दिल्ली में प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी पर भड़के सोनम वांगचुक, अनशन और पदयात्रा की दी चेतावनी
Sonam Wangchuk warning: एसआईआर (SIR) में अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देश भर में चल रहे प्रदर्शनों और आंदोलनों के बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सरकार को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि हिरासत में लिए गए नेताओं को जल्द रिहा नहीं किया गया तो वे इसके खिलाफ अनशन या पदयात्रा करेंगे। उन्होंने इस पूरे मामले की तुलना अघोषित आपातकाल से की है।
दरअसल, दिल्ली में सीजेपी के 10 अक्टूबर को प्रदर्शन के मद्देनजर बड़ी संख्या में नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया है। जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए पहुंचे प्रमुख नेताओं की अचानक हुई गिरफ्तारियों के बाद सियासी पारा चढ़ गया है। आंदोलन की अगुवाई कर रहे प्रमुख चेहरों को हिरासत में लिए जाने के बाद लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद सोनम वांगचुक ने स्थिति को 'अघोषित आपातकाल' करार दिया है।
INDIA IN A STATE OF UNDECLARED EMERGENCY... Yesterday when I posted a message appealing for unity & peace in today's protest I had never imagined that the biggest democracy in the world would be under an undeclared EMERGENCY. I was happy there were so many leaders to lead the movement, but I now learn that they have all been arrested. I hope those arrested will be released soon. I will be compelled to consider an Anshan Fast or Padyatra March if they are not released by tomorrow. #JantarMantar #protest #CJP #CEC #sonamwangchuk
— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) October 10, 2026
उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा कि जनता से शांति और एकजुटता के साथ प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की गई थी। इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को इस तरह अघोषित आपातकाल जैसी स्थितियों का सामना करना पड़ेगा। ALSO READ: 'जितनी पुलिस बुलानी है बुला लीजिए, हम पीछे नहीं हटेंगे...' राहुल गांधी का मोदी सरकार पर बड़ा हमला
कई नेता हिरासत में
उन्होंने कहा कि इस बात की खुशी है कि इस जन-आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए देश के कई बड़े नेता आगे आए थे। लेकिन बेहद दुखद है कि उन सभी नेताओं को हिरासत में ले लिया गया। नेताओं की इस तरह हुई अचानक गिरफ्तारी से समर्थकों और कार्यकर्ताओं में भारी रोष व्याप्त है। ALSO READ: दिल्ली में CJP प्रोटेस्ट पर भड़के संबित पात्रा, मोदी बनाम मीर जाफर की लड़ाई बताया
वांगचुक की सरकार को चेतावनी
सरकार और प्रशासन को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए वांगचुक ने कहा है कि हिरासत में लिए गए नेताओं को जल्द से जल्द रिहा किया जाए। यदि उनको जल्द रिहा नहीं किया गया तो मुझे आमरण अनशन या देशव्यापी 'पदयात्रा' शुरू करने पर मजबूर होना पड़ेगा। ALSO READ: अभिजीत दीपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका हिरासत में, कौन संभाल रहा है CJP Protest की कमान?
उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आप संयोजक अरविन्द केजरीवाल, सीजेपी नेता अभिजीत दिपके, सौरभ दास, आशुतोष रांका समेत 3000 से ज्यादा लोगों को दिल्ली पुलिस हिरासत में लिया है। 10 अक्टूबर के प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली में जंतर-मंतर के आसपास के इलाके में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।

