होल्कर स्टेडियम में लगेगा रनों का अंबार, टॉस और पिच पर दोनों कप्तानों की नजर
INDvsWI भारत और वेस्टइंडीज के बीच रविवार को होने वाले तीसरे टी-20 मैच में दोनों टीमों की नजरें यह मुकाबला जीतकर सीरीज में बढ़त बनाने पर होगी। सीरीज अभी 1-1 से बराबरी पर है, इसलिए दोनों टीमें बढ़त बनाने और 2-1 से आगे निकलने का प्रयास करेंगी, ताकि वे सीरीज जीतने से बस एक जीत दूर रह जाएं।
भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती रांची में सामने आई कमियों को दूर करना होगा, जहां उनके गेंदबाज वेस्टइंडीज की आक्रामक बल्लेबाजी को रोकने में नाकाम रहे थे, जबकि उनके पास बचाव के लिए एक मजबूत स्कोर था। दूसरे मैच में जीत दर्ज कर पांच मैचों की सीरीज को 1-1 से बराबर करने वाली आत्मविश्वास से भरी वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों के सामने एक बार फिर से भारतीय गेंदबाजों की परीक्षा होगी।
दूसरे टी-20 ने एक बार फिर याद दिलाया कि सबसे छोटे प्रारूप में मुकाबला कितनी तेजी से बदल सकता है।लक्ष्य का पीछा करना प्रभावशाली था, लेकिन जिस तरह से इसे हासिल किया गया, वह भारतीय टीम प्रबंधन के लिए चिंता का विषय होगा।भारत के लिए समस्या केवल अधिक रन लुटाने की नहीं है, बल्कि साझेदारी को निर्णायक बनने से पहले तोड़ने के तरीके खोजने की भी है।
जबरदस्त फ़ॉर्म में चल रहे बल्लेबाजों के खिलाफ, गेंदबाज एक ही तरह की लेंथ या बार-बार एक जैसी विविधता का इस्तेमाल नहीं कर सकते, जिनका आसानी से अंदाज़ा लगाया जा सके। लाइन और लेंथ में अनुशासन, पेस में असरदार बदलाव और समझदारी से फील्ड प्लेसमेंट बहुत ज़रूरी होंगे, खासकर आखिरी ओवरों में।
होल्कर स्टेडियम में लगेगा रनों का अंबार
होल्कर स्टेडियम में भी चुनौती उतनी ही मुश्किल हो सकती है, क्योंकि यह मैदान बल्लेबाजी के लिए अनुकूल परिस्थितियों और छोटी बाउंड्री के लिए जाना जाता है। पिच से शॉट खेलने के अच्छे मौके मिलने की उम्मीद है, हालांकि मैच के समय पिच का असली बर्ताव साफ हो पाएगा। अगर हालात बल्लेबाजों के पक्ष में हों, तो भारतीय गेंदबाजों को पिच से मदद की उम्मीद करने के बजाय अपनी सटीकता और रणनीतिक समझ पर भरोसा करना होगा।
भारत की बल्लेबाजी आत्मविश्वास का एक बड़ा स्रोत बनी हुई है। घरेलू टीम ने दिखाया है कि उनमें हाई-स्कोरिंग मैचों में प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता है, लेकिन उनकी बल्लेबाजी की ताकत को अधिक प्रभावी गेंदबाजी प्रदर्शन के साथ पूरक होना चाहिए।छोटी बाउंड्री होने के कारण अंतिम ग्यारह से एक स्पिन गेंदबाज हटाकर नीतिश कुमार रेड्डी लाया जा सकता है। संभावना है कि वह नमनधीर ही होंगे।
भारतीय शीर्ष क्रम को यह भी पता होगा कि वेस्टइंडीज की टीम के खिलाफ एक और बड़ा स्कोर बनाना पड़ सकता है, जिसका आत्मविश्वास रांची की जीत के बाद बढ़ा है। मेजबान टीम पावरप्ले में एक मजबूत मंच स्थापित करने, मध्य ओवरों के लिए विकेट बचाने और पारी के अंत की ओर तेजी लाने की कोशिश करेगी। साथ ही, उन्हें मेहमान टीम को मुकाबले की गति तय करने से रोकना होगा।
इस बीच, वेस्टइंडीज अपनी सफल चेज से मिली लय को आगे बढ़ाने का प्रयास करेगा। उनके लिए चुनौती भारतीय आक्रमण के खिलाफ उस प्रदर्शन को दोहराना होगा, जिससे अधिक तत्परता के साथ प्रतिक्रिया की उम्मीद है।टीम शिमरन हिटमायर की जगह आमिर जांगू को मौका देकर देख सकती है जिनका एकदिवसीय दौरा शानदार गया था।
मध्य ओवर विशेष रूप से महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। भारत को वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों की लय को बाधित करने के लिए अपने स्पिनरों और तेज गेंदबाजों की आवश्यकता होगी, जबकि मेहमान टीम लगातार विकेट गंवाए बिना स्कोरिंग दर बनाए रखने का प्रयास करेगी। जो टीम इस चरण को अधिक प्रभावी ढंग से संभालती है, उसे अंतिम ओवरों में निर्णायक बढ़त मिल सकती है।
टॉस होगा बड़ा फैक्टर
पिच की स्थिति और मौजूदा मौसम के आधार पर टॉस भी रणनीतिक दृष्टिकोण को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, कोई भी पक्ष केवल बल्लेबाजी की परिस्थितियों या पीछा करने की संभावना पर निर्भर नहीं रह सकता है। ऐसे प्रारूप में जहां कुछ ही गेंदों में मैच बदल सकता है, दबाव में क्रियान्वयन निर्णायक कारक बना रहता है। खबर यह भी है कि रसायनिक तत्व का स्राव करने के कारण ओस को कम करने का प्रयास किया गया है। शहर में गर्मी है और शाम को हल्की सी ठंड पड़ने लग गई है। ऐसे में ओस का असर न्यनतम हो सकता है।
भारत के लिए, रविवार का मुकाबला रांची में मिली हार का जवाब देने और यह दिखाने का अवसर है कि उनका गेंदबाजी आक्रमण टी-20 क्रिकेट में सबसे आक्रामक बल्लेबाजी लाइन-अप में से एक के खिलाफ लगातार दबाव का सामना कर सकता है।
वहीं दूसरी ओर, वेस्टइंडीज इंदौर में भी अपना आत्मविश्वास बनाए रखने और सीरीज में आगे बढ़ने की कोशिश करेगी।तीसरा टी-20 मैच रविवार को शाम सात बजे शुरू होगा। कागज पर भारत वेस्टइंडीज से आगे है लेकिन पिछले मुकाबले के बाद सिर्फ थोड़ा सा।
भारत: श्रेयस अय्यर (कप्तान), ईशान किशन, संजू सैमसन (विकेटकीपर), नमन धीर, वैभव सूर्यवंशी, तिलक वर्मा (उपकप्तान), अभिषेक शर्मा, शिवम दुबे, नितीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, प्रिंस यादव, रवि बिश्नोई, मयंक यादव।
वेस्टइंडीज: शाई होप (कप्तान और विकेटकीपर), ज्वेल एंड्रयू (विकेटकीपर), शिमरोन हेटमायर, आमिर जांगू (विकेटकीपर), कामिल पूरन, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, क्वेंटिन सैम्पसन, रोस्टन चेज़, कीमो पॉल, रोमारियो शेफर्ड, शमर स्प्रिंगर, मैथ्यू फोर्ड, अकील होसेन, शमर जोसेफ, गुडाकेश मोती।
समय:- शाम 7:00 बजे
कहां देखें- स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क या जियो हॉटस्टार पर
दूसरे टी-20 ने एक बार फिर याद दिलाया कि सबसे छोटे प्रारूप में मुकाबला कितनी तेजी से बदल सकता है।लक्ष्य का पीछा करना प्रभावशाली था, लेकिन जिस तरह से इसे हासिल किया गया, वह भारतीय टीम प्रबंधन के लिए चिंता का विषय होगा।भारत के लिए समस्या केवल अधिक रन लुटाने की नहीं है, बल्कि साझेदारी को निर्णायक बनने से पहले तोड़ने के तरीके खोजने की भी है।
जबरदस्त फ़ॉर्म में चल रहे बल्लेबाजों के खिलाफ, गेंदबाज एक ही तरह की लेंथ या बार-बार एक जैसी विविधता का इस्तेमाल नहीं कर सकते, जिनका आसानी से अंदाज़ा लगाया जा सके। लाइन और लेंथ में अनुशासन, पेस में असरदार बदलाव और समझदारी से फील्ड प्लेसमेंट बहुत ज़रूरी होंगे, खासकर आखिरी ओवरों में।
होल्कर स्टेडियम में भी चुनौती उतनी ही मुश्किल हो सकती है, क्योंकि यह मैदान बल्लेबाजी के लिए अनुकूल परिस्थितियों और छोटी बाउंड्री के लिए जाना जाता है। पिच से शॉट खेलने के अच्छे मौके मिलने की उम्मीद है, हालांकि मैच के समय पिच का असली बर्ताव साफ हो पाएगा। अगर हालात बल्लेबाजों के पक्ष में हों, तो भारतीय गेंदबाजों को पिच से मदद की उम्मीद करने के बजाय अपनी सटीकता और रणनीतिक समझ पर भरोसा करना होगा।
भारत की बल्लेबाजी आत्मविश्वास का एक बड़ा स्रोत बनी हुई है। घरेलू टीम ने दिखाया है कि उनमें हाई-स्कोरिंग मैचों में प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता है, लेकिन उनकी बल्लेबाजी की ताकत को अधिक प्रभावी गेंदबाजी प्रदर्शन के साथ पूरक होना चाहिए।छोटी बाउंड्री होने के कारण अंतिम ग्यारह से एक स्पिन गेंदबाज हटाकर नीतिश कुमार रेड्डी लाया जा सकता है। संभावना है कि वह नमनधीर ही होंगे।
भारतीय शीर्ष क्रम को यह भी पता होगा कि वेस्टइंडीज की टीम के खिलाफ एक और बड़ा स्कोर बनाना पड़ सकता है, जिसका आत्मविश्वास रांची की जीत के बाद बढ़ा है। मेजबान टीम पावरप्ले में एक मजबूत मंच स्थापित करने, मध्य ओवरों के लिए विकेट बचाने और पारी के अंत की ओर तेजी लाने की कोशिश करेगी। साथ ही, उन्हें मेहमान टीम को मुकाबले की गति तय करने से रोकना होगा।
इस बीच, वेस्टइंडीज अपनी सफल चेज से मिली लय को आगे बढ़ाने का प्रयास करेगा। उनके लिए चुनौती भारतीय आक्रमण के खिलाफ उस प्रदर्शन को दोहराना होगा, जिससे अधिक तत्परता के साथ प्रतिक्रिया की उम्मीद है।टीम शिमरन हिटमायर की जगह आमिर जांगू को मौका देकर देख सकती है जिनका एकदिवसीय दौरा शानदार गया था।
टॉस होगा बड़ा फैक्टर
पिच की स्थिति और मौजूदा मौसम के आधार पर टॉस भी रणनीतिक दृष्टिकोण को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, कोई भी पक्ष केवल बल्लेबाजी की परिस्थितियों या पीछा करने की संभावना पर निर्भर नहीं रह सकता है। ऐसे प्रारूप में जहां कुछ ही गेंदों में मैच बदल सकता है, दबाव में क्रियान्वयन निर्णायक कारक बना रहता है। खबर यह भी है कि रसायनिक तत्व का स्राव करने के कारण ओस को कम करने का प्रयास किया गया है। शहर में गर्मी है और शाम को हल्की सी ठंड पड़ने लग गई है। ऐसे में ओस का असर न्यनतम हो सकता है।
भारत के लिए, रविवार का मुकाबला रांची में मिली हार का जवाब देने और यह दिखाने का अवसर है कि उनका गेंदबाजी आक्रमण टी-20 क्रिकेट में सबसे आक्रामक बल्लेबाजी लाइन-अप में से एक के खिलाफ लगातार दबाव का सामना कर सकता है।
भारत: श्रेयस अय्यर (कप्तान), ईशान किशन, संजू सैमसन (विकेटकीपर), नमन धीर, वैभव सूर्यवंशी, तिलक वर्मा (उपकप्तान), अभिषेक शर्मा, शिवम दुबे, नितीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, प्रिंस यादव, रवि बिश्नोई, मयंक यादव।
वेस्टइंडीज: शाई होप (कप्तान और विकेटकीपर), ज्वेल एंड्रयू (विकेटकीपर), शिमरोन हेटमायर, आमिर जांगू (विकेटकीपर), कामिल पूरन, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, क्वेंटिन सैम्पसन, रोस्टन चेज़, कीमो पॉल, रोमारियो शेफर्ड, शमर स्प्रिंगर, मैथ्यू फोर्ड, अकील होसेन, शमर जोसेफ, गुडाकेश मोती।
समय:- शाम 7:00 बजे
कहां देखें- स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क या जियो हॉटस्टार पर

