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Last Updated :मुंबई , शनिवार, 30 मई 2026 (15:57 IST)

सेंसेक्स 639 अंक टूटा, ताइवान ने भारतीय शेयर बाजार को पछाड़ा, कैसा रहेगा जून का पहला हफ्ता

market ki baat
Share Market Weekly Review : पश्चिम एशिया संकट के साथ मौसम विभाग की कमजोर मानसून की चेतावनी से मई के आखिरी हफ्ते में भारतीय शेयर बाजार में गिरावट दिखाई दी। सेंसेक्स में इस हफ्ते 639 अंक की गिरावट रही, वहीं निफ्टी भी 172 अंक गिर गया। जानिए मार्केट ट्रेड और निवेशकों के लिए कैसा रहेगा आने वाला सप्ताह।
 

कैसी रही सेंसेक्स और निफ्टी की चाल

हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को सेंसेक्स 1074 अंक की बढ़त के साथ 76,489 पर और निफ्टी 312 अंक चढ़कर 24032 पर बंद हुआ। शेष 3 कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में गिरावट दिखाई दी। मंगलवार को सेंसेक्स 479 अंकों की गिरावट के साथ 76,010 पर बंद हुआ तो निफ्टी 118 अंक गिरकर 23914 पर जा पहुंचा।

बुधवार को सेंसेक्स 142 अंक गिरकर के साथ 75,868 पर बंद हुआ। निफ्टी 7 अंक गिरकर 23,907 पर पहुंच गया। गुरुवार को बकरीद की वजह से भारतीय शेयर बाजार बंद रहे। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शेयर बाजार में भारी गिरावट दिखाई दी। सेंसेक्स 1,092 अंकों की गिरावट के साथ 74,776 पर बंद, निफ्टी 359 अंक गिरकर 23548 पर बंद हुआ।
 

इन फैक्टर्स से तय हुई बाजार की चाल

हार्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बना हुआ है। हालांकि दोनों देशों के बीच समझौते की उम्मीद में क्रूड ऑइल जरूर 100 डॉलर के नीच पहुंच गया। डॉलर के मुकाबले रुपया अभी भी काफी कमजोर है। इस हफ्ते बाजार में जमकर मुनाफावसूली हुई। मौसम विभाग के कमजोर मानसून के संकेतों ने भी निवेशकों को निराश किया।
 

ताइवान ने भारत को पीछे छोड़ा

शेयर बाजार मूल्यांकन (मार्केट कैपिटलाइजेशन) के मामले में ताइवान ने भारत को पीछे छोड़ दिया है और दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा इक्विटी बाजार बन गया है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह दुनिया की सबसे बड़ी चिप निर्माता कंपनी ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी के शेयरों में आई विस्फोटक तेजी रही। स्टॉक मार्केट वैल्युएशन में ताइवान भले ही भारत से आगे निकल गया है, लेकिन आईएमएफ के अनुमान के अनुसार भारत की 4.15 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था अब भी ताइवान की 977 अरब डॉलर की जीडीपी से कहीं बड़ी है।
 

F&O में 10 मिनट ज्यादा ट्रेडिंग

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने इक्विटी डेरिवेटिव्स (भावी और विकल्प - F&O) के लिए ट्रेडिंग के समय में 10 मिनट की बढ़ोतरी करने की घोषणा की है, जो 3 अगस्त 2026 से प्रभावी होगी। संशोधित समय सारणी के तहत, इक्विटी डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग अब मौजूदा समय दोपहर 3:30 बजे के बजाय दोपहर 3:40 बजे समाप्त होगी।
 

क्यों निवेशकों ने बनाई भारतीय बाजारों से दूरी?

इक्विटी विश्लेषकों के बीच कराए गए रॉयटर्स के एक सर्वेक्षण से पता चला है कि विदेशी निवेशकों के बड़े पैमाने पर बाजार छोड़ने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उछाल में सीमित भागीदारी के कारण भी भारतीय शेयर बाजार को करारा झटका लगा है। विदेशी निवेशकों ने साल 2026 में अब तक अपनी होल्डिंग्स में से 23 बिलियन डॉलर (लगभग 1.9 लाख करोड़ रुपए से अधिक) से ज्यादा के शेयर बेचे हैं। भारतीय बाजार 20 से अधिक के प्राइस-टू-अर्निंग (पी/ई) रेशियो पर कारोबार कर रहा है, जो अधिकांश प्रमुख यूरोपीय और उभरते बाजारों से अधिक है। हालांकि यह दुनिया में सबसे कम डिविडेंड यील्ड देने वाले बाजारों में से एक है।  
 

कैसा रहेगा अगला हफ्ता

मई का आखिरी कारोबारी हफ्ता भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद महत्वपूर्ण और उतार-चढ़ाव वाला रहने के आसार हैं। अमेरिका और ईरान में तनाव बना हुआ है। विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली ने मार्केट का सेंटिमेंट कमजोर किया है। अब लोगों की नजरें केरल में मानसून की दस्तक पर है। अगर मानसून ज्यादा लेट होता है तो बाजार पर इसका नकारात्मक असर पड़ेगा। लोगों को महंगाई बढ़ने का भी डर सता रहा है।
 

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

बाजार विशेषज्ञ मनीष उपाध्याय ने बताया कि बाजार न्यूज बेस्ड होने के साथ ही रेंज बाउंड भी है। पश्चिम एशिया में फिलहाल तनाव बना हुआ है। कमजोर मानसून के साथ ही महंगाई बढ़ने की आशंका से निवेशक सतर्क रूख अपनाए हुए हैं। बाजार में थोड़ी तेजी की स्थिति में मुनाफा वसूली हो जाती है। निफ्टी में नीचे में 22,800 पर मजबूत सपोर्ट है तो ऊपर में 24500 की रेंज भी क्रास होने संभावना फिलहाल नजर नहीं आ रही।   
 
अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।
लेखक के बारे में
नृपेंद्र गुप्ता
नृपेंद्र गुप्ता पिछले 21 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में सक्रिय हैं। प्रिंट एवं डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य का अनुभव। वर्तमान में वेबदुनिया की न्यूज टीम में सहायक संपादक के रूप में कार्यरत हैं।   अनुभव : नृपेंद्र गुप्ता 2 दशक से ज्यादा समय से प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया में कार्य.... और पढ़ें
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