कश्मीर में स्थित है बहुत ही जाग्रत महामाया शक्तिपीठ | amarnath shakti peeth mahamaya
वेदी भागवत पुराण में 108, कालिकापुराण में छब्बीस, शिवचरित्र में इक्यावन, दुर्गाप्तसति और तंत्रचूड़ामणि में शक्ति पीठों की संख्या 52 बताई गई है। साधारत: 51 शक्ति पीठ माने जाते हैं। तंत्रचूडामणि में लगभग 52 शक्ति पीठों के बारे में बताया गया है।
बहुत कम लोग जानते हैं कि कश्मीर में माता सती का एक बहुत ही जाग्रत शक्तिपीठ है जिसे महामाया शक्तिपीठ कहा जाता है। यदि आप कभी अमरनाथ गए होंगे तो निश्चित ही यहां के दर्शन किए होंगे। यह मंदिर भी अमरनाथ की पवित्र गुफा में ही है।
अमरनाथ की इस पवित्र गुफा में जहां भगवान शिव के हिमलिंग का दर्शन होता है वहीं हिमनिर्मित एक पार्वतीपीठ भी बनता है, यहीं पार्वतीपीठ महामाया शक्तिपीठ के रूप में मान्य है।
कहते हैं जब माता सती ने आत्मदाह कर लिया था तब शिवजी ने उनके शव को लेकर रुद्र और दारुण अवस्था में धरती पर घुम रहे थे। तब जहां-जहां माता के अंग और आभूषण गिरे वहां शक्तिपीठ स्थापित हो गए।
पहलगांव के अमरनाथ में माता का कंठ गिरा था। इसकी शक्ति को महामाया और भैरव को त्रिसंध्येश्वर कहते हैं। यहां के दर्शन करने से जनम-जनम के पाप कट जाते हैं। अबकी बार यदि अमरनाथ बाबा के दर्शन करने जाएं तो इसके भी दर्शन जरूर करें।

