 51,480 हेक्टेयर भूमि तक पानी पहुंचाने का बड़ा लक्ष्य राज्य सरकार ने निर्धारित किया है।
दाहोद को 'आकांक्षी' से 'प्रेरणादायक' बनाने का आह्वान
विकास की गति को तेज करते हुए मुख्यमंत्री ने दाहोद जिले को 'एस्पिरेशनल' (आकांक्षी) श्रेणी से बाहर लाकर 'इंस्पिरेशनल' (प्रेरणादायक) जिला बनाने के लिए स्थानीय प्रशासन और जनता का आह्वान किया। इस भव्य कार्यक्रम में मंत्री अर्जुनभाई मोढवाडिया, रमेशभाई कटारा सहित कई गणमान्य व्यक्ति और बड़ी संख्या में आदिवासी परिवार उपस्थित रहे। पानी को विकास का आधार बताते हुए मुख्यमंत्री ने इस क्षेत्र के किसानों को समृद्ध बनाने का दृढ़ संकल्प व्यक्त किया।