पहलगाम आतंकी हमले पर NIA की बड़ी कार्रवाई, 7 आरोपियों के खिलाफ 1,597 पन्नों की चार्जशीट, LeT और TRF भी शामिल
पहलगाम आतंकी हमले के करीब 8 महीने बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। चार्जशीट में 5 व्यक्तियों के साथ-साथ पाकिस्तान स्थित दो आतंकी संगठनों- लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और उसके सहयोगी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) को आरोपी बनाया गया है।
NIA द्वारा दाखिल 1,597 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट में हमले की साजिश, योजना, क्रियान्वयन और लॉजिस्टिक सपोर्ट का पूरा खाका पेश किया गया है। एजेंसी का आरोप है कि इस नरसंहार की साजिश पाकिस्तान की धरती से रची गई और इसमें LeT तथा TRF की सक्रिय भूमिका रही।
जांच एजेंसी के अनुसार लश्कर-ए-तैयबा का वरिष्ठ कमांडर साजिद जट्ट पहलगाम हमले का मुख्य हैंडलर था। साजिद जट्ट कई नामों- सैफुल्लाह, नुमी, नुमान, लंगड़ा, अली साजिद, उस्मान हबीब और शानी- से काम करता रहा है। उसे अक्टूबर 2022 में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत 'व्यक्तिगत आतंकवादी' घोषित किया गया था।
चार्जशीट में तीन पाकिस्तानी आतंकियों- सुलेमान शाह, हबीब ताहिर उर्फ जिब्रान और हमजा अफगानी- का भी जिक्र है, जो इस साल जुलाई में श्रीनगर के पास एक पुलिस मुठभेड़ में मारे गए थे। जांच में इन्हें पहलगाम हमले के प्रमुख ऑपरेटिव के रूप में चिन्हित किया गया है।
इसके अतिरिक्त NIA ने परवेज अहमद और बशीर अहमद को भी आरोपी बनाया है, जिन्हें 22 जून को गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि इन दोनों ने तीनों आतंकियों को पनाह दी थी। पूछताछ के दौरान उन्होंने आतंकियों के पाकिस्तानी होने और उनके LeT से जुड़े होने की पुष्टि की थी।
किन धाराओं में दर्ज किया गया मामला
सभी आरोपियों के साथ-साथ LeT और TRF पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023, आर्म्स एक्ट, 1959 और UAPA, 1967 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने से जुड़े आरोप भी लगाए गए हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि साजिद जट्ट इस समय इस्लामाबाद में लश्कर-ए-तैयबा के मुख्यालय से ऑपरेट कर रहा है। उसे TRF का ऑपरेशनल चीफ बताया गया है और वह भर्ती, आतंकी फंडिंग और जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की घुसपैठ में गहराई से शामिल रहा है।
सुरक्षा एजेंसियां साजिद जट्ट को कश्मीर में सक्रिय आतंकी नेटवर्क का सबसे खतरनाक चेहरा मानती हैं। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक साजिद जट्ट हाल के वर्षों में कई बड़े आतंकी हमलों से जुड़ा रहा है, जिनमें 2023 का धांगरी नरसंहार, मई 2024 में पुंछ में भारतीय वायुसेना के काफिले पर हमला और जून 2024 का रियासी बस हमला शामिल है। उस पर घाटी में सक्रिय तथाकथित हाइब्रिड आतंकियों को लॉजिस्टिक और ऑपरेशनल समर्थन देने का भी आरोप है। Edited by : Sudhir Sharma