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छोरी : फिल्म समीक्षा

शनिवार,नवंबर 27, 2021
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सलमान खान के पिता सलीम खान ने जावेद अख्तर के साथ मिल कर एंग्रीयंग मैन का किरदार गढ़ा था जिसे निभा कर अमिताभ बच्चन सुपरस्टार बन गए थे। वही किरदार सलमान द्वारा प्रोड्यूस फिल्म 'अंतिम: द फाइनल ट्रूथ' में नजर आता है। यह फिल्म मराठी फिल्म 'मुल्शी पैटर्न' ...
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कई बार बीमारी समझ में नहीं आती है तो खूब सारी दवाइयां दे दी जाती हैं कि कोई न कोई सी तो लग जाएगी और मरीज ठीक हो जाएगा। निर्देशक मिलाप ज़वेरी ने यही काम 'सत्यमेव जयते 2' में किया है। किसानों का दर्द, भ्रष्टाचार की मार, बच्चों से भीख मंगवाने वाली ...
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कार्तिक आर्यन की फिल्म 'धमाका' कोरियन फिल्म 'द टेरर लाइव' (2013) पर आधारित एक न्यूज रूम ड्रामा है। मीडिया का टीआरपी की रेटिंग को लेकर निचले स्तर तक पहुंच जाना, मीडियाकर्मी का आगे बढ़ने की महत्वाकांक्षा को लेकर सब कुछ दांव पर लगा देना, आम आदमी के ...
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बंटी और बबली 2 को देख हैरत होती है कि क्या यह यशराज फिल्म्स के बैनर तले बनी है जिसने कई उम्दा फिल्में प्रोड्यूस की है। यह फिल्म इतनी उबाऊ है कि दो घंटे भी बीस घंटे के बराबर लगते हैं। ऊलजलूल हरकतें दिखा कर फिल्म को पूरा किया है गया है जिसमें न लॉजिक ...
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स्पेशल ऑप्स जैसी शानदार सीरिज के बाद 'स्पेशल ऑप्स 1.5 : द हिम्मत स्टोरी' देख कुछ प्रश्न दिमाग में कौंधते हैं? क्या इसे महज स्पेशल ऑप्स की सफलता का फायदा उठाने के लिए बनाया गया? क्या कोई कांट्रेक्ट था जिसे पूरा करने के लिए जो सूझा बनाकर पेश कर दिया ...
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सूर्यवंशी फिल्म समीक्षा - सूर्यवंशी उसी तरह की फिल्म है जिस तरह की फिल्में रोहित शेट्टी बनाते हैं। अक्षय कुमार, अजय देवगन, रणवीर सिंह, कैटरीना कैफ जैसे सितारों से सजी यह फिल्म मसाला फिल्म पसंद करने वालों के लिए बनाई गई है। रोहित शेट्टी को पुलिस ...
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हम दो हमारे दो, यह नारा वर्षों पहले भारत में गूंजा था जिसके पीछे उद्देश्य जनसंख्या नियंत्रण था। राजकुमार राव और कृति सेनन अभिनीत फिल्म में 'हम दो हमारे दो' वाली बात को उलट दिया है। फिल्म का हीरो ध्रुव अपने लिए माता-पिता ढूंढता है ताकि वह हीरोइन ...
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डिबुक बनाने के पहले निर्देशक और लेखक जय के. ने इसी कहानी पर आधारित मलयालम फिल्म बनाई थी, अब हिंदी में फिल्म लेकर हाजिर हैं। यह एक हॉरर फिल्म है जिसमें 'डिबुक' का नया एंगल देकर रोमांच पैदा करने की कोशिश की है। ये डिबुक क्या है? इसके पीछे वर्षों ...
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'सरदार उधम' में दर्शाया गया है कि किस तरह उधम सिंह भारत से अफगानिस्तान और यूएसएसआर होते हुए इंग्लैंड पहुंचे। वहां मौका तलाशा और फिर अपने मिशन को अंजाम दिया। ये 21 साल उनके लिए एक तपस्या की तरह थे और यह बहादुरी वाला कारनामा भारत की गुलामी के दौर में ...
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सनक : फिल्म समीक्षा

शनिवार,अक्टूबर 16, 2021
सनक एक होस्टेज ड्रामा है। इस तरह की फिल्मों की कहानी जानी-पहचानी रहती है। क्या होने वाला है इसका अंदाजा लगाने में दिमाग पर ज्यादा जोर नहीं डालना पड़ता। रूचि इस बात में रहती है कि किस तरह से ये सब घटित होता है। एक ही लोकेशन पर दो-तिहाई फिल्म शूट होती ...
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रश्मि रॉकेट में जेंडर टेस्ट की बात को उठाया गया है। यह फिल्म बताती है कि यह क्या है? क्यों होता है? क्यों इसे बंद किया जाना चाहिए? किस तरह से इस टेस्ट को लेकर समाज का नजरिया है? किस तरह से इस टेस्ट को लेकर राजनीति होती है और खिलाड़ियों के करियर ...
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थलाइवी : फिल्म समीक्षा थलाइवी फिल्म एक्ट्रेस और राजनेता जय‍ललिता पर आधारित बायोग्राफिकल ड्रामा फिल्म है। जयललिता तमिलनाडु फिल्म इंडस्ट्री और राजनीति का बड़ा नाम थी। उनके नाम पर कई सुपरहिट फिल्म दर्ज हैं और वे इस राज्य की मुख्यमंत्री भी बनी। जयललिता ...
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नो टाइम टू डाय : मूवी रिव्यू - लगभग 60 वर्ष पहले की बात है जब जेम्स बॉन्ड की पहली फिल्म रिलीज हुई थी। तब से अब तक 25 फिल्में प्रदर्शित हो चुकी हैं जो इस बात का सबूत है कि यह किरदार दुनिया भर में लोगों के कितना करीब और लोकप्रिय है। इस दरमियान उसने ...
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तमिल फिल्म 'ऐनाबेल सेतुपति' को हिंदी में डब कर 'ऐनाबेल राठौर' नाम से रिलीज किया गया है। जिस तरह फिल्म का नाम अजीब है, वैसी यह फिल्म भी है। कहने को तो यह हॉरर-कॉमेडी मूवी है, लेकिन इसमें हॉरर नहीं के बराबर है। भूत हैं, लेकिन ये भूत कई बार इंसानों को ...
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कैंडी वेब सीरिज एक डार्क थ्रिलर है जिसमें मर्डर मिस्ट्री, टीनएजर्स में नशे की लत, ड्रग्स का व्यवसाय करने वाले लोग और भ्रष्ट नेताओं के मकड़जाल की कहानी को दिखाया गया है। निर्देशक आशीष आर शुक्ला ने सीरिज को डार्क लुक दिया है और माहौल बनाने में वे ...
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भूत पुलिस भी मनोरंजन के लिए बनाई गई है जो दो नावों की सवारी करती है। एक तरफ यह भूत-प्रेत को मात्र वहम मानती है तो दूसरी ओर इस बात पर भी कायम रहती है कि इनका असित्तव है। कहानी दो तांत्रिक बाबाओं विभूति (सैफ अली खान) और चिरौंजी (अर्जुन कपूर) की ...
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फास्ट एंड फ्यूरियस सीरिज अब उस सोडा की तरह हो गई है जिसमें फिज़ नहीं रहा। 'फास्ट एंड फ्यूरियस 9: द फास्ट सागा' देख लगता है कि बात को फिजूल ही खींचा जा रहा है। मेकर्स के पास बताने के लिए अब कुछ बाकी नहीं रहा है और यह केवल नाम का फायदा लेने के लिए ही ...
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चेहरे फिल्म समीक्षा: 90 के दशक में कई कॉमेडी फिल्म लिखने वाले रूमी जाफरी अब बतौर निर्देशक थ्रिलर मूवी 'चेहरे' लेकर आए हैं जिसमें अमिताभ बच्चन, धृतिमान चटर्जी, इमरान हाशमी, अन्नू कपूर और रघुवीर यादव जैसे कलाकार हैं। यह फिल्म रंजीत कपूर के नाटक पर ...
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बेलबॉटम अस्सी के दशक में पहनी जाने वाली पेंट होती थी, जिसकी नीचे से चौड़ाई बहुत ज्यादा होती थी। अस्सी के दशक में बनी अमिताभ बच्चन और विनोद खन्ना की फिल्मों में यह फैशन नजर आता है। चूंकि फिल्म का टाइम पीरियड अस्सी के दशक के आसपास घूमता है इसलिए फिल्म ...
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अतिश्योक्ति, भुज द प्राइड देखते समय यह शब्द बार-बार दिमाग में आता है। लगता है कि इस फिल्म से जुड़े हर व्यक्ति को इस शब्द से बहुत प्यार है। एक्टर, डायरेक्टर, राइटर, बैकग्राउंड म्यूजिक वाला, वीएफएक्स डिजाइन करने वाला, सभी ने अपनी तरफ से हर सीन को, हर ...
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विक्रम बत्रा की कहानी को और अच्छे तरीके से दर्शाया जा सकता था। शेरशाह इसलिए पसंद आ सकती है क्योंकि विक्रम की कहानी बहुत पॉवरफुल है, जिसके तले फिल्म की कमजोरियां छिप जाती हैं। 'शेरशाह' टिपिकल बॉलीवुड फॉर्मूलों से पूरी तरह आजाद नहीं है और यही बात ...
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डायल 100 : मूवी रिव्यू - डायल 100 मात्र 104 मिनट की है, लेकिन फिल्म देखते समय यह अवधि भी बहुत लंबी लगती है इसी से साबित हो जाता है कि थ्रिलर होने के बावजूद फिल्म में वो बात नहीं है कि जो दर्शकों को जकड़ कर रखे। फिल्म की शुरुआत बेहद बोरिंग है। मुंबई ...
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भारत में विदेशी लोग किराए की कोख के लिए आते हैं और यह व्यवसाय खूब फल-फूल रहा है। इसी पर आधारित फिल्म 'मिमी' है जो एक गंभीर विषय को हल्के-फुल्के और मनोरंजक तरीके से पेश करती है। फिल्म की कहानी बेहद मजबूत है और दर्शकों को अंत तक बांध कर रखती है। ...
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हंगामा 2 के जरिये 8 साल बाद प्रियदर्शन ने और 14 साल बाद शिल्पा शेट्टी ने बॉलीवुड में वापसी की है, लेकिन दोनों ही इस फिल्म के जरिये प्रभावित नहीं कर पाए। 2003 में बनी 'हंगामा' एक बेहतरीन हास्य फिल्म है, लेकिन नई कहानी के साथ पेश किया गया इसका सीक्वल ...
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तूफान : फिल्म समीक्षा - फरहान अख्तर और राकेश ओमप्रकाश मेहरा 'भाग मिल्खा भाग' जैसी बेहतरीन स्पोर्ट्स फिल्म दे चुके हैं। यह जोड़ी 'तूफान' नामक स्पोर्ट्स फिल्म फिर लेकर आई है। पहली फिल्म महान धावक मिल्खा सिंह के जीवन पर आधारित थी, जबकि 'तूफान' की कहानी ...
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साइज से बड़ा जूता पहन लिया तो औंधे मुंह गिरना तय है। निर्देशक केन घोष ने अब तक इश्क-विश्क, फिदा, चांस पे डांस जैसी कुछ फिल्में और वेबसीरिज बनाई हैं। उनका सारा काम औसत दर्जे का है। गुजरात स्थित अक्षरधाम मंदिर पर हुए आतंकी पहले पर आधारित फिल्म 'स्टेट ...
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हॉलीवुड वालों का कुछ नया सूझ नहीं रहा है। बड़े बजट की फिल्म बनाते समय सेफ खेलने के चक्कर में दुनिया बचाने का प्लॉट ही उनके दिमाग में आता है। दुनिया पर खतरा है और एक सुपरहीरो आकर इससे हमें बचाता है। प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई 'द टुमारो वॉर' में भी ...
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हसीन दिलरुबा की शुरुआत में ही एक विस्फोट होता है और उसमें रानी (तापसी पन्नू) का पति रिषु (विक्रांत मैसी) मारा जाता है। पुलिस जब मामले की तहकीकात करती है तो बात सामने आती है कि पति और पत्नी के रिश्ते सामान्य नहीं थे। रानी का रिषु के मौसेरे भाई नील ...
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भारत के महानतम फिल्मकार सत्यजीत रे का यह शताब्दी वर्ष चल रहा है। कोरोना के कारण इतनी धूमधाम नहीं है, लेकिन अपने-अपने स्तर पर कुछ फिल्मकार सत्यजीत रे को याद करने का प्रयास कर रहे हैं। रे साहब एक बेहतरीन लेखक भी रहे हैं और उन्होंने कुछ लघु कहानियां भी ...
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ग्रहण की कहानी दो अलग-अलग वर्षों में चलती है। वर्ष 1984 के समय में दिखाया गया है कि किस तरह सिखों के प्रति गैर सिखों में नफरत पैदा हो रही थी। इस आग को कुछ स्वार्थी नेता हवा दे रहे थे जिसके बूते पर वे फायदा ले सकें। बोकारो नामक शहर में युवाओं को ...
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शेरनी न डॉक्टूमेंट्री बन पाई है और न फीचर फिल्म, लिहाजा न इधर की रही और न उधर की। न तो फिल्म ऐसी है जो जंगल, शिकार, वन विभाग के कार्य करने की शैली, जंगल में रहने वाले ग्रामीणों और जानवरों के बारे में ज्ञान में कोई इजाफा करे और न ही ऐसी फिल्म है ...
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DOM Review: शुरुआती 4 एपिसोड गजब के हैं। इनमें जबरदस्त थ्रिल है। ब्राजील को देखना सुखद लगता है। रहस्य और रोमांच का जबरदस्त डोज है। ड्रग्स का आसानी से उपलब्ध होना और इसके लिए युवाओं के तेवर घर वालों के प्रति बगावती होना हैरान करता है। पेड्रो और उसके ...
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