1. समाचार
  2. मुख्य ख़बरें
  3. राष्ट्रीय
  4. Major changes likely at the GST Council meeting

GST में हो सकता है बड़ा बदलाव, क्‍या गिरफ्तारी पर लगेगी रोक? कब होगी Council की अहम बैठक?

Major changes likely at the GST Council meeting
वस्तु एवं सेवा कर (GST) परिषद की 7 अक्टूबर को अहम बैठक होने वाली है, जिसमें वस्तु एवं सेवा कर (GST) 2.0 में बड़ा किया जा सकता है। खबरों के अनुसार, जीएसटी परिषद के सामने केंद्रीय जीएसटी कानून की धारा 69 में बदलाव का प्रस्ताव है। अभी इस धारा के तहत तय शर्तें पूरी होने और निर्धारित अपराध होने का विश्वास करने के आधार पर आयुक्त किसी अधिकारी को गिरफ्तारी की अनुमति दे सकता है। प्रस्ताव के मुताबिक, यह शक्ति कर अधिकारियों से वापस ली जा सकती है। इसके बाद किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करने के लिए अदालत की मंजूरी जरूरी होगी, हालांकि इस प्रस्ताव पर परिषद की मुहर लगना बाकी है।

वस्तु एवं सेवा कर (GST) परिषद की 7 अक्टूबर को अहम बैठक होने वाली है, जिसमें वस्तु एवं सेवा कर (GST) 2.0 में बड़ा किया जा सकता है। खबरों के अनुसार, जीएसटी परिषद के सामने केंद्रीय जीएसटी कानून की धारा 69 में बदलाव का प्रस्ताव है। अभी इस धारा के तहत तय शर्तें पूरी होने और निर्धारित अपराध होने का विश्वास करने के आधार पर आयुक्त किसी अधिकारी को गिरफ्तारी की अनुमति दे सकता है।
प्रस्ताव के मुताबिक, यह शक्ति कर अधिकारियों से वापस ली जा सकती है। इसके बाद किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करने के लिए अदालत की मंजूरी जरूरी होगी। हालांकि इस प्रस्ताव पर परिषद की मुहर लगना बाकी है। प्रस्ताव के मुताबिक, जीएसटी कानून में आपराधिक कार्रवाई से जुड़े 24 अपराधों के प्रावधानों को नरम करने, 9 अपराधों को पूरी तरह हटाने और 11 अपराधों को मौजूदा रूप में बनाए रखने पर विचार किया जा रहा है।

न्यूनतम सजा का प्रावधान हटाने का प्रस्ताव भी है, ताकि अदालत हर मामले में कैद की सजा देने के लिए बाध्य न हो। इसके अलावा, सजा की एक श्रेणी में अधिकतम कैद की अवधि तीन साल से घटाकर दो साल करने की बात है। जीएसटी लागू होने के समय 1 जुलाई 2017 को फर्जी बिल और कर चोरी पकड़ना मुश्किल था। रिटर्न में दर्ज हर बिल का दूसरे पक्ष के रिकॉर्ड से मिलान करना आसान नहीं था।
इसलिए गिरफ्तारी की शक्ति को डर पैदा करने वाले उपाय के रूप में शामिल किया गया था। अब व्यवस्था में विक्रेता की ओर से दर्ज जानकारी और खरीदार की ओर से दावा किए गए इनपुट टैक्स क्रेडिट का मिलान किया जा सकता है। इससे फर्जी क्रेडिट का पता शुरुआती स्तर पर लगाने और उसे आगे बढ़ने से रोकने में मदद मिलती है। सरकार अब इसी तकनीकी व्यवस्था के आधार पर जांच मजबूत करने और टैक्स, ब्याज व जुर्माने के जरिएकार्रवाई करने पर जोर दे रही है।

इसके साथ ही, कर चोरी से जुड़े अपराधों में आपराधिक मुकदमा शुरू करने की सीमा एक करोड़ रुपए से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपए करने का प्रस्ताव है। वित्त वर्ष की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) में सकल जीएसटी संग्रह 11.6 प्रतिशत बढ़कर 12.46 लाख करोड़ रुपए से अधिक रहा। इस दौरान शुद्ध संग्रह 10.4 प्रतिशत बढ़कर 10.66 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो गया।
 

जीएसटी (Goods and Services Tax) भारत में 1 जुलाई 2017 से विभिन्न वस्तुओं और सेवाओं पर लगाया जाता है।

जीएसटी के मुख्य प्रकार
CGST: केंद्र सरकार द्वारा वसूला जाने वाला कर
SGST: राज्य सरकार द्वारा वसूला जाने वाला कर
IGST: अंतर-राज्यीय व्यापार पर एकीकृत कर
UTGST: केंद्र शासित प्रदेशों के लिए कर
 
वर्तमान कर स्लैब
0%: दूध, ताजी सब्जियां और अनाज
5%: पैकेटबंद खाद्य पदार्थ और बुनियादी वस्तुएं
18%: अधिकांश मानक सेवाएं और वस्तुएं
40%: विलासिता और अस्वास्थ्यकर उत्पाद
अगला लेख
बनबसा में पहली बार हुई धामी कैबिनेट की बैठक, दर्जनों महत्वपूर्ण निर्णयों पर लगी मुहर