Updated: Thu, 8 Oct 2026 (17:00 IST)
नाना पाटेकर-तनुश्री दत्ता का वो विवाद, जिसने बॉलीवुड हिला दिया था, निधन के बाद एक्ट्रेस ने क्या कहा?
नाना पाटेकर के निधन के बाद बॉलीवुड का एक पुराना विवाद एक बार फिर चर्चा में है। यह वही विवाद है, जिसने साल 2018 में बॉलीवुड में #MeToo अभियान को देशभर में सुर्खियों में ला दिया था। अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने नाना पाटेकर पर फिल्म हॉर्न ओके प्लीज की शूटिंग के दौरान यौन उत्पीड़न और गलत व्यवहार के आरोप लगाए थे। नाना ने इन आरोपों को लगातार खारिज किया था।
अब नाना के निधन के बाद तनुश्री दत्ता का एक बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने खबर मिलने की बात कही और नाना के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। हालांकि, उन्होंने वीडियो में नाना पाटेकर का नाम नहीं लिया।
हॉर्न ओके प्लीज की शूटिंग से शुरू हुआ था विवाद
यह मामला साल 2008 का है। तनुश्री दत्ता फिल्म हॉर्न ओके प्लीज के एक गाने की शूटिंग कर रही थीं। बाद में उन्होंने आरोप लगाया कि शूटिंग के दौरान नाना पाटेकर ने उनके साथ अनुचित व्यवहार किया और डांस स्टेप सिखाने के बहाने उन्हें गलत तरीके से छुआ।
तनुश्री ने यह भी दावा किया था कि उन्होंने निर्माता, निर्देशक और कोरियोग्राफर से इस व्यवहार की शिकायत की थी। उनके मुताबिक, बाद में गाने में ऐसे अंतरंग डांस स्टेप जोड़े गए, जिन्हें करने में वह सहज नहीं थीं। इस घटना के बाद सेट पर विवाद बढ़ा और तनुश्री वहां से चली गई थीं।
2018 में फिर सामने आया मामला
करीब एक दशक बाद, 2018 में तनुश्री ने एक बार फिर इस घटना को सार्वजनिक किया। उन्होंने नाना पाटेकर समेत कुछ लोगों पर आरोप लगाए और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इस मामले ने बॉलीवुड में #MeToo अभियान को जोर दिया और इसके बाद कई दूसरी अभिनेत्रियों ने भी अपने अनुभव सार्वजनिक किए।
नाना पाटेकर ने तनुश्री के आरोपों को गलत बताया था। उनका कहना था कि जिस समय की घटना का आरोप लगाया जा रहा है, उस दौरान सेट पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे और उन्होंने किसी तरह के गलत व्यवहार से इनकार किया था।
2019 में पुलिस ने क्या कहा था?
2019 में मुंबई पुलिस ने मामले की जांच के बाद बी-समरी रिपोर्ट दाखिल की थी। पुलिस का कहना था कि आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं मिले। जांच में जिन 13 गवाहों के बयान दर्ज किए गए, उनमें से किसी ने भी कथित अनुचित व्यवहार को देखने की पुष्टि नहीं की थी। हालांकि, उस समय पुलिस की रिपोर्ट को अदालत की ओर से स्वीकार किया जाना बाकी था।
तनुश्री ने पुलिस की इस रिपोर्ट का विरोध किया था और कहा था कि उनके गवाहों के बयान सही तरीके से दर्ज नहीं किए गए। उन्होंने इस फैसले पर सार्वजनिक रूप से नाराजगी भी जताई थी।
2025 में अदालत में क्या हुआ?
इस मामले की एक अहम कानूनी स्थिति 2025 में सामने आई। मुंबई की एक मजिस्ट्रेट अदालत ने मामले में आगे संज्ञान लेने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि शिकायत कथित घटना के कई साल बाद दर्ज हुई और देरी को माफ करने के लिए कोई आवेदन नहीं दिया गया था।
महत्वपूर्ण बात यह है कि अदालत ने मामले के मूल आरोपों को सही या गलत ठहराने पर फैसला नहीं दिया। आदेश में कहा गया कि वह सीमा अवधि के कारण मामले के तथ्यों पर विचार नहीं कर सकती। पुलिस की बी-समरी रिपोर्ट को भी इसी वजह से अदालत ने मेरिट के आधार पर स्वीकार या खारिज नहीं किया।
इसलिए इस विवाद को सिर्फ यह कहकर खत्म कर देना कि “नाना पाटेकर को 2019 में क्लीन चिट मिल गई थी”, पूरी कानूनी तस्वीर नहीं बताता।
नाना के निधन के बाद तनुश्री ने क्या कहा?
8 अक्टूबर 2026 को नाना पाटेकर के निधन की खबर सामने आने के बाद तनुश्री दत्ता ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक वीडियो साझा किया। उन्होंने कहा कि उन्हें खबर के बारे में पता चला है, लेकिन उस दिन उनका काम से जुड़ा कार्यक्रम पहले से तय था और वह लखनऊ में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के लिए जा रही थीं।
तनुश्री ने कहा कि उन्हें चिंता है कि शाम तक मीडिया इस खबर पर उनकी प्रतिक्रिया जानना चाहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि वह पहले यह समझना चाहती हैं कि इस स्थिति में उन्हें किस तरह प्रतिक्रिया देनी चाहिए।
आखिर में तनुश्री ने कहा कि वह नाना के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करती हैं। उन्होंने वीडियो में नाना पाटेकर का नाम नहीं लिया।
इस तरह, करीब 18 साल पुराने इस विवाद की चर्चा नाना पाटेकर के निधन के साथ एक बार फिर शुरू हो गई है। एक तरफ 2019 की पुलिस जांच और 2025 का अदालत का आदेश है, वहीं दूसरी तरफ तनुश्री दत्ता के आरोप और उनका अब सामने आया संवेदना वाला बयान इस पुराने मामले को फिर सुर्खियों में ले आया है।