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विक्रम भट्ट ने खोले राज: कंगाली में जीते थे, फिर भी कर रहे थे सुष्मिता सेन को डेट
बॉलीवुड की दुनिया बाहर से जितनी चमकदार दिखती है, अंदर से कभी-कभी उतनी ही बेरहम और उलझी हुई होती है। मशहूर फिल्म डायरेक्टर और प्रोड्यूसर विक्रम भट्ट की जिंदगी इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। उन्होंने अपने करियर में कई सुपरहिट फिल्में दीं, लेकिन उनकी निजी जिंदगी हमेशा विवादों और उथल-पुथल से घिरी रही।
हाल ही में सिद्धार्थ कनन को दिए इंटरव्यू में विक्रम भट्ट ने अपनी कंगाली, एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर्स और हाल ही में जेल में बिताए अपने 70 दिनों के सबसे काले दौर पर खुलकर बात की है। विक्रम भट्ट ने साल 1996 में आई फिल्म 'दस्तक' के सेट पर पूर्व मिस यूनिवर्स और एक्ट्रेस सुष्मिता सेन को डेट करना शुरू किया था। उस वक्त वह अपनी पहली पत्नी अदिति से अलग हो चुके थे। इस रिश्ते को याद करते हुए विक्रम ने एक हैरान कर देने वाला विरोधाभास साझा किया।
विक्रम भट्ट ने कहा, मैं एक स्ट्रगलिंग डायरेक्टर था। मेरे पास जहर खाने तक के पैसे नहीं थे। मैं एक तरफ आमिर खान (फिल्म 'गुलाम') को डायरेक्ट कर रहा था और दूसरी तरफ मिस यूनिवर्स को डेट कर रहा था, लेकिन अंदरूनी तौर पर मैं पूरी तरह कंगाल था। मुझे याद है कि मेरे पास एक म्यूजिक सीडी खरीदने तक के पैसे नहीं हुआ करते थे। मैंने बिल्कुल एक फकीर की तरह जिंदगी जी है।
हालांकि, सुष्मिता सेन से उनका यह रिश्ता ज्यादा लंबा नहीं चला और जल्द ही दोनों का ब्रेकअप हो गया। इसके बाद साल 2002 से 2007 तक उनका नाम एक्ट्रेस अमीषा पटेल के साथ भी जुड़ा, जिन्हें उन्होंने फिल्म 'आप मुझे अच्छे लगने लगे' में डायरेक्ट किया था।
अपनी जिंदगी में आईं महिलाओं के बारे में बात करते हुए विक्रम कहते हैं कि उनके मन में किसी के लिए कोई कड़वाहट नहीं है। हर किसी ने उन्हें प्यार, समय या जिंदगी का कोई न कोई अहम सबक जरूर दिया है। विक्रम भट्ट की जिंदगी में एक नया और गंभीर मोड़ तब आया जब साल 2020 में उन्होंने श्वेतांबरी सोनी से शादी की।
लेकिन खुशियों के इस दौर के बीच पिछले साल एक बड़ा कानूनी संकट खड़ा हो गया। उदयपुर के 'इंद्रा ग्रुप ऑफ कंपनीज' के मालिक डॉ. अजय मुर्डिया की शिकायत पर राजस्थान पुलिस ने विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी पर 30 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी और अमानत में खयानत का मामला दर्ज किया।
दिसंबर 2025 में राजस्थान पुलिस ने दोनों को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उन्हें राजस्थान की जेल में न्यायिक हिरासत में रहना पड़ा। जनवरी 2026 में हाई कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद आखिरकार फरवरी 2026 में सुप्रीम कोर्ट से उन्हें राहत मिली।
इंटरव्यू के दौरान विक्रम भट्ट उस वक्त बेहद भावुक हो गए जब उन्होंने जेल में बिताए अपने 70 दिनों के दर्दनाक अनुभव को साझा किया। उन्होंने बताया कि सलाखों के पीछे की जिंदगी ने उन्हें हकीकत का वो आईना दिखाया जिसे वह कभी नहीं भूल सकते।
विक्रम भट्ट ने भावुक होकर कहा, जेल के उस बैरक में किसी को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता था कि आप बाहर कौन हैं या आपने अतीत में क्या काम किया है। वहां बंद आधे लोगों का तो तब जन्म भी नहीं हुआ था जब मेरी फिल्में आ रही थीं। लेकिन एक बात साफ थी, वहां भले ही रिश्ते काम नहीं आए, लेकिन मेरी फिल्मों की पहचान वहां भी जिंदा थी। लोग मेरी फिल्मों को याद करते थे। इस खौफनाक दौर ने मुझे सिखाया कि आपकी मेहनत ही अंत में जीतती है।
