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  4. Shardiya Navratri Navami date, auspicious time, worship method

शारदीय नवरात्रि 2026: नवमी तिथि के शुभ मुहूर्त और सिद्धिदात्री की पूजा विधि

Ma durga, Shardiya Navratri Navami date
Navamii ki pooja ke shubh muhut 2026: साल 2026 की शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ 11 अक्टूबर से हो रहा है, जिसका समापन 20 अक्टूबर को विजयादशमी के पावन पर्व के साथ होगा। इस बार नवमी की पूजा और व्रत 19 अक्टूबर 2026 को रखा जाएगा और इसका पारण 20 अक्टूबर को होगा इसी दिन कन्या भोज भी कराया जा सकता है। 
 

महानवमी की तिथि:

नवमी तिथि प्रारंभ: 19 अक्टूबर 2026 को प्रातः 10:51 बजे होगा।
नवमी तिथि समाप्त: 20 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12:50 बजे तक।
  • 19 अक्टूबर का पूजन: 19 अक्टूबर की सुबह 10:51 बजे नवमी तिथि लगते ही दोपहर का नवमी पूजन, हवन और रात्रि कालीन साधना इसी दिन संपन्न की जाएगी।
  • 20 अक्टूबर का उदयातिथि पूजन: जो श्रद्धालु उदयातिथि को प्रमुख मानते हैं, वे 20 अक्टूबर की सुबह नवमी पूजन, कन्या भोज और हवन का अनुष्ठान कर सकते हैं, क्योंकि दोपहर 12:50 बजे तक नवमी तिथि विद्यमान रहेगी।
  • व्रत पारण का समय: नवरात्रि व्रत का पारण 20 अक्टूबर 2026 को नवमी पूजन और कन्या भोज संपन्न करने के पश्चात् दोपहर 12:50 बजे से पूर्व कर लेना शास्त्रसम्मत रहेगा।
Navratri-Devi-muhurat-2026

19 अक्टूबर 2026 पूजा के शुभ मुहूर्त:

अभिजीत मुहूर्त: दिन में 11:43 से 12:29 तक।
विजय मुहूर्त: दोपहर में 02:00 से 02:45 तक। 
गोधूलि मुहूर्त: शाम 05:48 से 06:13 बजे तक।

19 अक्टूबर 2026 पूजा के चौघड़िया मुहूर्त:

अमृत: सुबह 06:24 से 07:50 बजे तक।
शुभ: सुबह 09:15 से 10:40 बजे तक। 
लाभ: दोपहर 02:57 से 04:22 बजे तक।
अमृत: शाम 04:22 से 05:48 बजे तक।
चर: शाम 05:48 से 07:22 बजे तक। 

संधि पूजा का विशेष मुहूर्त

समय: 19 अक्टूबर 2026 को सुबह 10:27 बजे से सुबह 11:15 बजे तक (कुल 48 मिनट)

20 अक्टूबर 2026 के प्रमुख और शुभ मुहूर्त

लाभ चौघड़िया: प्रातः 10:40 बजे से दोपहर 12:06 बजे तक
अभिजित मुहूर्त: प्रातः 11:43 बजे से दोपहर 12:28 बजे तक
अमृत चौघड़िया: दोपहर 12:06 बजे से 01:31 बजे तक
अपराह्न पूजा समय: दोपहर 01:14 बजे से 03:30 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 01:59 बजे से 02:45 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: सायं 05:47 बजे से 06:12 बजे तक
लाभ चौघड़िया (रात्रि): रात्रि 07:21 बजे से 08:56 बजे तक

देवी सिद्धिदात्री की पूजा विधि:

  1. नवरात्रि के आखिरी दिन घी का दीपक जलाने के साथ-साथ मां सिद्धिदात्री को कमल का फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है।
  2. पूजन-अर्चन के पश्चात हवन, कुमारी पूजन, अर्चन, भोजन, ब्राह्मण भोजन करवाकर पूर्ण होता है।
  3. इसके अलावा जो भी फल या भोजन मां को अर्पित करें वो लाल वस्त्र में लपेट कर दें।
  4. निर्धनों को भोजन कराने के बाद ही खुद खाएं। 
 
 
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