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Last Modified: सोमवार, 13 अप्रैल 2026 (13:44 IST)

जब आशा भोसले का सुपरहिट गाना 'दम मारो दम' हो गया था बैन

Asha Bhosle death
अपनी खनकती और जादुई आवाज से आठ दशकों तक दुनिया पर राज करने वाली आशा भोसले के निधन से इंडस्ट्री में शोक की लहर है। 12 अप्रैल 2026 को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में उन्होंने 92 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। फैंस और सेलेब्स सोशल मीडिया के जरिए उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। 
 
आशा भोसले ने अपने करियर में हर तरह के गाने गाए। 1971 में आई फिल्म 'हरे रामा हरे कृष्णा' का गाना ‘दम मारो दम’ उनके करियर का सबसे टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। यह गाना उस दौर में इतना 'बोल्ड' माना गया कि ऑल इंडिया रेडियो ने इस पर प्रतिबंध लगा दिया था और दूरदर्शन ने इसे प्रसारित करने से मना कर दिया था।
 
गाने में जीनत अमान को हिप्पी लुक में चिलम पीते हुए दिखाया गया था, जो उस दौर के लिए बेहद बोल्ड और अलग था। उस समय देश में नशे की समस्या को लेकर चिंता बढ़ रही थी। ऐसे में कई लोगों ने इस गाने को बढ़ावा देने वाला करार दिया था। 
 
'दम मारो दम' गाने को लेकर विवाद इतना बढ़ गया था कि ऑल इंडिया रेडियो ने इसके प्रसारण पर रोक लगा दी थी। जब फिल्म 'हरे राम हरे कृष्णा' का प्रसारण दूरदर्शन पर किया गया, तब इस गाने को मूवी से पूरी तरह हटा दिया गया था।
 
बावजूद इसके, आर.डी. बर्मन के संगीत और आशा जी की आवाज का जादू ऐसा चला कि यह गाना युवाओं की पहली पसंद बन गया। ड्रग्स और हिप्पी कल्चर पर कटाक्ष करने के लिए बनाए गए इस गाने ने आशा भोसले को फिल्मफेयर का बेस्ट प्लेबैक सिंगर अवॉर्ड दिलाया। आज भी यह गाना हर पार्टी की जान माना जाता है।
 
आशा भोसले और आर.डी. बर्मन (पंचम दा) की जोड़ी ने भारतीय फिल्म संगीत को पूरी तरह बदल दिया। जहां लता मंगेशकर की आवाज में पवित्रता और गंभीरता थी, वहीं आशा जी की आवाज में एक शरारत, चंचलता और आधुनिकता थी। पिया तू अब तो आजा, ओ हसीना जुल्फों वाली और चुरा लिया है तुमने जो दिल को जैसे गानों ने उन्हें 'वर्सेटाइल सिंगर' का खिताब दिलाया। 
 
 
आशा भोसले का नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज है। उन्होंने 20 से अधिक भाषाओं में 12,500 से ज्यादा गाने रिकॉर्ड किए। 1943 में अपना पहला गाना रिकॉर्ड करने वाली आशा जी ने समय के साथ खुद को बदला। वह नब्बे के दशक में भी उतनी ही प्रासंगिक रहीं जितनी साठ के दशक में थीं। 
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