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Last Modified: नई दिल्ली , शनिवार, 7 मार्च 2026 (17:45 IST)

अमेरिकी दावे पर भारत का पलटवार, कहा- रूसी तेल खरीदने के लिए इजाजत की जरूरत नहीं

India's counterattack on US claim
India's counterattack on US claim : भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए अमेरिका की ओर से 30 दिनों की छूट के ऐलान के बाद भारत ने कड़ा पलटवार किया है। खबरों के अनुसार, अमेरिका के इस दावे पर भारत सरकार ने साफ कहा है कि राष्ट्रीय हित में जहां से मन होगा, वहां से तेल खरीदेगा और रूसी तेल खरीदने के लिए इजाजत की जरूरत नहीं। साथ ही भारत ने कहा कि वह रूस से तेल का आयात जारी रखेगा। सरकार ने कहा कि ईरान अमेरिका इसराइल युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर तनाव बना हुआ है, ऐसे में भारत सबसे बेहतर कीमतों की पेशकश करने वाले किसी भी देश से कच्चा तेल खरीदना जारी रखेगा।

रूस से तेल का आयात जारी रहेगा

भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए अमेरिका की ओर से 30 दिनों की छूट के ऐलान के बाद भारत ने कड़ा पलटवार किया है। अमेरिका के इस दावे पर भारत सरकार ने साफ कहा है कि राष्ट्रीय हित में जहां से मन होगा, वहां से तेल खरीदेगा और रूसी तेल खरीदने के लिए इजाजत की जरूरत नहीं।
साथ ही भारत ने कहा कि वह रूस से तेल का आयात जारी रखेगा। भारत ने आज यह भी पुष्टि की है कि वह अमेरिका की ओर से दी गई अस्थाई छूट के बाद भी रूस से तेल आयात करना जारी रखेगा। यह छूट मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के कारण दी गई थी।
 

भारत कभी किसी देश की अनुमति पर निर्भर नहीं रहा 

सरकार ने कहा कि ईरान अमेरिका इसराइल युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर तनाव बना हुआ है। ऐसे में भारत सबसे बेहतर कीमतों की पेशकश करने वाले किसी भी देश से कच्चा तेल खरीदना जारी रखेगा। भारत ने अपने कच्चे तेल के स्रोत 27 से बढ़ाकर 40 देशों तक विविधीकृत किए हैं, जिससे आपूर्ति के कई वैकल्पिक मार्ग सुनिश्चित हुए हैं। सरकार ने कहा, भारत रूसी तेल खरीदने के लिए कभी किसी देश की अनुमति पर निर्भर नहीं रहा है। रूस भारत का सबसे बड़ा कच्चा तेल आपूर्तिकर्ता बना रहेगा। 

रूस ने भारत को दिया बड़ा भरोसा

अमेरिका-इसराइल और ईरान में छिड़ी जंग के बीच रूस ने एक बार फिर भारत को तेल की आपूर्ति करने का भरोसा दिया है। भारत अरसे से रूस से सस्ता क्रूड ऑयल मंगाता रहा है। रूस ने एक बार फिर कहा है कि अगर भारत को तेल और गैस की आपूर्ति को लेकर किल्लत हुई तो वह भारत को उसकी कुल एनर्जी डिमांड को पूरा करेगा। रूस ने यह भरोसा फिर से तब दिया है, जब अमेरिका-इसराइल और ईरान के बीच युद्ध छिड़ा हुआ है।

30 दिन की मोहलत को लेकर अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने दी सफाई 

ईरान पर इसराइल और अमेरिका के हमले के बीच दुनिया में तेल की आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बढ़ी है। इस बीच, अमेरिका ने भारत को 30 दिन तक रूसी तेल ख़रीदने की छूट दे दी है, लेकिन इस क़दम के पीछे क्या रणनीति थी, इसके बारे में अमेरिका के ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने सफाई दी है।

उन्होंने कहा कि यह अस्थाई कद़म है, जिसका मक़सद ईरान के साथ बढ़ते संघर्ष के कारण कच्चे तेल के बाज़ार पर पड़ रहे दबाव को कम करना है। दरअसल, अमेरिका ने इससे पहले रूसी तेल ख़रीदने को लेकर भारत पर दंडात्मक टैरिफ़ लगा दिया था।

नहीं बढ़ेंगे पेट्रोल और डीजल के दाम

ईरान पर हमले के बाद वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के बावजूद देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल और गैस की कीमतों पर अब तक इसका असर नहीं पड़ा है। भारत सरकार ने कहा कि अब वे सिर्फ कतर के ऊपर गैस के भरोसे नहीं है, बल्कि नए बाजार की तलाश की जा रही है। फिलहाल उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि निकट भविष्य में भी कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना नहीं है।
Edited By : Chetan Gour
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