Hamid Ansari : पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के बयान पर क्यों मचा सियासी घमासान, BJP ने किसलिए लिया राहुल गांधी का नाम
पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के एक बयान को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। अंसारी ने एजी नूरानी मेमोरियल लेक्चर को संबोधित करते हुए भारत में हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता को कम्युनिज्म से बड़ा खतरा बताया। उन्होंने अपने संबोधन में एजी नूरानी की किताब ‘The RSS: A Menace to India’ का हवाला देते हुए जवाहरलाल नेहरू के एक कथित पुराने कथन को भी उद्धृत किया।
अंसारी ने कहा कि नूरानी ने अपनी किताब की प्रस्तावना में भारत में मुस्लिम समुदाय की मौजूदा भावना के संदर्भ में नेहरू के एक कथन का उल्लेख किया था। उनके अनुसार, नेहरू ने कहा था कि भारत के लिए खतरा कम्युनिज्म नहीं, बल्कि हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता है।
BJP ने हामिद अंसारी पर साधा निशाना
हामिद अंसारी के बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि अंसारी की टिप्पणी राहुल गांधी के निर्देश पर आई है। भंडारी ने राहुल गांधी के 2009 के एक बयान का भी संदर्भ दिया और कांग्रेस पर हिंदू संगठनों को लेकर इसी तरह का रुख अपनाने का आरोप लगाया।
बीजेपी नेताओं ने इस बयान को लेकर कांग्रेस और उसके राजनीतिक विचारों पर भी सवाल उठाए। हालांकि, राहुल गांधी या कांग्रेस की ओर से इस विशेष आरोप पर प्रतिक्रिया का उल्लेख इस रिपोर्ट में नहीं है।
महमूद गजनवी पर भी पहले हो चुका है विवाद
हामिद अंसारी इससे पहले महमूद गजनवी को लेकर दिए गए एक कथित बयान पर भी बीजेपी के निशाने पर आ चुके हैं। जनवरी 2026 में एक इंटरव्यू में अंसारी ने इतिहास की किताबों में विदेशी आक्रमणकारियों के रूप में वर्णित कुछ लोगों को ‘भारतीय लुटेरा’ बताया था। उन्होंने कहा था कि राजनीतिक रूप से यह कहना सुविधाजनक है कि उन्होंने भारत को नष्ट किया, लेकिन उनके अनुसार वे भारत से बाहर से नहीं आए थे। इस बयान के बाद बीजेपी नेताओं ने अंसारी की आलोचना की थी।

