भौम प्रदोष पर बन रहा खास संयोग, कर्ज से मुक्ति के लिए करें ये उपाय; जानें पूजा का शुभ मुहूर्त
जब कैलेंडर के पन्नों पर त्रयोदशी तिथि और मंगलवार का मिलन होता है, तो बनता है भौम प्रदोष का शुभ संयोग। इस बार श्रावण मास में 25 अगस्त 2026 मंगलवार के दिन यह योग बना है। इसी दिन मंगला गौरी का व्रत भी रखा जाएगा। यह दिन केवल उपवास का नहीं, बल्कि अटूट विश्वास की परीक्षा और महादेव एवं माता पार्वती के साथ-साथ संकटमोचन हनुमान की असीम कृपा पाने का अवसर भी है।
प्रदोष पूजा का शुभ मुहूर्त- शाम को 06:59 से 09:16 तक।
सर्वश्रेष्ठ पूजन अवधि: शाम 06:59 बजे से रात 08:15 बजे तक।
ऋण विमोचन प्रदोष
इस व्रत को 'ऋण विमोचन प्रदोष' भी कहा जाता है, क्योंकि यह जीवन के हर प्रकार के ऋण/ कर्ज से मुक्ति दिलाने वाला माना जाता है। जिन जातकों की कुंडली में मंगल दोष होता है या मंगल नीच का होता है, उनके लिए यह व्रत रामबाण है। यह व्रत ग्रहों के दोषों का निवारण करके विवाह में आ रही बाधाओं को दूर करता है। यह शिव और मंगल दोनों की ऊर्जा को संतुलित करता है, जिससे व्यक्ति के स्वभाव में उग्रता कम होती है और धैर्य बढ़ता है।
ऋणमोचक मंगल स्तोत्र
मान्यता है कि भौम प्रदोष के दिन 'ऋणमोचक मंगल स्तोत्र' का पाठ करने से पुराने से पुराना कर्ज उतरने के रास्ते खुल जाते हैं। मंगल को ऊर्जा का कारक माना गया है। इस व्रत के प्रभाव से व्यक्ति के भीतर छिपे हुए डर का नाश होता है और वह कठिन परिस्थितियों का सामना करने के लिए तैयार होता है। शास्त्रों के अनुसार, प्रदोष काल में शिव जी कैलाश पर्वत पर प्रसन्न मुद्रा में नृत्य करते हैं। इस समय की गई पूजा से न केवल शारीरिक व्याधियां दूर होती हैं, बल्कि अंततः मोक्ष की प्राप्ति भी होती है।
कर्ज मुक्ति के अचूक उपाय
सावन के महीने में भौम प्रदोष का यह दुर्लभ संयोग ऋण मुक्ति, संपत्ति वृद्धि और भूमि संबंधी समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। भगवान शिव और मंगल देव की कृपा से साधक को कर्ज से शीघ्र मुक्ति मिलती है।
ऋणमुक्तेश्वर महादेव पूजा:
प्रदोष काल में शिवलिंग पर जल में थोड़ा सा लाल चंदन और गुड़ मिलाकर अभिषेक करें। तत्पश्चात शिवलिंग पर 21 मदार (आक) के पुष्प अर्पित करें और भगवान शिव से कर्ज मुक्ति की प्रार्थना करें।
मंगल ग्रह शांति व दान:
पूजा के बाद लाल कपड़े में तांबे का सिक्का, लाल मसूर की दाल, गुड़ और रतुआ (लाल) पुष्प बांधकर किसी मंदिर में या गरीब/जरूरतमंद को दान करें।
ऋणमोचन मंगल स्तोत्र का पाठ:
प्रदोष काल की पूजा में तांबे के दीपक में चमेली के तेल की बाती जलाएं और शिवजी के समक्ष बैठकर 'ऋणमोचन मंगल स्तोत्र' का पाठ करें। इससे पुराने से पुराना कर्ज उतरने के मार्ग प्रशस्त होते हैं।
हनुमान जी की विशेष आराधना:
भौम प्रदोष के दिन हनुमान जी को चमेली का तेल और सिंदूर का चोला चढ़ाएं तथा हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का 5 बार पाठ करें।
सरल पूजा विधि
- संध्या समय पुनः स्नान कर स्वच्छ लाल या पीले वस्त्र धारण करें।
- उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठें और उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में भगवान शिव का पूजन करें।
- शिवलिंग का जल, दूध और गंगाजल से अभिषेक करें।
- बेलपत्र, धतूरा, भस्म, और लाल चंदन अर्पित करें।
- धूप-दीप जलाकर 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का 108 बार जाप करें और अंत में प्रदोष व्रत कथा सुनकर आरती करें।

