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Last Modified: सोमवार, 13 अप्रैल 2026 (12:40 IST)

जब बिना शादी के प्रेग्नेंट नीना गुप्ता का हाथ थामने को तैयार थे सतीश कौशिक, सच्ची दोस्ती की बने मिसाल

Satish Kaushik Birth Anniversary
बॉलीवुड के गलियारों में सतीश कौशिक का नाम एक ऐसे कलाकार के रूप में दर्ज है, जिन्होंने न केवल अपनी अदाकारी से लोगों को हंसाया, बल्कि अपनी इंसानियत से भी सबका दिल जीता। 13 अप्रैल को सतीश कौशिक की बर्थ एनिवर्सरी है। अगर वह आज हमारे बीच होते, तो अपना 70वां जन्मदिन मना रहे होते। 
 
13 अप्रैल 1956 को हरियाणा के महेंद्रगढ़ में जन्मे सतीश कौशिक ने अपनी मेहनत और टैलेंट के दम पर मायानगरी में वो मुकाम हासिल किया, जिसे पाना हर किसी के बस की बात नहीं। चाहे कॉमिक हो या गंभीर संतीश कौशिक हर रोल में जान फूंक देते थे। 
 
सतीश कौशिक फिल्मों के साथ-साथ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर भी सुर्खियों में रहे हैं। बॉलीवुड एक्ट्रेस नीना गुप्ता ने अपनी ऑटोबायोग्राफी 'सच कहूं तो' में सतीश कौशिश से जुड़ा एक खुलासा भी किया था। सतीश कौशिक और नीना गुप्ता की दोस्ती कॉलेज के दिनों की थी। 
 
उनकी बॉन्डिंग इतनी गहरी थी कि जब नीना गुप्ता अपनी जिंदगी के सबसे कठिन दौर से गुजर रही थीं, तब सतीश उनके साथ ढाल बनकर खड़े थे। नीना गुप्ता ने अपनी आत्मकथा 'सच कहूं तो' में इस भावुक कर देने वाले किस्से का जिक्र किया है।
 
जब नीना गुप्ता क्रिकेटर विवियन रिचर्ड्स के साथ रिलेशनशिप में थीं और शादी के बिना प्रेग्नेंट हो गईं, तब समाज का नजरिया बहुत ही संकीर्ण था। ऐसे में सतीश कौशिक ने एक सच्चे दोस्त का फर्ज निभाते हुए नीना को शादी का ऑफर दिया था। उन्होंने नीना से कहा था, 'चिंता मत करो, अगर बच्चा डार्क स्किन का पैदा होता है, तो कह देना कि यह मेरा है और हम शादी कर लेंगे। किसी को शक भी नहीं होगा।'
 
हालांकि नीना ने इस ऑफर को मुस्कुराकर टाल दिया, लेकिन सतीश की इस दरियादिली ने उनकी दोस्ती को अमर बना दिया। सतीश कौशिक का बचपन दिल्ली के करोल बाग की तंग गलियों में बीता। दिल्ली यूनिवर्सिटी के किरोड़ीमल कॉलेज से पढ़ाई करने के बाद उनके भीतर के कलाकार ने उन्हें नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा और फिर फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया तक पहुंचाया।
 
सतीश कौशिक ने 1983 में फिल्म 'मासूम' से अपना डेब्यू किया। लेकिन उन्हें असली पहचान मिली 1987 की फिल्म 'मिस्टर इंडिया' के 'कैलेंडर' वाले किरदार से। "कैलेंडर खाना लाओ" आज भी लोगों की जुबान पर है। सतीश कौशिक सिर्फ एक कॉमेडियन नहीं थे। उन्होंने अभिनय के साथ-साथ निर्देशन में भी अपना लोहा मनवाया। 
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