ऋषि पंचमी 2020 : क्यों करें Rishi Panchami व्रत, जानें 16 Interesting Facts
Rishi Panchami Vrat
1. ऋषि पंचमी का व्रत प्रतिवर्ष भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को किया जाता है।
2. इस वर्ष यह पर्व 23 अगस्त 2020, रविवार को मनाया जा रहा है।
3. इस दिन सप्त ऋषियों का पूजन किया जाएगा।
4. इस व्रत के संबंध में मान्यता है कि रजस्वला काल यानी माहवारी में अगर किसी महिला से कोई भूल हो जाती है तो इस व्रत के करने से उस भूल के पाप नष्ट हो जाते हैं। अत: इस पर्व का धर्म में बहुत अधिक महत्व है।
5. 23 अगस्त को ऋषि पंचमी का व्रत सभी महिलाएं व कन्याएं पूरी श्रद्धा व भक्ति के साथ रखेंगी।
6. इस दिन सप्त ऋषियों का पूर्ण विधि-विधान से पूजन कर कथा श्रवण करने का महत्व है।
7. इस दिन महिलाएं व कुंआरी युवतियां सप्त ऋषि को प्रसन्न करने के लिए इस पूर्ण फलदायी व्रत को रखेंगी।
8. कहा जाता है कि पटिए पर 7 ऋषि बनाकर दूध, दही, घी, शहद व जल से उनका अभिषेक किया जाता है, साथ ही रोली, चावल, धूप, दीप आदि से उनका पूजन करके तत्पश्चात कथा सुनने के बाद घी से होम किया जाता है।
9. व्रतधारी महिलाएं केवल फल, मेवा व समां की खीर, मोरधन से बने व्यंजनों को खाकर व्रत रखती है तथा इस दिन घर-घर में भजन-कीर्तनों का आयोजन किया जाता है।
10. यह व्रत पापों का नाश करने वाला व श्रेष्ठ फलदायी है।
11. ऋषि पंचमी पर व्रत रखकर महिलाएं अपने ज्ञात-अज्ञात पापों के शमन के लिए हिमाद्रि स्नान करेंगी।
12. इस दिन रामघाट, शिप्रा नदी, तालाब आदि में स्नान करने का महत्व है।
13. शास्त्रों के अनुसार ऋषि पंचमी पर हल से जोते अनाज आदि का सेवन निषिद्ध है।
14. जो महिलाएं ऋषि पंचमी का व्रत रखती हैं, वो सुबह-शाम दो समय फलाहार करके व्रत को पूर्ण करेंगी।
15. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस व्रत में हल से जुता हुआ कुछ भी नहीं खाते हैं। इस बात को ध्यान में रखकर ही यह व्रत किया जाता है।
16. यह व्रत महिलाओं व युवतियों के लिए आवश्यक माना गया है।
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