India-US Trade Deal : डोनाल्ड ट्रंप की ‘दादागिरी’ पर भारी पड़ी अजित डोभाल की रणनीति, सीक्रेट मीटिंग से कैसे ठंडे पड़े थे US के तेवर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 फरवरी को एक ऐतिहासिक व्यापार समझौते (Trade Deal) की घोषणा कर पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। पिछले एक साल से तनावपूर्ण चल रहे दोनों देशों के रिश्तों में यह एक बड़ा और सकारात्मक यू-टर्न माना जा रहा है। इस बीच ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट सामने आई है। इसमें भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच हुई एक सीक्रेट मीटिंग के बारे में बताया गया है।
ट्रंप लूटना चाहते हैं वाहवाही
रिपोर्ट तब और महत्वपूर्ण हो गई हो गई जब ट्रंप ने भारत-US ट्रेड डील की घोषणा करने में जल्दबाजी की। और उनके सहयोगियों ने इसे अमेरिका की एक बड़ी जीत बताकर वाहवाही लूटने की कोशिश की। ट्रंप ने इस डील की घोषणा समय से पहले कर दी और इसे अमेरिकी कृषि क्षेत्र की जीत बताया जबकि, भारत ने कृषि और डेयरी जैसे सेक्टरों को अपनी रेड लाइन माना है।
हम ट्रंप का कार्यकाल खत्म होने का करेंगे इंतजार
रिपोर्ट में बताया गया है कि मीटिंग में डोभाल ने रुबियो से कहा था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके सहयोगियों से भारत डरने वाला नहीं है। भारत ट्रेड डील के लिए ट्रंप का कार्यकाल खत्म होने का इंतजार करने को तैयार है। डोभाल ने मीटिंग में रुबियो को कहा कि हम चाहते हैं कि ट्रंप और उनके साथी भारत की पब्लिक में बुराई कम करें ताकि वे रिश्ते वापस पटरी पर ला सकें।
पीएम मोदी की पुतिन और शी से मुलाकातों का असर
एक्सपर्ट्स का मानना है कि पीएम मोदी की पुतिन और शी जिनपिंग के साथ हालिया मुलाकातों ने अमेरिका को यह संकेत दिया कि भारत के पास विकल्प मौजूद हैं। साथ ही नए अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की नियुक्ति ने भी इस जमी हुई बर्फ को पिघलाने में अहम भूमिका निभाई। Edited by : Sudhir Sharma