Sonam Wangchuk News: 'क्या मुझे कैरेक्टर सर्टिफिकेट लेना होगा?' अनशन पर उठे सवालों पर भड़के वांगचुक
अनशन समाप्त होने के बाद ईमानदारी पर उठ रहे सवालों पर एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भड़क गए। उन्होंने सवाल किया कि छात्रों के लिए 26 दिन तक भूखा रहने के बाद, 11 किलो वजन कम हो गया, मसल्स चले गए और मेरे ऑर्गन्स और ब्रेन डैमेज हो गए। क्या उन्हें किसी से कैरेक्टर सर्टिफिकेट लेना होगा? ALSO READ: PM मोदी ने छात्रों के लिए जारी किया एक और वीडियो, बोले- Thank you friends
सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल तोड़ने पर एक बयान जारी करते हुए कहा कि छात्रों के लिए 26 दिन तक भूखा रहने के बाद, 11 किलो वज़न कम हो गया, मसल्स चले गए और मेरे ऑर्गन्स और ब्रेन ऐसे डैमेज हो गए हैं जिन्हें ठीक नहीं किया जा सकता, और यह सब लद्दाख की कड़ाके की ठंड से आने के बाद दिल्ली की चिलचिलाती धूप में ये सब करने के बाद, क्या मुझे किसी से कैरेक्टर सर्टिफिकेट लेना होगा कि मेरा अनशन कितना पवित्र था।
उन्होंने कहा कि मैंने किसके हाथों अनशन तोड़ा, क्या डील हुई? मैं किसी को दोष नहीं दूंगा क्योंकि आप में से ज्यादातर लोगों को यह नहीं पता कि मैं किन हालात से गुजरा हूं, मेरा परिवार पिछले एक-दो हफ्तों में किन हालात से गुजरा है। इसलिए किसी की भी बात सुनने से पहले, उनका बैकग्राउंड जरूर देखें। क्या उन्हें कोई नाराजगी है? क्या वे किसी ऐसी पॉलिटिकल पार्टी से हैं जिसे दूसरी पॉलिटिकल पार्टी से नाराजगी है, या वे कोई न्यूट्रल इंसान हैं? अगर वे न्यूट्रल हैं, तो उनकी बात जरूर सुनें। मैं उनके जवाब देने की कोशिश करूंगा। ALSO READ: NEET पेपर लीक विवाद के बीच शिक्षा मंत्रालय का बड़ा एक्शन, NTA के 47 अधिकारियों पर कार्रवाई
AFTER 26 DAYS OF HUNGER DO I NEED TO PROVE MY SINCERITY !!!
— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) July 24, 2026
Do please watch and help spread the word. Find the full 22 minutes video on my YouTube Channel: Sonam Wangchuk pic.twitter.com/6CO3tjZsSD
इस बीच मीडिया खबरों में दावा किया गया है कि सोनम का अनशन तुड़वाने में कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने बड़ी भूमिका निभाई। उन्होंने ही सरकार और वांगचुक के बीच के गतिरोध को खत्म कराया। तन्खा पहले भी वांगचुक के NSA मामले में सुप्रीम कोर्ट में उनकी ओर से पैरवी कर चुके हैं।
गौरतलब है कि NEET पेपर लीक के खिलाफ वांगचुक 26 दिन से भूख हड़ताल पर थे। उन्होंने गुरुवार देर रात 12:30 बजे अपना अनशन खत्म कर दिया। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल पहुंचे और वांगचुक को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया।
सरकार ने स्वीकार की 3 मांगें
छात्रों पर नहीं होगी कानूनी कार्रवाई: जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले या 20 जुलाई को संसद चलो मार्च में शामिल होने वाले छात्रों और युवाओं के खिलाफ कोई भी कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।
पीड़ित परिवारों को मुआवजा: पेपर लीक की घटना की वजह से जान गंवाने वाले 20 से अधिक बच्चों के परिवारों को सरकार उचित मुआवजा देगी।
संसद में होगी पूरी बहस: देश की संसद में इस पूरे मुद्दे, परीक्षा प्रणाली में सुधार और शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की जवाबदेही तय करने पर विस्तार से बहस और चर्चा होगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। ALSO READ: पेपर लीक पर मोदी सरकार का बड़ा फैसला, कैबिनेट ने सख्त कानून के मसौदे को दी मंजूरी, दोषियों को मिलेगी कड़ी सजा
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर नहीं मिला आश्वासन
सोनम वांगचुक ने कहा कि सरकार इस बात का कोई आश्वासन नहीं दे सकी कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा कब होगा। उनके पास दो रास्ते थे- या तो वे कई हफ्तों तक भूख हड़ताल जारी रखते जिससे उनकी जान जा सकती थी, या फिर अनशन समाप्त करते। पिछले 2-3 हफ्तों से हजारों लोग उनसे कह रहे थे कि संघर्ष को आगे बढ़ाने के लिए उनका जीवित रहना जरूरी है।

