अमेरिका-ईरान युद्ध से शेयर बाजार में भूचाल, सेंसेक्स 2372 अंक टूटा, निवेशकों के लाखों करोड़ डूबे
Share Market Review Market ki Baat : अमेरिका इजराइल और ईरान के बीच चल रही भीषण जंग की वजह से इस हफ्ते भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट हुई। चार कारोबारी दिनों वाले इस हफ्ते में भारतीय शेयर बाजार 3 दिन नकारात्मक रहा। सेंसेक्स में 2372 अंकों की गिरावट आई तो निफ्टी भी 728 अंक गिर गया। इससे निवेशकों के लाखों करोड़ रुपए स्वाहा हो गए। जानिए मार्केट ट्रेड और निवेशकों के लिए कैसा रहेगा आने वाला सप्ताह।
कैसी रही सेंसेक्स और निफ्टी की चाल
हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को सेंसेक्स 1,048 अंक टूटकर 80,238 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी 313 अंक गिरकर 24,865 पर बंद हुआ। मंगलवार को होली की वजह से शेयर बाजार बंद रहे। बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली हुई। सेंसेक्स 1,127 अंक की भारी गिरावट के साथ 79,116 के स्तर पर आ गया, वहीं निफ्टी भी 385 से ज्यादा अंक फिसलकर 24,481 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स गुरुवार को 900 अंक बढ़कर 80,016 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी 285 अंक की बढ़त के साथ 24,766 पर बंद हुआ। सेंसेक्स शुक्रवार को 1,097 अंक टूटकर 78,919 के स्तर पर आ गया। निफ्टी भी 315 अंक टूटकर 24,450 पर बंद हुआ।
ईरान स्टॉक एक्सचेंज बंद
अमेरिका और इजराइल के हमले से ईरान को भारी नुकसान हुआ। भारी तबाही के बाद सरकार ने ईरान स्टॉक एक्सचेंज को अनिश्चिकाल के लिए बंद कर दिया। बताया जा रहा है कि स्थिति सामान्य होने के बाद ही शेयर बाजार में काम शुरू हो पाएगा।
इन फैक्टर्स से तय हुई बाजार की चाल
बाजार विशेषज्ञ मनीष उपाध्याय ने बताया कि अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के खिलाफ छेड़े गए युद्ध की वजह से इस हफ्ते शेयर बाजार में भारी गिरावट हुई। विदेशी निवेशकों ने इस दौरान जमकर बिकवाली की। अमेरिकी शेयर बाजारों से कमजोर संकेत और एशियाई बाजारों में सुस्ती ने भी निवेशकों का भरोसा कम किया। क्रूड ऑइल की कीमतें बढ़ने के बाद निवेशकों ने निवेश के बजाए नकदी को प्राथमिकता दी। युद्ध काल में निवेशकों की दिलचस्पी सेफ हैवन माने जाने वाले सोने में भी कम ही दिखाई दी।
कैसा रहेगा अगला हफ्ता
उपाध्याय के अनुसार, आने वाले हफ्ते में भी भारतीय शेयर बाजार दबाव में रहने की संभावना है। अगर बाजार 24350 का लेवल तोड़ता है तो इसमें नई गिरावट आ सकती है। ऊपर में 24900 का बेस मजबूत दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि बाजार फिलहाल नकारात्मक धारणा बनी हुई है। फिलहाल तो यु्द्ध के जल्द खत्म होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। युद्ध खत्म होने के बाद भी बाजार में एक बार मुनाफा वसूली की स्थिति बन सकती है।
अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।
लेखक के बारे में
नृपेंद्र गुप्ता
नृपेंद्र गुप्ता पिछले 21 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में सक्रिय हैं। प्रिंट एवं डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य का अनुभव। वर्तमान में वेबदुनिया की न्यूज टीम में सहायक संपादक के रूप में कार्यरत हैं।
अनुभव : नृपेंद्र गुप्ता 2 दशक से ज्यादा समय से प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया में कार्य....
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