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Iran US peace : ईरान-अमेरिका शांति समझौते पर बड़ा विवाद, ट्रंप प्रशासन ने ईरानी मीडिया की रिपोर्ट को बताया फर्जी
ईरानी सरकारी मीडिया द्वारा यह दावा किए जाने के बाद कि तेहरान और वॉशिंगटन के बीच संघर्ष समाप्त करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) के मसौदे का ढांचा हासिल कर लिया गया है, ट्रंप प्रशासन ने इस रिपोर्ट को 'पूरी तरह मनगढ़ंत' करार दिया है। व्हाइट हाउस के आधिकारिक कम्युनिकेशन पेज रैपिड रिस्पॉन्सेस 47 द्वारा जारी बयान में कहा गया, “ईरानी नियंत्रित मीडिया की यह रिपोर्ट सही नहीं है और जो MoU उन्होंने जारी किया है वह पूरी तरह फर्जी है। किसी को भी ईरानी सरकारी मीडिया द्वारा प्रसारित बातों पर विश्वास नहीं करना चाहिए। तथ्य मायने रखते हैं।”
शांति समझौते को लेकर ईरानी मीडिया ने क्या दावे किए?
ईरानी सरकारी टेलीविजन के अनुसार, कथित प्रस्तावित ढांचे में एक महीने के भीतर होरमुज जलडमरूमध्य के जरिए वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही को युद्ध-पूर्व स्तर पर बहाल करने की बात कही गई थी। इसके बदले अमेरिका ईरान के आसपास के क्षेत्रों से अपनी सैन्य मौजूदगी हटाएगा और नौसैनिक नाकेबंदी समाप्त करेगा।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि इस व्यवस्था में सैन्य जहाजों को शामिल नहीं किया जाएगा और ओमान के समन्वय से ईरान जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही की निगरानी करेगा। साथ ही कहा गया कि तेहरान 'ठोस सत्यापन' के बिना किसी भी कदम को लागू नहीं करेगा।
ईरानी मीडिया ने यह भी दावा किया कि यदि 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौता हो जाता है, तो इसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के बाध्यकारी प्रस्ताव के जरिए औपचारिक रूप दिया जा सकता है। हालांकि, इस कथित ढांचे में ईरान के परमाणु कार्यक्रम का कोई उल्लेख नहीं किया गया।
शांति समझौते की वर्तमान स्थिति क्या है?
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मंगलवार को कहा कि बातचीत में अभी कई दिन और लग सकते हैं, जबकि सप्ताहांत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संभावित सफलता को लेकर आशावाद जताया था। वार्ता में सबसे बड़े विवादित मुद्दों में होरमुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना और उस पर नियंत्रण शामिल है। यह दुनिया का एक बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जहां से संघर्ष शुरू होने से पहले वैश्विक तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता था। इसके अलावा ईरान के परमाणु ढांचे को खत्म करने का मुद्दा भी बातचीत में बड़ी बाधा बना हुआ है।
रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप कैंप डेविड में अपने मंत्रिमंडल की बैठक बुलाने वाले हैं, जिसमें ईरान संघर्ष को समाप्त करने के प्रयासों पर चर्चा की जाएगी। हालांकि ट्रंप ने शनिवार को दावा किया था कि तेहरान के साथ समझौता करीब है, लेकिन बातचीत अब भी तनावपूर्ण बनी हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने चेतावनी दी है कि यदि वार्ता विफल होती है तो ईरान पर सैन्य हमले दोबारा शुरू हो सकते हैं। वहीं सोमवार को अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दक्षिणी ईरान और क्षेत्र में मौजूद नौकाओं पर हमलों की पुष्टि की, हालांकि उसने यह भी कहा कि युद्धविराम अभी कायम है। Edited by : Sudhir Sharma
