कांतारा विवाद: कोर्ट के आदेश पर रणवीर सिंह पहुंचे चामुंडेश्वरी मंदिर, देवी से मांगी माफी
बॉलीवुड स्टार रणवीर सिंह इन दिनों अपनी फिल्मों से ज्यादा विवादों और अदालती मामलों को लेकर सुर्खियों में हैं। बीते दिनों एक इवेंट में फिल्म 'कांतारा' में अपमानजक टिप्पणी करने के बाद से रणवीर मुश्किल में घिरे हुए थे। अब रणवीर मैसूर के की चामुंडी पहाड़ियों पर स्थित ऐतिहासिक चामुंडेश्वरी मंदिर पहुंचे।
चामुंडेश्वरी मंदिर में रणवीर ने बेहद सादगी के साथ देवी के दर्शन किए और विशेष पूजा-अर्चना की। रणवीर सिंह की यह यात्रा पूरी तरह से गुप्त और सादगी से भरी थी। मंदिर प्रशासन या स्थानीय पुलिस को उनके आने की कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई थी।
चामुंडेश्वरी मंदिर की कार्यकारी अधिकारी एम.जे. रूपा ने मीडिया को बताया कि रणवीर सिंह सुबह करीब 7:30 बजे, आम श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने से पहले ही मंदिर परिसर पहुंच गए थे। उन्होंने खुद को भीड़ और पहचान से बचाने के लिए चेहरे पर मास्क लगा रखा था।
मंदिर के मुख्य पुजारी सुनील से मिलने के बाद अभिनेता ने अपनी पहचान बताई और कहा कि वह अदालत के निर्देशानुसार देवी मां से अपनी भूल के लिए क्षमा याचना करने आए हैं। इसके बाद पुजारी उन्हें गर्भगृह में ले गए, जहां रणवीर ने विशेष पूजा-अर्चना की। वीआईपी कल्चर से दूर, रणवीर प्रार्थना पूरी होते ही भक्तों की भीड़ बढ़ने से पहले चुपचाप वहां से रवाना हो गए।
क्या है पूरा 'कांतारा' मिमिक्री विवाद?
यह पूरा विवाद कुछ समय पहले एक इवेंट के दौरान शुरू हुआ था। मंच पर फिल्म कांतारा के निर्देशक व अभिनेता ऋषभ शेट्टी की मौजूदगी में रणवीर सिंह ने फिल्म के मुख्य विषय 'दैव' अनुष्ठान की नकल उतारी थी। इस दौरान उन्होंने कथित तौर पर पवित्र दैव परंपरा को 'डेविल' कहकर संबोधित कर दिया था, जिससे तटीय कर्नाटक की सांस्कृतिक और धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची।
इस घटनाक्रम के बाद स्थानीय परंपराओं और देवी-देवताओं का अपमान करने का आरोप लगाते हुए एक वकील ने रणवीर सिंह के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर अभिनेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। मामला जब कर्नाटक उच्च न्यायालय पहुंचा, तो रणवीर सिंह के वकील ने अदालत के समक्ष एक संशोधित हलफनामा और लिखित में बिना शर्त माफीनामा पेश किया। कोर्ट ने अभिनेता के इस रुख को स्वीकार करते हुए माना कि कलाकार को किसी भी क्षेत्र की पवित्र लोक-परंपराओं के प्रति संवेदनशील होना चाहिए।
5 मई 2026 को मामले की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने रणवीर के खिलाफ दर्ज आपराधिक कार्यवाही और एफआईआर को तो खारिज कर दिया, लेकिन साथ ही उनके आचरण में सुधार के तौर पर एक सख्त शर्त रखी। अदालत ने निर्देश दिया था कि अभिनेता को चार सप्ताह के भीतर मैसूरु की अधिष्ठात्री देवी चामुंडेश्वरी के दरबार में हाजिर होकर व्यक्तिगत रूप से क्षमा मांगनी होगी।
यह मंदिर यात्रा ऐसे समय में हुई है जब रणवीर सिंह 'डॉन 3' को लेकर भी विवादों में चल रहे हैं। फरहान अख्तर की शिकायत के बाद फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने रणवीर सिंह पर बैन लगाने का ऐलान किया है।
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