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उद्धव बोले, ट्रंप पीएम मोदी का मजाक उड़ा रहे हैं

शिवसेना यूबीटी नेता ने कहा, मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति को जवाब देने में असमर्थ

uddhav thackeray
Uddhav Thackeray news in hindi : शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने गुरुवार को भाजपा-नीत राजग सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मजाक उड़ा रहे हैं। मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति को जवाब देने में असमर्थ हैं।
 
ठाकरे ने एक संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि मोदी और गृह मंत्री अमित शाह भाजपा के प्रचार मंत्री की तरह व्यवहार कर रहे हैं, जबकि देश को मौजूदा चुनौतियों से निपटने के लिए एक प्रधानमंत्री और एक गृह मंत्री की जरूरत है। यदि मोदी देश के प्रधानमंत्री होते, तो वह पहलगाम जाते, लेकिन उन्होंने बिहार जाना चुना।
 
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रंप भारत और नरेन्द्र मोदी का मजाक उड़ा रहे हैं। हम उन्हें जवाब देने में असमर्थ हैं, उनसे (ट्रंप से) जवाब मांगना तो दूर की बात है। यह सरकार विदेश नीति के मोर्चे पर विफल रही है। उन्होंने कहा कि देश को एक मजबूत प्रधानमंत्री, एक मजबूत गृह मंत्री, एक मजबूत रक्षा मंत्री और एक मजबूत विदेश मंत्री की जरूरत है।
 
ठाकरे की यह टिप्पणी ट्रंप द्वारा भारत से आयातित उत्पादों पर बुधवार को अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क लगाने के बाद आई है, जिससे कुल शुल्क 50 प्रतिशत हो गया है। यह कदम भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद जारी रखने के लिए दंड स्वरूप उठाया गया है।

ट्रंप को मोदी का संदेश : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को परोक्ष रूप से संदेश देते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत अपने किसानों, मछुआरों और डेयरी क्षेत्र से जुड़े लोगों के हितों से कभी समझौता नहीं करेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर आवश्यक हुआ, तो वह व्यक्तिगत रूप से इसकी भारी कीमत चुकाने के लिए तैयार हैं।
 
ट्रंप द्वारा भारतीय वस्तुओं पर शुल्क (टैरिफ) बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने के एक दिन बाद प्रधानमंत्री का यह बयान आया है, जबकि दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर चर्चा कर रहे हैं। यह व्यापार समझौता भारत के कृषि और डेयरी बाजार तक अधिक पहुंच की अमेरिका की मांग के बीच हो रहा है।
 
अमेरिका मक्का, सोयाबीन, सेब, बादाम और इथेनॉल जैसे उत्पादों पर शुल्क कम करने के साथ-साथ अपने डेयरी उत्पादों तक पहुंच बढ़ाने की मांग कर रहा है। हालांकि, भारत इन मांगों का विरोध कर रहा है, क्योंकि इनका सीधा असर किसानों पर पड़ेगा।
edited by : Nrapendra Gupta 
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