जंतर-मंतर पर इस्तीफे का दावा करने वाला पुलिसकर्मी निकला निलंबित, उत्तराखंड पुलिस ने खोली शेर सिंह की पूरी फाइल
दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के नेतृत्व में चल रहे प्रदर्शन के दौरान इस्तीफा देने का दावा कर सुर्खियों में आए उत्तराखंड पुलिस के पूर्व कांस्टेबल शेर सिंह को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। उत्तराखंड पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शेर सिंह पहले से ही निलंबित हैं और वह वर्तमान में सक्रिय सेवा में नहीं हैं। इतना ही नहीं, उन पर अवैध जमीन कब्जाने से जुड़े मामले में जेल जाने का भी रिकॉर्ड है।
24 जुलाई को जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन के दौरान शेर सिंह मंच पर पहुंचे और एक कागज लहराते हुए उसे अपना इस्तीफा पत्र बताया। इसके बाद उनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। हालांकि, उत्तराखंड पुलिस ने कहा कि शेर सिंह पहले ही सेवा से निलंबित किए जा चुके हैं और उनका इस्तीफा देने का दावा भ्रामक है।
— Voice of Uttarakhand (@voiceof_uk) July 24, 2026
अवैध जमीन कब्जाने का गंभीर मामला
पुलिस के अनुसार, हरिद्वार जिले में शेर सिंह के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामला दर्ज है। उन पर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की जमीन पर अवैध कब्जा कराने, लोगों को धमकाने और एक संगठित गिरोह के साथ मिलकर गैरकानूनी गतिविधियों को बढ़ावा देने के आरोप हैं। इसी मामले में वह पहले जेल भी जा चुके हैं।
बिना अनुमति ड्यूटी से थे गायब
कुमाऊं रेंज की आईजी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि शेर सिंह 28 जून 2026 से पिथौरागढ़ जिले में बिना अनुमति ड्यूटी से अनुपस्थित थे। इस संबंध में पिथौरागढ़ के पुलिस अधीक्षक (SP) ने उन्हें नोटिस जारी किया था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिलने पर 20 जुलाई 2026 को उन्हें निलंबित कर दिया गया।
आईजी ने कहा कि शेर सिंह का छात्रों को प्रदर्शन के लिए उकसाने वाला वीडियो वायरल हो रहा है। उनके खिलाफ पहले से आपराधिक रिकॉर्ड मौजूद है और उनके हालिया बयान को लेकर विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी प्रक्रिया भी चल रही है।

